दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए इमारत हादसे में 7 लोगों की मौत हो चुकी है। सोमवार को दोपहर के वक्त NDRF ने रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म होने की घोषणा भी कर दी। पूरा मलबा हटा लिया गया। मलबे से 12 लोगों का रेस्क्यू किया गया जिसमें से 7 की मौत हो गई। इसमें 5 स्टूडेंट शामिल हैं। एम्स के मुताबिक, 7 सितंबर की तारीख तक 4 लोगों का इलाज चल रहा है।
पुलिस ने इस इमारत के मालिक हरिराम को पकड़ लिया है। उसकी पत्नी और बेटे को भी गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली के एलजी तरनजीत सिंह संधू ने सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना पर एक हाई-लेवल मीटिंग बुलाई थी।
हाई लेवल मीटिंग के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर एमसीडी के डिप्टी कमिश्नर, सुपरिन्टेंडिंग इंजीनियर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, अस्सिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर को निलंबित कर दिया था।
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सत्य निकेतन हादसे को लेकर AAP ने उठाई यह मांग
दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए हादसे को लेकर आम आदमी पार्टी के नेताओं ने सोमवार को एक कैंडल मार्च निकाला। इस हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई है। इस दौरान दिल्ली AAP अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने जवाबदेही और छात्रों के लिए बेहतर रहने की सुविधा की मांग की। उन्होंने कहा कि सत्य निकेतन में PG रहने की जगह चलाने वालों के नाम सार्वजनिक किए जाने चाहिए, और आरोप लगाया कि “वरिष्ठ BJP नेता और माफिया” इलाके में ऐसी सुविधाएं चला रहे हैं। उन्होंने अपनी मांग दोहराई कि केंद्र सरकार छात्रों के लिए हॉस्टल बनाए और जब तक पर्याप्त हॉस्टल सुविधाएं नहीं बन जातीं, तब तक उनकी PG फीस का वहन करे।
Delhi Satya Niketan Building Collapse Live: पुलिस ने हरिराम के बेटे और पत्नी को भी किया गिरफ्तार
सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में NDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म हो चुका है। वहीं बिल्डिंग के मालिक हरिराम बंसल की गिरफ्तारी के बाद उनके बेटे महेश और पत्नी उर्मिला को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
बिल्डिंग में बिजली का कनेक्शन हरिराम के नाम पर था। महेश मैनेजमेंट का काम संभाल रहा था। कागजों पर प्रॉपर्टी हरिराम की पत्नी उर्मिला के नाम पर थी।
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हो गया है। यह हादसा रविवार को दोपहर 1:30 बजे के करीब हुआ था। करीब 24 घंटे तक यह रेस्क्यू ऑपरेशन चला। इस हादसे में 7 लोगों की मौत हुई है।
Delhi Satya Niketan Building Collapse Live: हादसे को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट की टिप्पणी
दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए हादसे को लेकर हाई कोर्ट ने सोमवार को कहा कि इस घटना के पीछे सिर्फ बिल्डिंग मालिकों की कमी नहीं है, बल्कि इस हादसे में दिल्ली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (MCD) और दिल्ली यूनिवर्सिटी का भी हाथ था।
चीफ जस्टिस डी के उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की डिवीजन बेंच ने कहा कि इस घटना ने दिल्ली यूनिवर्सिटी और सरकार द्वारा चलाई जा रही हॉस्टल सुविधाओं की कमी, स्टूडेंट की सुरक्षा, और PG और हॉस्टल को रेगुलेट करने के लिए MCD और दूसरी अथॉरिटीज द्वारा उठाए गए कदमों पर गंभीर चिंताए पैदा की हैं।
