तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने कहा है कि हैदराबाद को एक बेहतर और सुव्यवस्थित शहर के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने शहर के विकास को लेकर सरकार की योजनाओं की जानकारी दी।

साइबराबाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन की नई इमारत की नींव रखने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के बड़े शहर अलग-अलग समस्याओं से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण, मुंबई में बाढ़ और बेंगलुरु, चेन्नई और कोलकाता में ट्रैफिक की समस्या है।

उन्होंने बताया कि हैदराबाद के बढ़ते आकार को देखते हुए शहर को तीन हिस्सों में बांटा गया है- ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (GHMC), साइबराबाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन और मलकाजगिरी म्युनिसिपल कॉरपोरेशन।

साइबराबाद को ‘दूसरा सिलिकॉन वैली’ बनाने की तैयारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम भविष्य की आबादी और शहर के विस्तार को ध्यान में रखकर उठाया गया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि शहर के विकास के लिए सभी को मिलकर काम करना चाहिए और राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि अगर सही तरीके से काम किया जाए तो साइबराबाद क्षेत्र को आगे चलकर एक बड़ा टेक हब यानी ‘दूसरा सिलिकॉन वैली’ बनाया जा सकता है।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने कहा कि सिर्फ ‘ग्लोबल सिटी’ बनने की बात करना काफी नहीं है और असली विकास उसी सोच के अनुसार जमीन पर दिखना चाहिए।

उन्होंने कहा कि हैदराबाद के भीतरी इलाकों में भीड़ कम करने के लिए सरकार एक बड़ा कदम उठा रही है। शहर के बाहरी इलाके गजुलारामाराम में 100 एकड़ में नया बस टर्मिनल बनाने का प्रस्ताव है।

यह नया बस टर्मिनल आने वाले तीन महीनों में शुरू होने वाले काम के साथ तैयार किया जाएगा। इससे शहर के बीच स्थित महात्मा गांधी बस स्टेशन (MGBS) और जुबली बस स्टेशन (सिकंदराबाद) पर भीड़ कम होगी। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि ट्रांसपोर्ट सुविधाओं को बेहतर बनाने और गरीबों के लिए आवास उपलब्ध कराने के लिए एक मास्टर प्लान तैयार किया गया है।

हैदराबाद के लिए बड़ा मास्टर प्लान तैयार

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने कहा कि शहर के विकास के लिए एक बड़ा मास्टर प्लान तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि इसके तहत मेट्रो रेल का दूसरा फेज शुरू किया जाएगा जिसे रायदुर्ग से कोकापेट के पास नेओपोलिस तक बढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही शहर में नए फ्लाईओवर और एलिवेटेड कॉरिडोर भी बनाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर में गरीब और मध्यम आय वर्ग (LIG और MIG) के लिए एक लाख घरों का निर्माण किया जाएगा। सरकार ‘राजीव गृहकल्पा’ योजना की तरह लोगों को उनके मौजूदा रहने के स्थान के आसपास ही आवास देने की योजना बना रही है।

उन्होंने यह भी बताया कि सरकार अतिक्रमण हटाकर सरकारी जमीन वापस लेगी और उन पर गरीबों के लिए घर बनाएगी। रेड्डी ने कहा कि बढ़ती आबादी और शहर की बदलती जरूरतों के कारण विधानसभा और लोकसभा क्षेत्रों की सीमाओं में भी बदलाव हो सकता है। उन्होंने कहा कि सेरिलिंगमपल्ली, कुकटपल्ली और कुतुबुल्लापुर जैसे बड़े विधानसभा क्षेत्रों को मिलाकर या फिर से व्यवस्थित करके करीब 10 नई सीटों में बदला जा सकता है।