दिल्ली जेल विभाग के 49 अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया जाएगा। आईडी वेरफिकेशन में गड़बड़ी पाए जाने के कारण इन अधिकारियों की नौकरी जाएगी। दिल्ली हाई कोर्ट ने पिछले सप्ताह केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) के उस आदेश को रद्द कर दिया था जिसने उनकी बर्खास्तगी पर रोक लगा दी थी।
प्रभावित कर्मचारियों में नौ सहायक अधीक्षक, 39 वार्डर और दो मैट्रन शामिल हैं। यह कार्रवाई दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (DSSSB)की सिफारिश के बाद की गई जिसने भर्ती किए गए कर्मचारियों के पहचान सत्यापन रिकॉर्ड में गड़बड़ियों को सामने लाया था।
बायोमेट्रिक रिकॉर्ड और तस्वीरों में गड़बड़ियां
दिसंबर 2023 में, जेल अधिकारियों ने भर्ती से संबंधित सत्यापन प्रक्रिया के दौरान बायोमेट्रिक रिकॉर्ड और तस्वीरों में कथित तौर पर गड़बड़ियां पाए जाने के बाद 50 अधिकारियों की सेवाएं समाप्त कर दी थीं। हालांकि, सीएटी ने उनकी बर्खास्तगी पर रोक लगा दी। इनमें से केवल एक अधिकारी अशोक कुमार ने कभी काम पर वापसी नहीं की।
कारागार मुख्यालय की स्थापना शाखा के प्रभारी अधिकारी द्वारा हस्ताक्षरित एक आदेश में कहा गया है, “ट्रिब्यूनल के दिनांक 30.04.2024, 27.05.2025, 04.03.2025 और 25.02.2025 के वे आदेश जिन्हें इस मामले में चुनौती दी गई है, रद्द किए जाते हैं। हालांकि, यह घोषित किया जाता है कि प्रतिवादियों की नियुक्ति रद्द मानी जाएगी।” आदेश में कहा गया है, “परिणामस्वरूप, ट्रिब्यूनल द्वारा संबंधित मूल आवेदनों में पारित अंतरिम आदेश जहां तक वे प्रतिवादियों को सेवा में बनाए रखते थे निरस्त माने जाएंगे। प्रतिवादी केवल ट्रिब्यूनल के उन आदेशों से प्राप्त होने वाले परिणामी लाभों के हकदार नहीं होंगे जिन्हें इस न्यायालय द्वारा रद्द कर दिया गया है।”
सत्यापन प्रक्रिया में 477 जेल कर्मियों को शामिल किया गया था
अधिकारियों ने बताया कि सत्यापन प्रक्रिया में 2020 में नियुक्त किए गए 477 जेल कर्मियों को शामिल किया गया था। विभाग के अनुसार, तिहाड़, मंडोली और रोहिणी जेल परिसरों में तैनात 50 कर्मियों के रिकॉर्ड में गड़बड़ियां पाई गईं। कर्मचारी फिलहाल प्रोबेशन पीरियड में हैं। डीएसएसएसबी की रिपोर्ट के बाद, जेल विभाग ने संबंधित व्यक्तियों से स्पष्टीकरण मांगने के लिए नोटिस जारी किए हैं ताकि उनकी सेवा समाप्त करने की कार्यवाही शुरू की जा सके।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पहचान सत्यापन की यह प्रक्रिया 2020 के भर्ती अभियान के तुरंत बाद उठाई गई चिंताओं के मद्देनजर शुरू की गई थी। चयन प्रक्रिया के दौरान अनियमितताओं की आशंकाओं के मद्देनजर, डीएसएसएसबी ने 2021 में नव नियुक्त कर्मियों के फिजिकल वेरिफिकेशन की मांग की थी।
कुछ अधिकारी वेरिफिकेशन के लिए उपस्थित नहीं हुए
अधिकारियों ने बताया कि इस प्रक्रिया को पूरा करने में काफी समय लगा। कुछ अधिकारी कथित तौर पर अलग-अलग कारणों का हवाला देते हुए निर्धारित समय पर सत्यापन के लिए उपस्थित नहीं हुए जिससे प्रक्रिया पूरी होने में देरी हुई। जेल प्रशासन अब गड़बड़ियों से जुड़े हालातों की जांच कर रहा है और यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि क्या ये गड़बड़ियां भर्ती से संबंधित किसी धोखाधड़ी से जुड़ी हुई तो नहीं हैं।
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