महाराष्ट्र में त्योहारों के दौरान डिस्क जॉकी (DJ) म्यूज़िक और दूसरे प्रदूषण फैलाने वाले साउंड सिस्टम के इस्तेमाल विवाद हुआ था। इसके बाद महा विकास अघाड़ी (MVA) के घटक और दूसरी विपक्षी पार्टियों ने साफ तौर पर खराब DJ का विरोध किया है। हालांकि बीजेपी अभी तक इस बात पर फैसला नहीं ले पाई है कि DJ पर बैन लगाया जाए या नहीं।
आम आदमी पार्टी के शहर अध्यक्ष मुकुंद किरदत ने कहा, “DJ लाउडस्पीकर पर बैन लगाने की मांग को लेकर एंटी-लाउडस्पीकर पुणे सिटिजन्स फोरम रविवार (6 सितंबर) को सुबह 11 बजे बालगंधर्व चौक से PMC हेडक्वार्टर तक एक रैली निकाल रहा है।”
DJ पर बैन का विरोध
एक्टिविस्ट विश्वंभर चौधरी ने अपील करते हुए कहा, “अगर पुणे के लोग DJ नहीं चाहते, तो उन्हें रविवार के मार्च में शामिल होना चाहिए। मार्च के संगठन पुणे के आम नागरिक हैं। यह मार्च किसी राजनीतिक दल पार्टी या विचारधारा का नहीं है, यह पूरी तरह से पुणे के लोगों का है। आपकी पार्टी या विचारधारा चाहे जो भी हो, अगर नागरिक DJ को ना कहना चाहते हैं, तो उन्हें मार्च में शामिल होना चाहिए।”
फड़नवीस ने क्या कहा?
इस बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने पिछले दो दिनों में पुणे में ध्वनि प्रदूषण के बारे में दो बार बात की। लेकिन आने वाले गणेश उत्सव के दौरान DJ म्यूज़िक के इस्तेमाल पर बैन लगाने की मांग पर कोई वादा नहीं किया। उन्होंने फैसला पुणे के लोगों पर छोड़ दिया। उन्होंने कहा, “सभी फैसले लोगों को भरोसे में लेकर लिए जाने चाहिए। त्योहारों में परंपराओं या रीति-रिवाजों को अचानक कानूनों के जरिए नहीं रोका जा सकता। ऐसी प्रथाओं को बंद करने के लिए लोगों को भरोसे में लेकर बीच का रास्ता निकालने की ज़रूरत है, न कि सिर्फ़ कानूनों की धमकी पर भरोसा करने की।”
साथ ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने ध्वनि प्रदूषण को रोकने की जरूरत को भी माना। DJ म्यूज़िक पर बैन का मुद्दा सबसे पहले तब सामने आया जब विद्यानंद बापट नाम के एक आदमी ने पुणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (PMC) और पुलिस की तरफ से रखी गई गणेश फ़ेस्टिवल की तैयारी की मीटिंग में यह मुद्दा उठाया। बापट को गणेश मंडल के कार्यकर्ताओं के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा, जिन्होंने मीटिंग के दौरान उनके साथ धक्का-मुक्की भी की।
क्या है मामला?
यह मुद्दा तब और बढ़ गया जब गुरुवार को एक मराठी न्यूज चैनल से बात करते समय गणेश मंडल के एक पुराने अध्यक्ष ने बापट पर हमला कर दिया। हमले के बावजूद बापट अपनी मांग से पीछे हटने को तैयार नहीं हुए और इस बात पर ज़ोर दिया कि पुणे में न सिर्फ़ DJ म्यूज़िक बल्कि सभी साउंड-एम्प्लीफ़ाइंग इक्विपमेंट पर भी बैन लगाया जाए।
संजय राउत ने किया विरोध
अपनी पार्टी का स्टैंड बताते हुए, शिवसेना (UBT) के प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि पुणे के लोग बापट के स्टैंड का पूरा सपोर्ट करते हैं और वे भी उनके साथ हैं। संजय राउत ने आगे कहा, “मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि एक ऐसे मुद्दे पर ‘पब्लिक डायलॉग’ की ज़रूरत है जिसे वह एक ही दिन में सॉल्व कर सकते हैं।”
संजय राउत ने कहा, “डीजे से भूकंप जैसे झटके आते हैं। सरकार को तुरंत एक्शन लेना चाहिए और फैसला न लेने वाली नहीं रहना चाहिए। राजनीतिक फैसले अक्सर कुछ ही घंटों में हो जाते हैं। DJ म्यूज़िक से जुड़े फैसले में बेवजह देरी की जा रही है।” नागपुर पुलिस कमिश्नर ने DJ म्यूज़िक और लेजर लाइट पर बैन लगा दिया है। इसको लेकर संजय राउत ने आरोप लगाया कि देवेंद्र फडणवीस की महायुति सरकार के समय अलग-अलग शहरों के लिए अलग-अलग नियम थे।
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