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राम रहीम के इस करीबी का जेल में हुआ कत्‍ल, नेताओं में है हड़कंप

बिट्टू के घर के पास कोटकपूरा में डेरा सिरसा की शाखा, जहां उसका शव रखा गया था, पंजाब का एक सिनेमा हॉल है, जिसका निर्माण बिट्टू की देखरेख में किया गया था। सिनेमा हॉल केवल डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की फिल्मों की स्क्रीनिंग के लिए था।

Author चंडीगढ़ | June 25, 2019 3:12 PM
मोहिंद्र पाल सिंह बिट्टू और राम रहीम। (Express Photo)

डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी और 2015 में धार्मिक ग्रंथ अपमान मामले के आरोपी मोहिंद्र पाल सिंह बिट्टू का अंतिम संस्कार सोमवार की शाम में पंजाब के कोटकपुरा में कर दिया गया। दो दिन पहले पंजाब के नाभा जेल में शनिवार की शाम बिट्टू की हत्या मनिंदर सिंह और गुरसेवक सिंह नामक कैदी ने कर दी थी। हत्या के बाद डेरा और मृतक के परिवारवालों के साथ जिला प्रशासन की कई दौर की बैठक के बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया। शुरूआत में वे बिट्टू और डेरा के अन्य अनुयायियों के खिलाफ दर्ज मामले (धार्मिक ग्रंथ के अपमान का आरोप) को रद्द करने को लेकर अड़े हुए थे। सोमवार को डेरा के प्रतिनिधियों ने कहा कि उनकी अधिकांश मांगे मान ली गई है।

राम रहीम के इस करीबी का जेल में कत्ल के बाद नेताओं के बीच हड़कंप मचा हुआ है। बात तीन साल पुरानी वर्ष 2016 की है। मोहिंदर पाल बिट्टू ने डेरा अनुयायी गुरदेव सिंह के पार्थिव शरीर के साथ पांच दिवसीय धरना का नेतृत्व किया था, जिनकी हत्या 2015 के घटनाओं में संदिग्धों के बीच उनके नाम के बाद की गई थी। इसके बाद मृतक की पत्नी को पुलिस विभाग में नौकरी दी गई थी। बिट्टू को मालवा क्षेत्र के डेरा अनुयायियों के बीच ही नहीं बल्कि राजनेताओं, पुलिस अधिकारियों और नौकरशाहों के बीच भी जाना जाता था। वह डेरा सच्चा सौदा की प्रमुख 45 सदस्यीय समिति में थे।

बिट्टू के घर के पास कोटकपूरा में डेरा सिरसा की शाखा, जहां उसका शव रखा गया था, पंजाब का एक सिनेमा हॉल है, जिसका निर्माण बिट्टू की देखरेख में किया गया था। सिनेमा हॉल केवल डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की फिल्मों की स्क्रीनिंग के लिए था। बिट्टू के भाई सुरिंदर मनचंदा कहते हैं, “वह न केवल कोटकपुरा, बल्कि पूरे पंजाब में हमारे नेता थे। और यह सिनेमा हॉल उनके नेतृत्व क्षमता का एक उदाहरण है। वे एक सम्मानित व्यक्ति थे। फरीदकोट में तैनात किसी भी राजनेता, पुलिस अधिकारी, नौकरशाह का नाम बताइए। वे सभी बिट्टू को जानते थे। विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के लिए वे अक्सर बिट्टू से मिलते थे। बिट्टू तत्काल सभी समस्याओं का सामाधान करवा देते थे।”

नाम नहीं छापने की शर्त पर डेरा की 45 सदस्यीय समिति का एक प्रतिनिधि ने कहा, “बिट्टू की सिफारिश से पावरकॉम से तुरंत ट्यूबवेल कनेक्शन मिल जाता था। बिट्टू के मामला जाने के बाद पुलिस ‘झूठी एफआईआर’ रद्द कर देती थी। केवल डेरा अनुयायी ही नहीं, बल्कि हर क्षेत्र के लोग बिट्टू के पास अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आते थे क्योंकि वे जानते थे कि बिट्टू का ‘सिफारिश’ उनकी फाइलों को सरकारी कार्यालयों में ले जाएगा। उन्होंने हमेशा अच्छे तरीके से लोगों की मदद की और अपने सामाजिक कार्यों के कारण अर्जित अच्छे विश्वास का कभी गलत इस्तेमाल नहीं किया। शिरोमणि अकाली दल के पूर्व विधायक मंतर सिंह बराड़ और कांग्रेस विधायक कुशदीप सिंह ढिल्लों दोनों 2014 में बिट्टू के बेटे की शादी में शामिल हुए थे। सभी दलों में उनका सम्मान था।” बिट्टू की मौत के बाद राजनेताओं में हड़कंप है। भाजपा जिला अध्यक्ष सुनीता गर्ग एकमात्र राजनेता थीं जिन्होंने उनके अंतिम संस्कार में भाग लिया। बराड़, ढिल्लों और उनकी पार्टी दोनों बिट्टू के दाह संस्कार से दूर रहे।

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