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मोदी काल में अब तक सेंट्रल यूनिवर्सिटी के 11 VCs पर गिर चुकी है गाज, 6 को हटाने के लिए सरकार खुद कर चुकी है सिफारिश

दिसंबर 2017 में उत्तराखंड में वाइस-चांसलर जवाहर लाल कॉल को उनके पद से हटाया गया था। खास बात यह थी कि जवाहर लाल कॉल को खुद मोदी सरकार ने ही अप्वाइंट किया था।

DELHI UNIVERSITYदिल्ली यूनिवर्सिटी के वीसी पर काम में लापरवाही बरतने का आरोप लगा।

दिल्ली यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर योगेश त्यागी को बुधवार को राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है। इसके साथ ही प्रशासनिक अनियमितताओं को लेकर उनके खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में अब तक सेंट्रल यूनिवर्सिटी के 11 VCs पर गाज गिर चुकी है। इन विश्वविद्यालयों के वाइस चांसलर को या तो हटा दिया गया या फिर उनसे जबरन इस्तीफा लिया गया या फिर उन्हें छुट्टी पर भेज दिया गया। छह ऐसे मामले भी आए जब सरकार ने उन वाइस चांसलर पर भी कार्रवाई की जिन्हें सरकार ने ही अप्वाइंट किया था।

15 फरवरी 2016 को विश्व-भारती के वाइस चांसलर सुशांत दत्तागुप्ता को उनके पद से हटाया गया था। उस वक्त प्रणब मुखर्जी देश के राष्ट्रपति थे। देश के इतिहास में यह पहला मौका था जब किसी सेंट्रल यूनिवर्सिटी के हेड को इस तरह से हटाया गया था। यूपीए सरकार ने सुशांत दत्तागुप्ता को अप्वाइंट किया था।

इसी साल Pondicherry University के वाइस-चांसलर चंद्र कृष्णमूर्ति पर एकेडमिक फ्रॉड करने का चार्ज लगा और उन्हें उनके पद से हटा दिया गया। यूपीए-2 के कार्यकाल में कृष्णमूर्ति वाइस -चांसलर बनाए गए थे।

दिसंबर 2017 में उत्तराखंड में वाइस-चांसलर जवाहर लाल कॉल को उनके पद से हटाया गया था। खास बात यह थी कि जवाहर लाल कॉल को खुद मोदी सरकार ने ही अप्वाइंट किया था। कॉल पर आरोप लगे थे कि उन्होंने संबंधित कॉलेजों को तय सीमा से ज्यादा सीट बढ़ाने की इजाजत दी थी।

साल 2018 में मणिपुर यूनिवर्सिटी के हेड आद्या प्रसाद पांडेय पर आरोप लगे थे। जांच के बाद पता चला था कि 26 अक्टूबर 2016 से लेकर 30 मई 2018 तक आद्या प्रसाद पांडेय महज 200 दिन ही यूनिवर्सिटी में आए थे। छात्रों ने आरोप लगाया था कि विश्वविद्यालय की पढ़ाई-लिखाई का स्तर कमजोर हो गया है। इसके बाद इसी साल फऱवरी में उन्हें पद से हटा दिया गया।

2 ऐसे मामले भी सामने आए जब वाइस -चांसलर को अपने पद की समय-सीमा पूरी होने से पहले इस्तीफा देना पड़ा।इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के हेड रतन लाल हंगलो ने इसी साल जनवरी के महीने में अपने पद से इस्तीफा दिया। वहीं बिहार के महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी के वीसी अरविंद अग्रवाल ने अक्टूबर 2019 में अपने पद त्याग दिया।

बीएचयू के वीसी जी सी त्रिपाठी को साल 2017 में सरकार ने छुट्टी पर जाने के लिए कह दिया था। छुट्टी पर रहते हुए ही उन्होंने अपना कार्यकाल समाप्त किया।

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