कोर्ट ने कहा कि MCD की कानूनी तौर पर यह जिम्मेदारी है कि दिल्ली में बिल्डिंगों का कंस्ट्रक्शन और रिपेयर कानून के हिसाब से हो। कोर्ट ने कहा कि अगर अथॉरिटीज अपनी कानूनी जिम्मेदारियों और ड्यूटीज पर ध्यान देतीं तो इस घटना को टाला जा सकता था।
बेंच ने दिल्ली सरकार, MCD, दिल्ली यूनिवर्सिटी और दिल्ली पुलिस से 10 दिनों के अंदर अलग-अलग जवाब भी मांगे हैं।
Delhi Satya Niketan Building Collapse Live: दिल्ली हाईकोर्ट ने एमसीडी समेत इनको भेजा नोटिस
दिल्ली हादसे को लेकर हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस, एमसीडी, NHRC और दिल्ली यूनिवर्सिटी को नोटिस जारी किया है। हाईकोर्ट ने एक हफ्ते के अंदर जवाब मांगा है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की बात कही है।
हमने पहले ही कार्रवाई कर दी है- सत्य शर्मा
सत्य निकेतन इमारत हादसे पर एमसीडी स्थायी समिति के अध्यक्ष सत्य शर्मा ने कहा, “जैसा कि आप जानते हैं, वहां एक बहुत पुरानी इमारत थी, लगभग 40 से 50 साल पुरानी। इसलिए, मेरा मानना है कि हमने पहले ही कार्रवाई कर दी है। इस घटना के संबंध में कई अधिकारियों को निलंबित किया गया है और आगे चलकर एमसीडीविभाग के अधिकारियों सहित इसमें शामिल पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मैं आपको विश्वास दिलाती हूं कि एमसीडी अब ऐसी संपत्तियों, जर्जर हालत में मौजूद पुरानी इमारतों, जिन्हें खतरनाक घोषित किया गया है, लेकिन जहां लोग अभी भी रह रहे हैं या काम कर रहे हैं, का गहन सर्वेक्षण करेगी। हम निश्चित रूप से ऐसी संपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।”
भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होनी चाहिए- प्रवेश वाही
दिल्ली नगर निगम द्वारा दक्षिण जोन के उपायुक्त राकेश कुमार और चार इंजीनियरों को निलंबित किए जाने के बाद, दिल्ली के महापौर प्रवेश वाही ने कहा, "हमने इस निर्णय पर गंभीरतापूर्वक विचार करने के बाद ही यह फैसला लिया है। हमें इस संबंध में मुख्यमंत्री से भी निर्देश प्राप्त हुए हैं और हमारे सभी अधिकारी संवेदनशीलता के साथ काम कर रहे हैं। हम दिल्ली के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। यह कार्रवाई अधिकारियों और जनता दोनों को यह संदेश भी देती है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होनी चाहिए।"
हमारी सरकार ने इस मामले का संज्ञान लिया - बीजेपी विधायक
बीजेपी विधायक हरीश खुराना ने कहा कि हमारी सरकार ने इस मामले का संज्ञान लिया है। आपने देखा कि पहली बार किसी डीसी को इस तरह निलंबित किया गया है। सिर्फ डीसी ही नहीं, बल्कि कुल पांच अधिकारियों को निलंबित किया गया है। आज विधायक दल की बैठक में भी इस पर चर्चा हुई। हमारे यहां 48 विधायक हैं। डीसी को निर्देश जारी किए जाएं कि वे उन क्षेत्रों का संज्ञान लें जहां पीजी चल रहे हैं या जहां इमारतों में पांचवीं मंजिल अनाधिकृत रूप से बनाई गई है और यह सुनिश्चित करें कि ऐसे उल्लंघन न हों। निर्देश जारी किए गए हैं कि विधायक चाहे वे आम आदमी पार्टी के हों या भाजपा के अवैध गतिविधियों विशेष रूप से इस तरह से चल रहे पीजी या खतरनाक इमारतो का संज्ञान लें और कार्रवाई के लिए तुरंत एमसीडी के साथ समन्वय करें।"
5 अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया- मनजिंदर सिंह सिरसा
सत्य निकेतन भवन ढहने की घटना के मद्देनजर अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी देते हुए दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा कहते हैं, "देखिए, कड़ी कार्रवाई की गई है, 5 अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है, स्पष्ट संदेश दिया गया है कि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि, भवन उपनियमों का उल्लंघन, पर कार्रवाई की जाएगी। विधायकों की बैठक हुई, मुख्यमंत्री ने उनसे कड़ाई से अनुपालन करने को कहा। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कड़ी कार्रवाई की गई है।"
