राष्ट्रीय राजधानी के कितने सड़क की सफाई यांत्रिक सड़क सफाई मशीनों (MRSM) से की जाती है? किन सड़कों की सफाई मशीनों से की जाती है, किन सड़कों की नहीं की जाती?सबसे महत्वपूर्ण क्या आपका वार्ड कवर है? अब इन सभी सवालों का जवाब अपकी उंगलियों पर है।

अब एक नए इंटरैक्टिव डैशबोर्ड पर जो विशेष रूप से द इंडियन एक्सप्रेस पर उपलब्ध है, आप चेक कर सकते हैं कि आपके इलाके की सफाई हो रही है या नहीं। यह डैशबोर्ड दिल्ली नगर निगम (MCD) के सभी 12 जोनों को 250 वार्डों में कवर करता है।

इस तरह डैशबोर्ड को किया गया तैयार

एमआरएसएम (MRSM) के 52 हफ्तों के रूट, जो एमसीडी के लाइव पोर्टल पर उपलब्ध थे, उन्हें गूगल अर्थ की मदद से दिल्ली के आधिकारिक नक्शे पर प्लॉट किया गया। इस प्रक्रिया में कई लेवल शामिल थे, जैसे – जियो-कोऑर्डिनेट्स, टाइमस्टैम्प, वाहन आईडी, रूट आईडी और जीपीएस पॉइंट्स।

अगले चरण में रूट-लेवल के डेटा पॉइंट्स इकट्ठा किए गए। जैसे MRSM द्वारा तय की गई दूरी, समय अवधि और वाहन की गति का विश्लेषण कर उन्हें एक मेजरेबल डेटा सेट में बदला गया। आखिर में महीनेवार डेटा का विश्लेषण किया गया ताकि यह पता लगाया जा सके कि एमआरएसएम मशीनें दिल्ली के कितने हिस्से को कवर कर रही हैं। इसके आधार पर किसी विशेष जोन के एक सैंपल डे का डेटा तैयार किया गया, जिसमें मशीन द्वारा तय किया गया रूट और किसी खास इलाके में पहुंचने का समय दिखाया गया।

एमसीडी की एक स्वीपर मशीन गुरुवार रात कालकाजी मंदिर से तुगलकाबाद लैंडफिल क्षेत्र तक सड़क की सफाई करती नजर आई। राजधानी की सड़कों की सफाई के लिए एमसीडी ने ठेकेदारों के माध्यम से कुल 52 मशीनें तैनात की हैं। गौरतलब है कि सड़क की धूल को वायु प्रदूषण के सबसे बड़े कारणों में से एक माना जाता है।

डैशबोर्ड तैयार होने के बाद द इंडियन एक्सप्रेस के रिपोर्टरों ने ग्राउंड लेवल पर इसकी पुष्टि की। इसके तहत वे एमआरएसएम मशीनों के साथ प्रमुख सड़क मार्गों पर सफर करते हुए एमसीडी के 12 जोनों में से दो जोनों में डेटा और रिजल्ट्स का सत्यापन करने पहुंचे।

इस डैशबोर्ड का इस्तेमाल कैसे करें?

डैशबोर्ड ओपन करने के बाद ड्रॉपडाउन मेन्यू से अपना जोन चुनें या अपने वार्ड का नाम टाइप करें। इसके बाद आपको एमआरएसएम रूट मैप दिखाई देगा, जिसमें कवरेज रूट और टाइम स्टैम्प की जानकारी उपलब्ध होगी।

रूट मैप के अलावा, स्क्रीन के बाईं ओर मौजूद लाल रंग का चार्ट यह दिखाता है कि उस जोन में सभी रूट्स पर प्रतिदिन औसतन कितने किलोमीटर सड़क की सफाई की गई। वहीं, नारंगी रंग का चार्ट यह बताता है कि जोन की प्रमुख सड़कों का कितना हिस्सा कवर किया गया।

डैशबोर्ड ओपन करने के लिए क्लिक करें…