पंजाबी संगीत और बॉलीवुड की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने वाले दिलजीत दोसांझ ने हाल ही में पंजाब की राजनीति में आने के प्रस्ताव को साफ तौर पर ठुकरा दिया। हालांकि इस चर्चा के बीच एक और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है कि दिलजीत दोसांझ अब भारतीय नागरिक नहीं हैं। जानकारी के अनुसार उन्होंने वर्ष 2022 में अमेरिका की नागरिकता हासिल कर ली थी और तब से वह अमेरिकी पासपोर्ट का इस्तेमाल कर रहे हैं।
बताया गया है कि 1 सितंबर 2022 से दिलजीत दोसांझ अमेरिकी पासपोर्ट पर यात्रा कर रहे हैं। उनका आखिरी भारतीय पासपोर्ट वर्ष 2018 में मुंबई से जारी हुआ था। इससे पहले उनका एक भारतीय पासपोर्ट जाम्बिया से भी जारी किया गया था। उनकी पत्नी संदीप कौर भी अमेरिका की नागरिक हैं। अमेरिकी नागरिकता लेते समय दिलजीत ने कैलिफोर्निया के एक पॉश इलाके में स्थित अपने बड़े बंगले का पता दर्ज कराया था। यह बंगला लगभग 3107 वर्गमीटर क्षेत्र में फैला हुआ बताया जाता है।
सूत्रों के मुताबिक दिलजीत पिछले कुछ समय से ई-वीजा के जरिए भारत आ रहे हैं। कहा जा रहा है कि सितंबर 2022 के बाद से वह इसी माध्यम से भारत की यात्रा कर रहे हैं। इसका मतलब यह भी माना जा रहा है कि उनके पास ओसीआई कार्ड नहीं है।
पिछले शनिवार को पंजाब के कुछ रिटायर्ड आईएएस अधिकारियों, पूर्व रक्षा कर्मियों और पेशेवर लोगों के एक समूह ने एक अखबार में बड़ा विज्ञापन जारी कर दिलजीत दोसांझ से पंजाब की राजनीतिक कमान संभालने की अपील की थी। विज्ञापन में कहा गया था कि लगातार सरकारों के कारण पंजाब की स्थिति कमजोर हो गई है और राज्य को नए नेतृत्व की जरूरत है।
लेकिन दिलजीत दोसांझ ने इस प्रस्ताव को तुरंत अस्वीकार कर दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “कदे वी नहीं। मेरा काम लोगों का मनोरंजन करना है। मैं अपने काम में बहुत खुश हूं। धन्यवाद।”
कानूनी रूप से भी अगर वह भविष्य में राजनीति में आने का फैसला करें, तो उन्हें भारतीय नागरिकता दोबारा हासिल करनी होगी। भारतीय नागरिकता कानून की धारा 6 के अनुसार किसी विदेशी नागरिक को भारतीय नागरिकता लेने के लिए कई शर्तें पूरी करनी होती हैं। इनमें भारत में तय समय तक रहना भी शामिल है।
हाल ही में खालिस्तान समर्थक और भारत में प्रतिबंधित संगठन ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ के नेता गुरपतवंत सिंह पन्नून ने भी दिलजीत को धमकी दी थी। यह विवाद कनाडा के वैंकूवर और कैलगरी में हुए उनके कार्यक्रमों के दौरान खालिस्तान समर्थकों को लेकर दिए गए उनके बयान के बाद सामने आया।
6 जनवरी 1984 को जालंधर के दोसांझ कलां गांव में जन्मे दिलजीत दोसांझ ने 2004 में अपने संगीत करियर की शुरुआत की थी। बाद में उन्होंने पंजाबी फिल्मों और बॉलीवुड में भी बड़ी सफलता हासिल की। फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ में उनके अभिनय को काफी सराहा गया और उन्हें फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिला। वर्ष 2020 में वह बिलबोर्ड सोशल 50 चार्ट में पहुंचने वाले पहले भारतीय कलाकार बने थे।
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गायक दिलजीत दोसांझ अक्सर सुर्खियों का हिस्सा बने रहते हैं। कभी अपने कॉन्सर्ट को लेकर, तो कभी उनके बयान वायरल हो जाते हैं। अब वह राजनीति में शामिल होने को लेकर चर्चा में बने हुए हैं। दरअसल, सिंगर कभी भी पंजाब के मुद्दों पर बोलने से पीछे नहीं हटे हैं। वे अपने राज्य से जुड़े जरूरी मामलों पर खुलकर अपनी राय रखते हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिक
