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भांडा फूटने से पहले दूसरे देश की नागरिकता लेने गए थे नीरव मोदी, पर मिला इनकार

पंजाब नेशनल बैंक द्वारा नीरव और उनके मामा मेहुल चौकसी की कंपनियों के खिलाफ शिकायत किए जाने के बाद भारतीय एजेंसियां उनके खिलाफ जांच कर रही हैं। बैंक का आरोप है कि दोनों ने बैंक क साथ 13,600 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की है।

Nirav Modiवानुअतु आइसलैंड की नागरिकता लेने के लिए नीरव मोदी ने पिछले साल नवंबर में अपने निजी अकाउंट से 1.95 लाख डॉलर वानुअतु सरकार के 18 अथॉराइज्ड एजेंटों में एक के खाते में ट्रांसफर किए थे। ये एजेंट निवेश प्रोग्राम के जरिए लोगों को अपना यहां की नागरिकता देते हैं।

13,600 करोड़ रुपए का बैंक घोटाला सार्वजनिक होने से करीब तीन महीना पहले हीरा कारोबारी नीरव मोदी ने वानुअतु की नागरिकता लेने की कोशिश की थी। वानुअतु, दक्षिण प्रशांत महासागर में स्थित एक आइसलैंड है। इस बात की जानकारी इंडियन एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से दी है। जानकारी के मुताबिक वानुअतु आइसलैंड की नागरिकता लेने के लिए नीरव मोदी ने पिछले साल नवंबर में अपने निजी अकाउंट से 1.95 लाख डॉलर वानुअतु सरकार के 18 अथॉराइज्ड एजेंटों में एक के खाते में ट्रांसफर किए थे। ये एजेंट निवेश प्रोग्राम के जरिए लोगों को अपना यहां की नागरिकता देते हैं। एजेंट को लाखों रुपए देने के बाद वहां की सरकार ने नीरव मोदी की खुफिया जांच की और उनके खिलाफ प्रतिकूल निष्कर्ष यानी adverse findings का पता चला। इससे वानुअतु सरकार ने उनके नागरिकता के आवदेन को अस्वीकार कर दिया। ये जानकारी सूत्रों के हवाले से हैं।

वानुअतु लॉ फर्म इंडिगेन लॉयर्स के मैनेजिंग पार्टनर और नीरव मोदी के आवेदन की प्रकिया पर काम करने वाले जस्टिन नावेले ने बताया, ‘हीरा कारोबारी नीरव मोदी द्वारा 1.95 लाख डॉलर का भुगतान वानुअतु की मानद नागरिता लेने की फीस थी। इसके बाद सरकारी वित्तीय खुफिया इकाई (FIU) ने उनकी खुंफिया जांच की। जिसमें नीरव मोदी के खिलाफ प्रतिकूल निष्कर्ष निकले। इसपर उनके आवेदन पर विचार नहीं किया गया। यहां बता दें कि जस्टिन नावेले ये जानकारी इंडियन एक्सप्रेस को ईमेल के जरिए दी है।

बता दें कि वानुअतु, मानद नागरिकता प्रोग्राम के तहत यहां दूसरी या दोहरी नागरिकता की सुविधा देता है। लोग वानुअतु में निवेश के जरिए यहां की नागरिकता हासिल कर सकते हैं। जानकारी के मुताबिक यहां की नागरिकता लेने के लिए एक शख्स को 1.6 लाख डॉलर का भुगतान करना होता है। इसके अलावा अतिरिक्त 5,000 डॉलर की फीस वित्तीय खुफिया इकाई (FIC) द्वारा शख्स की जांच के दौरान की जाने वाले परिश्रम के रूप में देनी होती है।

गौरतलब है कि पंजाब नेशनल बैंक द्वारा नीरव और उनके मामा मेहुल चौकसी की कंपनियों के खिलाफ शिकायत किए जाने के बाद भारतीय एजेंसियां उनके खिलाफ जांच कर रही हैं। बैंक का आरोप है कि दोनों ने बैंक क साथ 13,600 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की है। पीएनबी ने 29 जनवरी को सीबीआई में दी शिकायत में इस बात की जानकारी दी थी।

खास बात यह है कि बैंक ने महीने के तीसरे सप्ताह में धोखधड़ी का पता लगाया जबकि मेहुल चोकसी और नीरव मोदी जनवरी के पहले सप्ताह में देश छोड़कर जा चुके थे। अभी नीरव मोदी ब्रिटेन में हैं और जून में वहां की नागरिकता के लिए आवेदन किया है जबकि मामा मेहुल चोकसी एंटीगुआ के नागरिक है।

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