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Satya Niketan Building Collapse: लेंटर में छेद कर मजदूरों के लिए पहुंचाया गया पानी, बचाव कार्य खत्म, 2 की मौत

Satya Niketan Building Collapsed: घटनास्थल का वीडियो भी सामने आया है जिसमें दिखाई दे रहा है कि घर का मलबा सड़क पर आ गया है। आगे का हिस्सा पूरी तरह धंस गया है।

सत्य निकेतन,दिल्ली सत्य निकेतन हादसा
दिल्ली के सत्य निकेतन बिल्डिंग में फंसे मजदूरों को निकालते हुए बचावकर्मी(फोटो सोर्स: PTI)।

देश की राजधानी दिल्ली में सोमवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ। बता दें कि साउथ दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत गिरने से 7 मजदूर दब गए थे। यह हादसा तब हुआ जब दोपहर 1.25 बजे मकान में काम चल रहा था। इस हादसे में सभी सात मजदूरों को निकाल लिया गया है। जिनमें से दो ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।

बचाव कार्य के दौरान एनडीआरएफ अधिकारी गोवर्धन बेरवा ने सत्य निकेतन में हुई दुर्घटना को लेकर न्यूज एजेंसी ANI को जानकारी दी थी, “अभी तक जिन लोगों को रेस्क्यू किया गया है उनमें से 2 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। हमारी 25 टीमें लोगों को बचाने में जुटी हुई हैं।” सूचना मिलने के बाद दमकल की छह गाड़ियां मौके पर पहुंचीं हैं।

लेंटर में छेदकर पहुंचाया गया पानी: बता दें कि इमारत में दबे हुए मजदूरों को बाहर निकालने के दौरान दौरान बचावकर्मियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। दरअसल मलबा हटाने के दौरान बचावकर्मियों को पता चला कि लेंटर के नीचे कुछ मजदूर फंसे हुए हैं। तो उन मजदूरों तक पानी पहुंचाने के लिए लेंटर में एक छेद किया गया और फिर उसी के जरिए पानी की बोतलें फंसे मजदूरों तक पहुंचाई गईं।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करके इस हादसे पर दुख जताया। उन्होंने लिखा, “ये हादसा बेहद दुखद है। ज़िला प्रशासन राहत और बचाव के काम में जुटा है। मैं ख़ुद घटना से सम्बंधित हर जानकारी ले रहा हूं।”

दिल्ली फायर सर्विसेज के निदेशक अतुल गर्ग ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, “हमें दोपहर करीब 1:24 बजे सत्य निकेतन बिल्डिंग नंबर 173 में एक घर गिरने की सूचना मिली। जिसके बाद दमकल की छह गाड़ियां मौके पर भेजी गई।” घटना के बाद वहां आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई। मलबे को हटाने के लिए जेसीबी मशीन की मदद ली गई।

वहीं एसडीएमसी मेयर मुकेश सूर्यन ने कहा, “एक घर की मरम्मत होनी थी जिसको लेकर हमारी तरफ से 31 मार्च को एक नोटिस चिपकाया गया था कि इमारत खतरे के क्षेत्र में है। हमने 14 अप्रैल को पुलिस, एसडीएम को भी सूचित किया था।”

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