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दिल्ली मेरी दिल्ली

नेतागिरी भी गजब होती है। हर कदम वोट बैंक को ध्यान में रखकर, जहां वोट बैंक न हो वहां न तो नेताजी नजर आते ना ही उनकी कोई टोली।

Author नई दिल्ली | November 23, 2020 6:07 AM
दिल्ली मेरी दिल्ली।

नेता दिखे नाखुश
राजधानी में लोक आस्था का महापर्व छठ को सार्वजनिक तौर पर मनाने पर दिल्ली सरकार ने प्रतिबंध लगा दिया। हालांकि, यह प्रतिबंध कोरोना के प्रकोप को देखते हुए लगाया गया था। इस फैसले का सत्ता दल के पूर्वांचली नेताओं ने खुले तौर पर तो नहीं, लेकिन दबे जुबान गलत बताया। मौके की नजाकत को भांपते हुए पूर्वांचल के नेताओं ने इसका तोड़ निकाल लिया और वह लोगों से यह अपील करते दिखे कि दिल्ली सरकार का यह फैसला आपके और आपके परिवार की भलाई के लिए है। पर कहते हैं ना कि जनता है, राजनीतिक दल के नेताओं के सभी दांव पेंच को समझती है।

लोगों का कहना है कि जब यही नेता लोगों के बीच में जाकर बैठक करते हैं। कार्यक्रमों में हिस्सा लेते हैं तो उस वक्त भौतिक दूरी का ख्याल नहीं रखा जाता। बीते दिनों सत्ता दल के नेताओं ने सिविक सेंटर के बाहर प्रदर्शन किया था, जिसमें भौतिक दूरी की जमकर धज्जियां उड़ाई गई थी, लेकिन लोक अस्था के महापर्व के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि लोग भीड़भाड़ ना लगाएं, जबकि सत्ता दल हो या फिर विपक्ष के नेता आए दिन धरना प्रदर्शन किसी ना किसी मुद्दे के खिलाफ करते हैं।

नेताजी गायब
नेतागिरी भी गजब होती है। हर कदम वोट बैंक को ध्यान में रखकर, जहां वोट बैंक न हो वहां न तो नेताजी नजर आते ना ही उनकी कोई टोली। बीते दिनों छठ पर यह बात सटीक बैठती नजर आई। आम दिनों में जब घाट पर भीड़ उमड़ती दिखती थी तो नेताओं की टोली माइक लेकर लोगों के बीच मौजूद रहती। इस बार कोरोना ने घाट छुड़वाया तो नेताजी भी साथ छोड़ गए। किसी ने सुध नहीं ली।

दरअसल वौट बैंक एक जगह इकट्ठा था नहीं तो नेताजी पहुंचते कैसे। दो चार वोट के लिए वे अपना टाइम क्यों खराब करें भला। किराड़ी विधानसभा के अगरनगर के सूने पड़े घाट पर मौजूद स्थानीय लोगों के बीच यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बनता नजर आया। एक ने तो यहां तक अचरच भरी बात कह दी कि नेताजी को तो छोड़िए उनके पोस्टर तक के इस बार कहीं दर्शन नहीं हो रहे।

जुर्माने की चर्चा
दिल्ली वालों को कोरोना संक्रमण नहीं जुर्माने का डर ज्यादा है। यही वजह है कि कोरोना काल में मास्क नहीं लगाने पर दो हजार रुपए की घोषणा भर के बाद ही बाजारों में आज कल सिर्फ दो हजार के जुर्माने की चर्चा है। हालत यह है कि छोटी-छोटी गलियों व मोहल्ले में डर के मारे अब लोग मास्क लगा रहे हैं और घर से बाहर जाने वालों को भी टोक रहे हैं।

कॉपी पेस्ट का दौर
प्रदेश भाजपा में आज कल कॉपी पेस्ट का दौर चल रहा है। यह मजेदार किस्सा हाल ही में मुख्यमंत्री को विज्ञापन वाला मुख्यमंत्री बताने वाले ट्वीट में देखने को मिला। सबसे पहले पूर्वी दिल्ली के सांसद गौतम गंभीर ने कोरोना के हालात पर अरविंद केजरीवाल को घेरते हुए ट्वीट किया जिसमें केंद्र सरकार से मदद की गुहार लगाई और नीचे लिखा आपका विज्ञापन वाला मुख्यमंत्री। 15 मिनट बाद ही यह ट्वीट प्रदेश अध्यक्ष के खाते से सार्वजनिक हुआ और इस विज्ञापन वाले मुख्यमंत्री का ट्वीट पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को दे दिया।

-बेदिल

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