इमारत के कथित मालिक हरिराम को भिवाड़ी से पकड़ लिया गया है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, आगे की पूछताछ जारी है।
कुल 12 लोगों को एम्स ट्रॉमा सेंटर लाया गया
एम्स ट्रॉमा सेंटर के अनुसार, कुल 12 लोगों को एम्स ट्रॉमा सेंटर लाया गया, जिनमें से छह को मृत घोषित कर दिया गया और एक को मृत घोषित कर दिया गया।
सत्य निकेतन हादसे की जिम्मेदारी लें रेखा गुप्ता: कांग्रेस
कांग्रेस ने इमारत ढहने की घटना को लेकर भाजपा तथा सरकार पर आंख में धूल झोंकने का आरोप लगाया और कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को हादसे की जिम्मेदारी लेनी चाहिए तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
NSUI के अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने यह मांग भी की कि दिल्ली विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों के लिए छात्रावास बनाए जाएं, अवैध रूप से संचालित छात्रावासों और पीजी को बंद किया जाए तथा छात्रावासों और पीजी के लिए किराया नियंत्रण कानून बनाया जाए।
आम आदमी पार्टी कर रही प्रदर्शन
सत्य निकेतन में हुए हादसे को लेकर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन कर रेह हैं। मीडिया से बात करते हुए आम आदमी पार्टी के विधायक जरनैल सिंह ने कहा-
आखिर कब तक कुछ लोगों के पैसे के लालच की वजह से लोग अपनी जान गंवाते रहेंगे और उनकी ज़िंदगी खतरे में पड़ती रहेगी?
देश भर से छात्र दिल्ली पढ़ने और अपने सपने पूरे करने आते हैं; जिस माहौल में उन्हें रहने के लिए मजबूर होना पड़ता है और कल जो हादसा हुआ, वह बेहद दुखद है।
अब तक सात शव निकाले जा चुके हैं, लेकिन यह साफ नहीं है कि उस इमारत के मलबे में अभी भी कितने छात्र अपने सपनों के साथ दबे हुए हैं। इसके लिए ज़िम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
एमसीडी के पांच अधिकारी सस्पेंड
इस घटना के बाद दिल्ली सरकार ने एमसीडी के उपायुक्त, कार्यकारी अभियंता, अधीक्षण अभियंता, सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता को निलंबित कर दिया है।
सत्य निकेतन इमारत के ढहने पर दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के आयुक्त संजीव खीरवार ने कहा, "दुर्भाग्यवश, हमने सात लोगों की जान गंवाई है। हमारा मानना है कि ढही हुई इमारत के बगल वाली इमारत कमजोर हो गई थी और रात भर उसे मजबूत किया गया। हम अगले एक-दो दिनों में सुनियोजित तरीके से उसे गिराने की कार्रवाई करेंगे।"
पीजी ढहने से हमारे एक छात्र की मृत्यु हो गई- एआरएसडी कॉलेज के प्रधानाचार्य
आत्मा राम सनातन धर्म कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रोफेसर ज्ञानतोष कुमार झा ने कहा, "दुर्भाग्यवश, पीजी ढहने से हमारे एक छात्र की मृत्यु हो गई है और एक छात्र जो घायल हुआ है, उसे वर्तमान में एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। मृतक छात्र का नाम अर्पित है और वह हमारे कॉलेज का छात्र था। कॉलेज स्टाफ लगातार छात्रों के संपर्क में था। घटना के बाद, घटनास्थल के पास की दुकानें बंद हो गई थीं, इसलिए हमने छात्रों के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था की। जिन छात्रों को आवास संबंधी समस्याएं थीं, उन्हें अन्य छात्रों के साथ उनके पीजी आवास में रहने की व्यवस्था की गई। हम अपने छात्रों के संपर्क में हैं ताकि वित्तीय सहायता सहित किसी भी प्रकार की सहायता की आवश्यकता होने पर उनकी मदद कर सकें। हम आने वाले समय में छात्रों के लिए छात्रावास सुविधा उपलब्ध कराने पर विचार कर रहे हैं।
