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सुप्रीम कोर्ट ने रफाल सौदे में निर्णय लेने की प्रक्रिया का विवरण केंद्र से मांगा

वकील विनीत ढांडा ने अपनी याचिका में 36 रफाल लड़ाकू विमान खरीदने के लिए 58,000 करोड़ रुपए के भारत और फ्रांस की कंपनी दसाल्ट एविएशन के बीच हुए समझौते को लेकर न्यायिक हस्तक्षेप का अनुरोध किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। (express photo)

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को केंद्र से कहा कि फ्रांस सरकार के साथ हुए रफाल सौदे में निर्णय लेने की प्रक्रिया का विवरण सीलबंद लिफाफे में 29 अक्टूबर तक पेश करे। अदालत ने यह भी साफ कर दिया कि उसे इसकी कीमत और तकनीकी विवरण के बारे में जानकारी नहीं चाहिए। प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति केएम जोसेफ के पीठ ने यह साफ किया कि वह केंद्र को औपचारिक नोटिस जारी नहीं कर रहा है क्योंकि उसने दो वकीलों द्वारा अलग-अलग दायर जनहित याचिकाओं में कथित भ्रष्टाचार के आरोपों पर विचार नहीं किया है।

अदालत इस मामले में अब 31 अक्तूबर को आगे विचार करेगी। इस मामले पर सुनवाई शुरू होते ही पीठ ने केंद्र से पूछा कि यदि वह रफाल लड़ाकू विमानों के तकनीकी विवरण और कीमतों के बगैर ही निर्णय लेने की प्रक्रिया का विवरण मांगे तो क्या होगा। केंद्र की ओर से अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि इस सौदे का विवरण राष्ट्रहित और रक्षा सामान खरीद की प्रक्रिया में शामिल दूसरे मुद्दों के मद्देनजर किसी को भी दिखाया नहीं जा सकता है। उन्होंने कहा कि रफाल सौदा राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है और ऐसे मुद्दों की न्यायिक समीक्षा नहीं की जा सकती है।

केंद्र ने इन जनहित याचिकाओं का विरोध करते हुए उन्हें खारिज करने का अनुरोध किया और कहा कि सिर्फ राजनीतिक लाभ लेने के लिए ये दाखिल की गई हैं। अदालत रफाल विमान सौदे को लेकर दायर कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। इन याचिकाओं में रफाल सौदे के ब्योरे और यूपीए व राजग सरकार के कार्यकाल के दौरान सौदे की तुलनात्मक कीमतों का विवरण सीलबंद लिफाफे में शीर्ष अदालत को सौंपने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।

याचिकाएं जिनपर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है

’कांग्रेस नेता और आरटीआइ कार्यकर्ता तहसीन पूनावाला ने रफाल लड़ाकू विमान सौदे के संबंध में दायर अपनी जनहित याचिका वापस ले ली है।
’वकील विनीत ढांडा ने अपनी याचिका में 36 रफाल लड़ाकू विमान खरीदने के लिए 58,000 करोड़ रुपए के भारत और फ्रांस की कंपनी दसाल्ट एविएशन के बीच हुए समझौते को लेकर न्यायिक हस्तक्षेप का अनुरोध किया है।
’वकील मनोहर लाल शर्मा ने भी एक याचिका दायर कर रफाल सौदे पर रोक लगाने और भारत व फ्रांस सरकार के बीच हुआ समझौता रद्द करने का अनुरोध किया है।
’‘आप’ सांसद संजय सिंह ने भी एक याचिका शीर्ष अदालत में दायर कर रखी है, जिसमें इस सौदे की अदालत की निगरानी में विशेष जांच दल से जांच कराने का अनुरोध किया गया है।

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