Shashi Tharoor News: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रक्रिया पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि एसआईआर की वजह से बड़े पैमाने पर वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने से चुनाव परिणाम प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के दौरान वोटर लिस्ट से लगभग 91 लाख नाम हटा दिए गए। इनमें से लगभग 34 लाख लोगों ने अपील की और कहा कि वे वास्तविक मतदाता हैं। थरूर ने कहा कि मतदान से पहले इनमें से केवल कुछ ही अपीलों की जांच की गई थी, जबकि मतदान के समय ज्यादातर अपीलें अनसुलझी ही रहीं।

स्टैनफोर्ड इंडिया कॉन्फ्रेंस के दौरान ‘इंडिया, दैट इज भारत’ गोलमेज सम्मेलन में बोलते हुए थरूर ने कहा, “एसआईआर के मामले में, मैंने जो कहा है, वह एक जायज सवाल है जिसका जवाब देना जरूरी है। बंगाल का मामला देखिए। 91 लाख नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए। उनमें से 34 लाख लोगों ने अपील की है, उनका कहना है कि वे जिंदा हैं और उन्हें वोट देने का पूरा अधिकार है। नियमों के अनुसार, हर एक मामले का अलग-अलग निपटारा होना चाहिए, इसलिए मतदान से पहले केवल कुछ सौ मामलों का ही निपटारा हो सका। आज तक, लगभग 31-32 लाख लोग ऐसे हैं जिन्हें सुनवाई जारी रहने के दौरान आने वाले सालों में वैध मतदाता पाया जा सकता है, लेकिन वे वोट देने का मौका चूक गए हैं।”

बीजेपी ने बंगाल में कितनी सीटें जीतीं

पश्चिम बंगाल विधानसभा के 2026 चुनावों में बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत हासिल करते हुए 207 सीटें जीतीं और तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन का अंत कर दिया। टीएमसी को चुनावों में 80 सीटें मिलीं। थरूर ने लंबित मतदाता अपीलों की संख्या पर सवाल उठाते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी की लगभग 30 लाख वोटों की जीत का अंतर अनसुलझी मतदाता अपीलों की संख्या के लगभग बराबर है।

कांग्रेस नेता ने कहा, “और भाजपा ने बंगाल में 30 लाख वोटों के अंतर से जीत हासिल की। ​​अब आप ही बताइए, क्या यह पूरी तरह से निष्पक्ष और लोकतांत्रिक है? यही सवाल मैं पूछता हूं। सच कहूं तो, मुझे फर्जी, हटाए गए, अनुपस्थित या पलायन कर चुके मतदाताओं को हटाने में कोई आपत्ति नहीं है।”

केरल को लेकर क्या बोले शशि थरूर?

केरल के बारे में थरूर ने कहा कि डुप्लिकेट वोटर रजिस्ट्रेशन हटाने से राज्य में कांग्रेस को फायदा हो सकता है। उन्होंने दावा किया कि अतीत में दोहरे, तिहरे और यहां तक ​​कि कई वोटर रजिस्ट्रेशन के मामले सामने आए थे।

उन्होंने कहा, “खासकर केरल में, मुझे लगता है कि कांग्रेस को नाम हटाने से फायदा हुआ क्योंकि सीपीएम लंबे समय से दोहरी, तिहरी, चौगुनी नामांकन प्रक्रिया में माहिर थी। एक ही व्यक्ति चार अलग-अलग बूथों पर नामांकन कराता था। ऐसा होता रहता था। इसलिए उन्हें एसआईआर के जरिये हटा दिया गया और जैसा कि आपने कहा, केरल और तमिलनाडु में बहुत कम अपीलें आईं। लेकिन बंगाल में, इसमें कोई शक नहीं कि 34 लाख अपीलें आईं। ये 34 लाख व्यक्तियों द्वारा भरे गए 34 लाख फॉर्म हैं और उनमें से केवल कुछ सौ मामलों की ही सुनवाई हुई है।” इस बार अकेले केरल में कांग्रेस ने 63 सीटें जीती हैं। बीजेपी को 3 सीटें मिलीं।

शशि थरूर ने दिए अहम संकेत

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम से लोकसभा सांसद शशि थरूर ने केरल विधानसभा चुनाव में संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) की ऐतिहासिक जीत को लेकर अहम राजनीतिक संकेत दिए हैं। उनके अनुसार यह परिणाम न सिर्फ केरल की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत है, बल्कि इसका असर राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी गठबंधन ‘INDIA Bloc’ की दिशा और रणनीति पर भी पड़ सकता है। पढ़ें पूरी खबर…