हरिराम बंसल की चार-पांच संपत्तिया जरूर हैं- पड़ोसी एसपी शर्मा
इमारत के कथित मालिक हरिराम बंसल के पड़ोसी एसपी शर्मा कहते हैं, "बंसल जी की दुकान बाजार में है। हमारा रिश्ता बस इतना है कि हम कभी-कभार उनकी दुकान से सामान खरीदते हैं; उनका व्यक्तित्व बहुत अच्छा है। वे कई सालों से यहीं रह रहे हैं। उनके पास यहां कई और घर भी हैं। उनकी बेटी और बेटा भी पास ही सेक्टर 23 में रहते हैं। उनकी एक हार्डवेयर की दुकान भी है। मुझे दिल्ली के बारे में कोई जानकारी नहीं है; मुझे नहीं पता कि सत्य निकेतन में उनका कोई घर है या नहीं, लेकिन यहां उनकी चार-पांच संपत्तियां जरूर हैं।"
हादसे में अब तक सात लोगों की मौत
पुलिस ने बताया कि सत्य निकेतन इमातर ढहने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 7 हो गई है; मलबे से शव बरामद किया गया।
कुल 12 लोगों को बाहर निकाला गया- आईजी एनडीआरएफ नरेंद्र सिंह बुंदेला
आईजी एनडीआरएफ नरेंद्र सिंह बुंदेला ने कहा, "वर्तमान स्थिति के अनुसार, कुल 12 लोगों को बाहर निकाला गया है। जिनमें से छह को मृत घोषित कर दिया गया है और पांच को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। एक शव अभी भी निकाला जाना बाकी है, एनडीआरएफ और फायर ब्रिगेड की टीम उसे बाहर निकालने का प्रयास कर रहे हैं। संभवतः वह बेहोश है। राज्य सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है, मुख्यमंत्री ने कल घटनास्थल का दौरा किया और निर्देश जारी किए, इसलिए राज्य सरकार उचित कार्रवाई कर रही है।"
इमारत मालिक हरिराम को पकड़ने के लिए 10 अलग-अलग टीमें गठित
दिल्ली पुलिस ने कथित इमारत मालिक हरिराम को पकड़ने के लिए 10 अलग-अलग टीमें गठित की हैं। इन टीमों में स्थानीय जिला पुलिस, विशेष स्टाफ और अन्य ऑपरेशनल यूनिट के कर्मी शामिल हैं। प्रत्येक टीम का नेतृत्व अतिरिक्त डीसीपी रैंक का एक अधिकारी कर रहा है। दिल्ली पुलिस हरिराम को पकड़ने के लिए दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में छापेमारी कर रही है।
दिल्ली के एलजी ने सत्य निकेतन हादसे पर बुलाई हाई लेवल मीटिंग
दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने सत्य निकेतन भवन ढहने की घटना पर एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है, जिसमें 6 लोगों की जान चली गई थी। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी बैठक में उपस्थित रहेंगी। डीडीए, एमसीडी और दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के भी शामिल होने की उम्मीद है। उच्चस्तरीय बैठक आज दोपहर बाद होगी। उपराज्यपाल इस बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय ले सकते हैं।
घायलों का युद्धस्तर पर इलाज होना चाहिए- अवधेश प्रसाद
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा, "यह एक बेहद दुखद, दर्दनाक और दिल दहला देने वाली घटना है। हम मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं और उनके परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं। मैं सरकार से मांग करता हूं कि वह मृतकों के परिवारों को कम से कम 10 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान करे। घायलों का युद्धस्तर पर इलाज होना चाहिए, वे पूरी तरह से स्वस्थ हों और अपने परिवारों से मिलें। इमारत ढहने के कारणों की जांच होनी चाहिए। सरकार को उचित कार्रवाई करनी चाहिए।"
सत्य निकेतन हादसे पर दिल्ली हाई कोर्ट करेगा सुनवाई
दिल्ली हाई कोर्ट ने सत्य निकेतन में इमारत गिरने से संबंधित एक जनहित याचिका पर आज सुनवाई करने की सहमति दी है। याचिका मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ के समक्ष पेश की गई।
