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भारत की अर्थव्यवस्था पर नोटबंदी का असर नहीं, अब भी सबसे तेजी से आगे बढ़ने वाला देश, चीन दूसरे नंबर पर

भारत अब भी दुनिया की सबसे तेजी से आगे बढ़ती अर्थव्यवस्था बनी हुई है।

2015-16 में भारत की अर्थव्यवस्था 7.6 प्रतिशत थी वहीं 2014-15 में यह 7.2 प्रतिशत रही।

भारत अब भी दुनिया की सबसे तेजी से आगे बढ़ती अर्थव्यवस्था बनी हुई है। नोटबंदी और उसके बाद लोगों को हुई परेशानी को देखते हुए यह काफी हैरान करने वाला है। हालांकि, भारत की विकास दर अक्टूबर-दिसंबर की तिमाही में सात प्रतिशत ही रही। यह पिछली तिमाही से कम है। पिछली तिमाही में यह विकास दर 7.4 रही थी। 2016-17 में जीडीपी की वृद्धि दर 7.1 प्रतिशत पर रहने का अनुमान है जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 7.9 प्रतिशत रही थी। वहीं भारत का पड़ोसी देश चीन दिंसबर वाली तिमाही में भारत से पीछे रहा। इस तिमाही में उसकी विकास दर 6.8 प्रतिशत रही।

इस मामले पर आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने कहा कि नोटबंदी का प्रभाव सीमित और बेहद कम वक्त के लिए था। वह अर्थव्यस्था के 7 प्रतिशत रहने पर संतुष्ट भी थे। उन्होंने कहा कि नये नोटों को चलन में लाने की प्रक्रिया में अच्छी प्रगति हुई और यह अब पूरी हो गयी है। शक्तिकांत दास ने आगे कहा कि अब बैंकों से नकदी की कमी की कोई शिकायत नहीं है। एटीएम में कमी की कुछ शिकायतें हैं और रिजर्व बैंक, वित्तीय सेवा और बैंक इसे देख रहे हैं। दास ने कहा, ‘नोटबंदी के तथाकथित नकारात्मक प्रभाव के बारे में जो चीजें बढ़ा-चढ़ाकर कही जा रही थीं। यह जानकर काफी संतुष्टि हुई कि ऐसा कुछ नहीं हैं क्योंकि भारत अभी भी 7 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्ज करने वाला देश बना हुआ है…।’

पीएम मोदी ने 8 नवंबर को नोटबंदी का ऐलान किया था। उसमें 500 और 1000 के नोटों को बंद कर देने का ऐलान किया गया था। उस वक्त भारत में मौजूद कुल करेंसी का 86 प्रतिशत हिस्सा इन्हीं नोटों के रूप में था। तब कई लोगों को बिजनेस में नुकसान हो रहा था। अंदाजा था कि इस बार भारत की जीडीपी गिर जाएगी।

नोटबंदी के बावजूद भारत की विकास दर 7 प्रतिशत पर बरकरार; चीन दूसरे नंबर पर

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