ताज़ा खबर
 

दिल्ली हिंसा: दंगाइयों ने गर्भवती शबाना के पेट में मारी लात तो दर्द से कराह उठी, पड़ोसी संजीव ने जान जोखिम में डाल पहुंचाया अस्पताल

शबाना ने बताया "भीड़ ने मुझे लाठियों से पीटा... कुछ ने मेरे पेट पर लाट भी मारी।" शबाना ने आगे बताया कि भीड़ कुछ समय के बाद रुक गई और घर में तोड़फोड़ कर चली गई।

Author Edited By सिद्धार्थ राय नई दिल्ली | Updated: February 28, 2020 9:10 AM
अस्पताल में अपने नवजात शिशु के साथ शबाना। (indian express photo)

दिल्ली हिंसा के दौरान मंगलवार की दोपहर करावल नगर के महालक्ष्मी विहार इलाके में कुछ दंगाई एक मुस्लिम महिला के घर में घुस आए। गर्भवती शबाना ने उस भीड़ से निवेदन किया कि वे उसे ना मारें क्योंकि वह गर्भवती है। लेकिन दंगाई नहीं माने और उन पर लाठियां बरसाना शुरू कर दिया। अल-हिंद अस्पताल में भर्ती शबाना ने बताया “भीड़ ने मुझे लाठियों से पीटा… कुछ ने मेरे पेट पर लाट भी मारी।” शबाना ने आगे बताया कि भीड़  कुछ समय के बाद रुक गई और घर में तोड़फोड़ कर चली गई।

बुधवार की रात शबाना ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। जिसका वजन 3.5 किलोग्राम था, और उसका नाम “आज़ाद” या “सोनू” रखा जाएगा। शबाना ने कहा कि हमले के बाद उनके पड़ोसी संजीव ने मंगलवार को उन्हें बाइक से ओल्ड मुस्तफाबाद छोड़ दिया। उनके पीछे-पीछे उनका बाकी परिवार दो बच्चों, सास और अन्य रिश्तेदार भी वहीं आ गए। शबाना की रिश्तेदार शमा ने कहा “हम यहां एक रिश्तेदार के घर पर रुके और शबाना को हमने उनकी माँ के घर नांगलोई में छोड़ने का फैसला किया, ताकि वह अपने बच्चे को वहां जन्म दे सके। एक पुलिस कर्मी हमें यमुना विहार तक छोड़ने को तैयार हो गए। लेकिन तभी शबाना को लेबर पेन होने लगा इसलिए हमने जल्दी से उसे अल-हिंद अस्पताल में पहुंचा दिया।”

Delhi Violence: हर तीन में एक को लगी गोली, मौके से पुलिस को मिले .32mm, .9mm और .315 mm के 350 खोखे

शबाना का इलाज करने वाले डॉक्टर ने कहा कि यह एक कॉम्प्लिकेटेड डिलीवरी थी क्योंकि शबाना के पास कोई मेडिकल हिस्ट्री नहीं थी क्योंकि उनके सभी कागजात दंगों में जल गए थे। वह अब बेहतर है, लेकिन वह उदास और परेशान है और जिसके चलते उनके बीपी में उतार-चढ़ाव हो रहा है।

शबाना के पति को सूचित कर दिया गया है कि उन्हें एक बच्चा हुआ है। वह यहां आने में असमर्थ है। शबाना के चाचा मुजीब-उर-रहमान ने कहा, “वह लोनी की ओर भागा था और वहाँ का माहौल थोड़ा तनावपूर्ण है, इसलिए हमने उन्हें बाद में आने की सलाह दी है।” रहमान भी संजीव की मदद से भागने में सफल रहे।

चुनाव आयोग ने जिस अफसर पर लिया था एक्शन, उसे सौंपी दिल्ली दंगे की जांच, जामिया, जेएनयू हिंसा की जांच से भी जुड़े हैं

शबाना के पहले बेटे अली ने नवजात शिशु के चेहरे पर आश्चर्य से देखा, जबकि शबाना ने अपनी सास से पूछा कि क्या उनके जले हुए घर से कुछ भी मिला। उसने कहा “अब मैं अपने नवजात शिशु और अपने दो लड़कों के साथ कहां जाऊँगी? सब तो खत्म कर दीया। कभी नहीं सोचा था ये इतने दहशत के माहौल में जन्म लेगा।”

दिल्ली हिंसा से जुड़ी सभी खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें

Next Stories
1 Delhi Violence: साथी दल ने लोजपा प्रमुख चिराग पासवान ने कहा- कपिल मिश्रा के बयान से भड़की दिल्ली में हिंसा, एक्शन ले बीजेपी
2 चुनाव आयोग ने जिस अफसर पर लिया था एक्शन, उसे सौंपी दिल्ली दंगे की जांच, जामिया, जेएनयू हिंसा की जांच से भी जुड़े हैं
3 CORONAVIRUS: चीन से 112, जापान से 124 लोग लाए गए
ये पढ़ा क्या?
X