किसी को भी किसी और के बच्चों को खतरे में डालने का अधिकार नहीं- मेयर प्रवेश वाही
सत्य निकेतन में इमारत गिरने पर दिल्ली के मेयर प्रवेश वाही ने कहा, "पूरे दिल्ली में एक अभियान चलाया जाएगा और छात्रों को मकान किराए पर देने वाले किसी भी व्यक्ति को पहले एमसीडी से मंजूरी लेनी होगी। किसी को भी किसी और के बच्चों को खतरे में डालने का अधिकार नहीं है। तहखाने में चल रहे निर्माण कार्य और बारिश के कारण इमारत गिर गई। यह निश्चित रूप से दुर्भाग्यपूर्ण है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।"
अब तक लगभग 85 प्रतिशत मलबा हटा दिया गया- मनजिंदर सिंह सिरसा
दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, "बचाए गए 12 लोगों में से छह की मौत हो गई है, जबकि छह का इलाज चल रहा है और उनकी हालत स्थिर है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कोई और लापता है या नहीं। हमें जानकारी मिली है कि घटनास्थल पर काम कर रहे एक मजदूर का अभी तक पता नहीं चल पाया है। अब तक लगभग 85 प्रतिशत मलबा हटा दिया गया है। शेष मलबा धीरे-धीरे हटाया जा रहा है क्योंकि बगल की इमारत भी खतरनाक स्थिति में है और इस इमारत का मलबा हटाने के बाद उसे भी गिरा दिया जाएगा।"
दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी- ओपी राजभर
उत्तर प्रदेश के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा, "दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इमारत बहुत पुरानी थी, इसलिए मालिक को इसे गिराने का आदेश भी प्राप्त करना चाहिए था।"
इमारत के मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई- सीएमओ
सीएमओ ने बयान जारी कर कहा कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज सुबह घटनास्थल का दौरा कर सुरक्षा उपायों और चल रहे अभियानों की समीक्षा की। इमारत के मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। दोषी पाए जाने वाले एमसीडी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। दिल्ली में अवैध पांच मंजिला इमारतों को तुरंत सील करने के निर्देश जारी किए गए हैं। आसपास के पीजी और इमारतों का गहन निरीक्षण किया जा रहा है। उल्लंघन पाए जाने पर सील कर दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि दिल्लीवासियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और लापरवाही के मामलों में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
विपक्ष को कम से कम शवों पर राजनीति करना बंद कर देना चाहिए- दिल्ली के मंत्री
दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, "सबसे पहले तो विश्वविद्यालय के छात्र हैं, लेकिन अन्य लोग विशेष रूप से कोचिंग कक्षाओं या निजी ट्यूशन के लिए भी आते हैं। हालांकि कई कॉलेजों ने अपने छात्रावास बना लिए हैं, फिर भी उच्च शिक्षा और कोचिंग के लिए आने वाले छात्रों की संख्या बहुत अधिक है। यह भी एक चुनौती है। विपक्ष को कम से कम शवों पर राजनीति करना बंद कर देना चाहिए। क्या वे इस त्रासदी का भी राजनीतिकरण करेंगे?"
किसी भी दोषी अधिकारी को छोड़ा नहीं जाएगा- सीएम रेखा गुप्ता
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, "सरकार नगर निगम के सहयोग से एक नीति बना रही है जिसके तहत सार्वजनिक उपयोग के लिए बनी किसी भी इमारत चाहे वह पीजी हो, नर्सिंग होम हो, स्कूल हो या कोई अन्य सुविधा की समय-समय पर जांच की जाएगी, वरना वहां किसी भी सार्वजनिक गतिविधि की अनुमति नहीं दी जाएगी। हम किसी को भी असुरक्षित पीजी में रहने की अनुमति नहीं देंगे। हमने इमारत से निकाले गए लोगों के लिए कॉलेज हॉस्टलों में आवास की व्यवस्था की है और सरकार उनकी जरूरतों को पूरा कर रही है।"
