दिल्ली में अयोजित ब्रिक्स सम्मेलन में सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष, प्रमुख और उनके प्रतिनिधिमंडल शामिल होने आ रहे हैं। इसके लिए राष्ट्रीय राजधानी को अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है। इस दौरान शुक्रवार से राजधानी की 35 से अधिक सड़कों पर कुछ देर के लिए यातायात बाधित रहेगा। ड्रोन के उड़ान पर भी पूरी तरह से पाबंदी रहेगी। साथ ही 11 सितंबर को सभी स्कूल और सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे। सम्मेलन को देखते हुए उपराज्यपाल ने 11 सितंबर को सार्वजनिक अवकाश की घोषणा भी की हुई है।

देश की राजधानी में 11 से 13 सितंबर 2026 तक आयोजित होने जा रहे 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में जुटने वाले विश्वभर के शीर्ष नेताओं और विदेशी प्रतिनिधियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत चुस्त कर दी गई है। नई दिल्ली व लुटियंस जोन को त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरे में लेते हुए नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी), स्वाट कमांडो की तैनाती की गई है। इसके अलावा, पूरी दिल्ली की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए 500 से अधिक आधुनिक सीसीटीवी कैमरों और एंटी-ड्रोन प्रणालियों के जरिए चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है। ब्रिक्स समिट से जुड़ी खबरों के लिए यहां पढ़ें

22 रूट डायवर्ट

समारोह के दौरान सुगम आवागमन बनाए रखने के लिए यातायात पुलिस ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। राजधानी के 35 से अधिक मुख्य मार्गों पर वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया गया है, वहीं 22 महत्त्वपूर्ण स्थानों पर मार्ग परिवर्तित किए गए हैं। सरदार पटेल मार्ग, अशोका रोड, मथुरा रोड, जनपथ, बाराखंभा रोड और रिंग रोड जैसे प्रमुख मार्गों पर केवल अधिकृत वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति मिलेगी। इसी तरह धौला कुआं, पटेल चौक, ए-पाइंट और डब्ल्यू-पाइंट जैसे बड़े चौराहों से सामान्य यातायात को वैकल्पिक रास्तों पर भेजा जाएगा। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा कारणों से वीवीआइपी काफिले की आवाजाही के दौरान कुछ समय के लिए सड़कों पर यातायात रोका जा सकता है, हालांकि शहर में पूर्ण बंदी जैसी स्थिति नहीं रहेगी।

हवाई अड्डे या रेलवे स्टेशनों की ओर जाने वाले यात्रियों को पर्याप्त समय लेकर निकलने और मुख्य रूप से मेट्रो सेवाओं का उपयोग करने की सलाह दी गई है। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक पहुंचने के लिए नई दिल्ली स्टेशन से चलने वाली एअरपोर्ट एक्सप्रेस (आरेंज लाइन) को सबसे सुगम माध्यम बताया गया है। एप-आधारित कैब सेवाओं और अंतर-राज्यीय बसों के संचालन के लिए भी विशेष नियम तय किए गए हैं, जिसके तहत नियंत्रित क्षेत्रों में ‘पिक या ड्राप’ की अनुमति नहीं होगी।

हालांकि, एम्बुलेंस और अग्निशमन दल जैसी आपातकालीन सेवाओं के लिए हरित गलियारे की व्यवस्था सुनिश्चित रहेगी और दूध तथा दवाओं जैसी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में कोई बाधा नहीं आने दी जाएगी। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी), एनडीए व सीडीएस जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों से अपने परीक्षा केंद्रों का मार्ग पहले से जांचने और समय से पहले घर से निकलने का आग्रह किया गया है। नियंत्रित मार्गों के 200 मीटर के दायरे में नो-पार्किंग नियम सख्ती से लागू रहेगा और बिना अनुमति खड़े वाहनों को तत्काल हटाने की व्यवस्था की गई है।

ASI ने किया इमारतों का सौंदर्यीकरण

अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के अवसर पर राजधानी को विशेष रूप से सजाया-संवारा गया है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा लाल किला, पुराना किला, कुतुब मीनार और हुमायूं के मकबरे जैसी ऐतिहासिक इमारतों का सौंदर्यीकरण किया गया है। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद ने मंडी हाउस, पटेल चौक और शांतिपथ सहित 17 प्रमुख गोलचक्करों व अपने प्रमुख भवनों को आकर्षक रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया है। दिल्ली चिड़ियाघर को तीन दिनों तक बंद रखने का निर्णय लिया गया है। प्रशासन ने नागरिकों से सोशल मीडिया पर चल रही असत्य अफवाहों से बचने और आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करने की अपील की है।

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चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग शनिवार को भारत पहुंचेंगे। वह ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली आएंगे। चीन के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को उनके भारत दौरे की जानकारी दी। शी जिनपिंग सात साल बाद भारत आ रहे हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।