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दिल्ली कैब रेप केस: आरोपी ने पत्नी से कहा, बलात्कार का गलत इल्जाम लगाया जा रहा है

अमलेश राजू टैक्सी की सेवा देने वाली अमेरिकी कंपनी उबर की कार में कथित बलात्कार के बाद पुलिस का दबाव देख आरोपी शिवकुमार यादव नेपाल भागने की फिराक में था। पुलिस हिरासत में पूछताछ में उसने बताया है कि पीड़ित लड़की ने जब उसे थप्पड़ मारा तो गुस्से में उसने उसकी गला दबाकर हत्या करने […]

अमलेश राजू

टैक्सी की सेवा देने वाली अमेरिकी कंपनी उबर की कार में कथित बलात्कार के बाद पुलिस का दबाव देख आरोपी शिवकुमार यादव नेपाल भागने की फिराक में था। पुलिस हिरासत में पूछताछ में उसने बताया है कि पीड़ित लड़की ने जब उसे थप्पड़ मारा तो गुस्से में उसने उसकी गला दबाकर हत्या करने का मन बनाया। मंगलवार को पुलिस ने उबर के अधिकारियों से कुछ दस्तावेज मांगें। उधर, दिल्ली के पुलिस आयुक्त भीमसेन बस्सी को मंगलवार को गृह मंत्रालय में तलब किया गया। उन्होंने गृह मंत्रालय के आला अधिकारियों और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात की।

इस मामले की जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक आरोपी शिवकुमार ने पूछताछ में बताया कि बलात्कार की वारदात के बाद वह अपनी पत्नी के पास गया। उसने उससे कहा कि उसकी किसी से मारपीट हो गई है। उस पर बलात्कार का गलत इल्जाम लगाया जा रहा है। उसे झूठे मामले में फंसाने की कोशिश हो रही है। इसलिए वो मथुरा में चंद्रपुरी में किराए के मकान को छोड़कर नेपाल या गोरखपुर भागने के लिए पैसे जमा कर रहा है। यादव ने अपनी पत्नी और बेटे से सभी सामान के साथ तैयार रहने को कहा था। शिव कुमार ने पुलिस को बताया कि बलात्कार के बाद और लड़की के विरोध करने पर उसने युवती को न सिर्फ थप्पड़ मारा बल्कि गला दबाकर उसकी हत्या की भी कोशिश की। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि शिव कुमार ने मथुरा में नया मोबाइल और सिमकार्ड खरीदा था। उसी के जरिए वह अपने परिवार के संपर्क में था। यादव तीन मोबाइल फोन इस्तेमाल कर रहा था।

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हिरासत के दौरान पुलिस शिव कुमार को मेरठ ले जाकर उस स्मार्टफोन को हासिल करने का प्रयास करेगी जिस पर वह उबर के ऐप का इस्तेमाल करता था। अधिकारी यह भी पता लगा रहे हैं कि अतीत में उसने इस तरह की कितनी वारदातें की हैं। पुलिस जांच में पता चला है कि शिव कुमार पर केवल बलात्कार ही नहीं, बल्कि छेड़छाड़, शस्त्र कानून और लूटपाट के मामले भी दर्ज रहे हैं। वह 2011 में बलात्कार के एक मामले में आरोपी है और 2013 में बलात्कार के एक मामले में जमानत पर है। सोमवार को यह बात सामने आई थी कि यादव को 2011 में दक्षिण दिल्ली के महरौली इलाके में बलात्कार के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। उसने तिहाड़ जेल में सात महीने बिताए थे। इस मामले में हालांकि बाद में उसे बरी कर दिया गया था। उत्तरी जिले के पुलिस उपायुक्त मधुर वर्मा ने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस के मुताबिक शिव कुमार के गृह जिले मैनपुरी में उसे 2003 में छेड़छाड़, 2006 में शस्त्र अधिनियम और 2013 में लूटपाट के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

Uber Cab Service Delhi Police कैब चालक द्वारा बलात्कार करने के मामले में दिल्ली पुलिस उबर टैक्सी सेवा के अधिकारियों से पूछताछ करेगी। (फोटो: रियूटर्स)

 

इस बीच दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को टैक्सी सेवा देने वाली कंपनी उबर से कई दस्तावेज मांगे हैं। इस अमेरिकी कंपनी पर सोमवार रात आइपीसी के सेक्शन 420-ए मोटर वाहन अधिनियम 188 के तहत एफआइआर दर्ज की गई थी। उबर के महाप्रबंधक (विपणन) और भारत में कंपनी के कामकाज के प्रभारी गगन भाटिया सोमवार को पूछताछ में पुलिस को कंपनी के संचालन और नीतियों से जुड़ी ज्यादा सूचनाएं उपलब्ध नहीं करा सके। पुलिस ने उनसे और कागजात मांगे हैं। पुलिस यह जानना चाहती है कि जब कंपनी अपने ऐप के जरिए किसी ग्राहक और कार चालक को एक दूसरे के संपर्क में लाती है तो इसमें उसकी अपनी क्या भूमिका होती है। जांच दल से जुड़े सूत्रों ने कहा कि भाटिया पुलिस के सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। पुलिस ने उनसे भारत में कामकाज के संदर्भ में दस्तावेज पेश करने को कहा है। पुलिस ने कहा कि पहले बताया गया था कि उबर का कोई कंट्री हेड नहीं है। वह ईएमईए (यूरोप-मध्यपूर्व-एशिया) में संचालन प्रमुख एक व्यक्ति को रिपोर्ट करते हैं। पुलिस का कहना है कि अगर भाटिया से संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए तो ईएमईए से संपर्क किया जाएगा।

UBER Cab Rape Accused आरोपी पर 27 वर्षीय महिला से बलात्कार करने का आरोप है। (फ़ोटो-पीटीआई)

उधर, दिल्ली पुलिस के आयुक्त भीमसेन बस्सी मंगलवार को गृह मंत्रालय में तलब किए गए। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से भी भेंट की। वहां से लौटने के बाद उन्होंने पत्रकारों से कहा कि हमारा प्रयास है कि महिलाएं शत प्रतिशत सुरक्षित हों और बिना किसी मुश्किल के कहीं भी आ-जा सकें। उन्होंने कहा कि पुलिस यह सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठा रही है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध दबाए न जाएं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए पहले ही पांच हजार कैमरे लगाए गए हैं। दस हजार और कैमरे लगाने का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले मामलों की जांच 20 दिन में पूरा करने के निर्देश हैं। यदि ऐसा नहीं हो पाता तो संयुक्त पुलिस आयुक्त को सूचना दी जाती है। यदि जांच एक महीने में भी पूरी नहीं होती तो उसे विशेष पुलिस आयुक्त और आयुक्त के पास भेज दिया जाता है। जब उनसे पूछा गया कि जिस क्षेत्र में यह वारदात हुई है, वहा पीसीआर वैन नहीं थी। इस पर उन्होंने कहा कि हमारा यह प्रयास है कि दिल्ली में ऐसा कोई जगह न हो जहां महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस करें।

 

 

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