प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 212 किलोमीटर लंबे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन कर दिया। लंबे समय से प्रतीक्षित इस एक्सप्रेसवे के साथ दिल्ली से देहरादून का सफर सिर्फ ढाई घंटे में पूरा हो जाएगा। पीएम ने इस एक्सप्रेसवे के उद्घाटन से पहले देहरादून में रोडशो किया और ऐतिहासिक दात काली मंदिर में पूजा-अर्चना की।

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के अनुसार, यह हाईवे दोनों शहरों के बीच दूरी को 235 किमी से घटाकर 212 किमी कर देगा और पूरी तरह चालू होने पर यात्रा समय वर्तमान 6.5 घंटे से घटकर केवल 2.5 घंटे रह जाएगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अनुसार, इस हाईवे पर गणेशपुर और आशारोड़ी के बीच करीब 20 किमी लंबे हिस्से में 10.97 किमी का पशु अंडरपास बनाया गया है ताकि वन्यजीवों की आवाजाही बिना किसी रुकावट के हो सके।

इसमें एशिया के सबसे बड़े वन्यजीव एलिवेटेड कॉरिडोर में से एक भी शामिल है जिसकी औसत ऊंचाई 6 से 7 मीटर रखी गई है ताकि बड़े से बड़े जानवर भी आसानी से गुजर सकें।

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे रूट

करीब 12,000 करोड़ रुपये की लागत से बना दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर के पास से शुरू होकर देहरादून तक जाता है। यह मार्ग उत्तर प्रदेश के कई शहरों बागपत, बड़ौत, मुजफ्फरनगर, शामली और सहारनपुर से होकर गुजरता है।

इसके साथ हरिद्वार को जोड़ने के लिए एक विशेष सड़क भी बनाई जाएगी। यह एक्सप्रेसवे चारधाम हाईवे से भी जुड़ा हुआ है जो उत्तराखंड के प्रमुख तीर्थ स्थलों को आपस में जोड़ता है।

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे: यात्रा समय

इस एक्सप्रेसवे के साथ दिल्ली और देहरादून के बीच का सफर तेज व आसान हो जाएगा। अभी इस सफर में करीब 6 घंटे का समय लगता है। लेकिन पूरी तरह चालू होने पर दोनों शहरों के बीच की दूरी महज 2.5 घंटे में पूरी हो जाएगी।

ट्रेन और फ्लाइट की तुलना में कम समय

दूसरे ट्रांसपोर्ट मोड से तुलना करें तो एक्सप्रेसवे के साथ दिल्ली और देहरादून के बीच लगने वाला कुल ट्रैवल टाइम सबसे कम होगा।

दोनों शहरों के बीच चलने वाली सबसे फास्ट वंदे भारत एक्सप्रेस करीब 5 घंटे का समय लेती है। वहीं शताब्दी एक्सप्रेस करीब 6 घंटे से ज्यादा क् समय लेती है।

वहीं बात करें फ्लाइट की तो दिल्ली से देहरादून की दूरी 55 मिनट से लेकर 1 घंटे 10 मिनट तक का समय लेती है। हालांकि, इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक जाने और डिपार्चर से पहले एयरपोर्ट पर लगने वाला कुल समय देखें तो ट्रैवल टाइम करीब 4 घंटे तक का हो जाता है। इस लिहाज से देखें तो इस नए एक्सप्रेसवे से सबसे ज्यादा कम समय लगेगा।

100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार

यह हाईवे कम से कम 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ड्राइविंग के लिए डिजाइन किया गया है। देहरादून कनेक्टिविटी के अलावा, इसमें हरिद्वार के लिए एक स्पर (अलग कनेक्टिंग रोड) भी बनाई गई है जिससे चारधाम हाईवे से बेहतर संपर्क मिल सके।

पहला सेक्शन उत्तर-पूर्वी दिल्ली में जाम कम करने के उद्देश्य से बनाया गया है। यह 6 लेन का है और दो हिस्सों में बंटा है। दिल्ली में 14.75 किमी (जिसमें 6.4 किमी एलिवेटेड) और उत्तर प्रदेश में 16.85 किमी (जिसमें 11.2 किमी एलिवेटेड) शामिल है। दूसरा सेक्शन बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर जिलों से होकर गुजरता है। तीसरा सेक्शन चार लेन का है, जो सहारनपुर बाइपास से शुरू होकर गणेशपुर तक जाता है।

चौथा सेक्शन 6 लेन का है जो उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के रिजर्व फॉरेस्ट से गुजरते हुए करीब 20 किमी लंबा है। यह हिस्सा राजाजी नेशनल पार्क से होकर गुजरता है और इसमें एशिया का सबसे लंबा एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर बताया जा रहा है जिसमें 340 मीटर लंबी दात काली सुरंग भी शामिल है। इस सुरंग की ब्रेकथ्रू अगस्त 2022 में हासिल की गई थी।

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर टोल

इस एक्सप्रेसवे पर पांच टोल प्लाज़ा बनाए गए हैं। टोल कलेक्शन अभी शुरू नहीं हुआ है। इस एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक के सुचारू संचालन के लिए 7 इंटरचेंज बनाए गए हैं। इसके अलावा 2 रेल ओवरब्रिज और 10 बड़े पुल भी शामिल हैं।

यात्रियों की सुविधा के लिए 14 वे-साइड सुविधाएं विकसित की जा रही हैं जिनमें रेस्ट एरिया, फूड कोर्ट, फ्यूल स्टेशन और शौचालय जैसी सुविधाएं होंगी ताकि लंबी यात्रा आरामदायक और सुरक्षित बन सके।