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फड़णवीस का गुपचुप शपथ लेना, महाराष्ट्र के इतिहास का काला दिन, बीजेपी ने लांघी सारी शर्मिंदगी की हदें: अहमद पटेल

पटेल ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘जब मुख्यमंत्री को गुपचुप तरीके से शपथ दिलाई गई तो न तो बैंड-बाजा था, न ही बराती थे और...यह घटना को महाराष्ट्र के इतिहास में काले अक्षरों में लिखा जाएगा।’’

Author नई दिल्ली | Updated: November 23, 2019 5:18 PM
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल ने शनिवार को कहा कि देवेन्द्र फडणवीस ने जिस ‘‘गुपचुप’’ तरीके से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, उसे राज्य के इतिहास में काले अक्षरों में लिखा जाएगा। पटेल ने आरोप लगाया कि भाजपा ने ‘‘बेशर्मी’’ की सीमा लांघ दी। उन्होंने कहा कि राकांपा अध्यक्ष शरद पवार के भतीजे अजित पवार के साथ हाथ मिलाकर भगवा दल द्वारा सरकार बनाने के बाद लोकतंत्र ‘‘बिखर’’ गया है। पटेल ने कहा कि इस महीने की शुरुआत में राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने भाजपा, शिवसेना और राकांपा को सरकार बनाने के लिए निमंत्रित किया, लेकिन उन्होंने कांग्रेस को सरकार बनाने के लिए निमंत्रण नहीं दिया।

पटेल ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘जब मुख्यमंत्री को गुपचुप तरीके से शपथ दिलाई गई तो न तो बैंड-बाजा था, न ही बराती थे और…यह घटना को महाराष्ट्र के इतिहास में काले अक्षरों में लिखा जाएगा।’’ उन्होंने कहा कि राज्यपाल को सौंपी गई अजित पवार की विधायकों की सूची का ‘‘सत्यापन नहीं’’ किया गया और राज्यपाल ने किसी से बात भी नहीं की।

पटेल ने कहा, ‘‘जिस मनमाने तरीके से शपथ ग्रहण कराई गईए मुझे लगता है कि यह गलत है… उन्होंने बेशर्मी की हदें लांघ दीं।’’ उन्होंने इन आरोपों को भी खारिज कर दिया कि राज्य में शिवसेना और राकांपा के साथ मिलकर सरकार बनाने में कांग्रेस ने विलंब की। उन्होंने कहा, ‘‘ये आरोप निराधार हैं।’’ पटेल ने कहा कि तीनों दल राजनीतिक और कानूनी मोर्चे पर लड़ाई लड़ेंगे।

वहीं दूसरी ओर राकांपा अध्यक्ष ने यहां शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘अजित पवार का फैसला अनुशासनहीनता है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) का कोई कार्यकर्ता राकांपा-भाजपा सरकार के समर्थन में नहीं है। भाजपा का समर्थन करने वाले राकांपा विधायकों को पता होना चाहिए कि उनके इस कदम पर दल -बदल विरोधी कानून के प्रावधान लागू होते हैं।’’ उन्होंने कहा कि इन विधायकों के निर्वाचन क्षेत्रों में जब कभी चुनाव होंगे, तो कांग्रेस-राकांपा-शिवसेना उन्हें मिलकर हराएंगी।

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