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Delhi Riots 2020 में पुलिस ने नहीं दी वक्त पर मदद? 5-7 बार पीड़ितों ने की थी कॉल, सामने आया ये अंतर

दिल्ली दंगों के पहले दिन 24 फरवरी, 2020 को दिल्ली पुलिस कंट्रोल रूम में कई सारे कॉल आए थे लेकिन पुलिस ने लोगों की वक्त पर मदद नहीं की। कई पीड़ितों ने 7 से 8 बार तक पुलिस को फोन लगाया था।

Author Translated By सिद्धार्थ राय नई दिल्ली | Updated: September 25, 2020 7:55 AM
Delhi riots, Delhi riots chargesheet, northeast Delhi riots, Delhi riots case, Delhi news, city news,Delhi riots: दिल्ली दंगों में पहले भी खड़े हो चुके हैं पुलिस की भूमिका पर सवाल। (file)

– कई दुकानों में आग लगा दी; केवल चार पुलिसकर्मी मौजूद हैं
– 150 लोग घायल हैं; पुलिस की जरूरत है
– फायरिंग हो रही है, पुलिस खुद को बचा के भाग रही है।
– मुझे डर है कि मेरे परिवार को दंगाइयों द्वारा मार दिया जाएगा; पुलिस की मदद चाहिए

दिल्ली दंगों के पहले दिन 24 फरवरी, 2020 को दिल्ली पुलिस कंट्रोल रूम में आए ये कुछ मुख्य कॉल हैं। उस दिन पुलिस को कई सारे फोन आए थे। ये कॉल उत्तर-पूर्वी दिल्ली के निवासियों द्वारा किए गए थे। ये कॉल 20 वर्षीय वेटर दिलबर नेगी की हत्या से संबंधित आरोप पत्र में तकनीकी सबूतों का हिस्सा हैं। दिलबर का शव शिव विहार में मिला था।

पुलिस की चार्जशीट में “इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट डेटा” के रूप में कॉल किए गए कॉल रिकॉर्ड्स के विश्लेषण से तीन पैटर्न का पता चलता है। पहला – कॉल दोनों समुदायों के लोगों ने किए थे और सभी मदद मांग रहे थे। दूसरा – ज़्यादातर कॉल शाम 3.40 के आस-पास आई हैं। कई निवासियों ने पुलिस को कॉल किया। कुछ लोग छह घंटे तक फोन करते रहे। एक कॉलर ने मदद के लिए सात कॉल तक किए हैं। तीसरा – पुलिस ने इन कॉलारों को वक़्त पर मदद नहीं दी। रिकॉर्ड के मुताबिक पुलिस ने बहुत देर बाद अपनी प्रतिक्रिया दी है।

शिव विहार पुलिया:
शाम 3.44 पर एक निवासी ने पुलिस को कॉल कर बताया कि एक जगह पर दोनों पक्ष के 1000 लोग इकट्ठा हो गए हैं और एक दूसरे को मार रहे हैं। दो मिनट बाद, उस व्यक्ति ने एक बार फिर फोन किया और बताया कि “गोलीबारी” शुरू हो गई है, जिसमें “50 व्यक्ति” शामिल हैं। इसके 15 मिनट बाद उसी व्यक्ति ने मदद के लिए 2 कॉल लगाए। 4.23 पर निवासी ने छठी कॉल लगाई और बोला मेरी मदद करो, 20 दुकानों को आग लगा दी है। 5.24 पर उसने फिर फोन किया और पुलिस को बताया कि 150 लोग घायल हैं, पुलिस की जरूरत है।

एक अन्य कॉलर ने पुलिस को 5.51 बजे और शाम 6.14 बजे दो फोन लगाए। कॉलर ने बताया कि कई दुकानों में आग लगा दी गई है; केवल चार पुलिसकर्मी मौजूद हैं। शाम 6.33 बजे उसने तीसरी कॉल लगाई और कहा कि आगजनी और गोलीबारी हो रही है; पुलिस की जरूरत है।

शिव विहार तिराहा:
शाम 6.29 और 6.31 बजे, दो लोगों ने पुलिस को फोन किया और बताया कि उनकी दुकान को आग के हवाले कर दिया गया है। 7.15 बजे एक अन्य कॉलर ने पुलिस को अपनी दुकान में आग लगने की बात कही। रात 9.31 बजे, तीसरा कॉल किया गया और बताया कि दंगे शुरू हो गए हैं और पुलिस की मदद चाहिए। दो घंटे बाद 11.02 पर एक अन्य कॉलर ने पुलिस से कहा “पुलिस की जरूरत है; दंगाइयों ने दुकानों को आग लगा दी।”

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