दिल्ली पुलिस का दावाः 26 जनवरी का वीडियो दर्शाता है दीप सिद्धू की राष्ट्र विरोधी मंशा, बचाव पक्ष का तर्क- आरोपी ने जो कहा वो जय श्रीराम बोलने जैसा

दिल्ली पुलिस के वकील ने कोर्ट के सामने अभिनेता दीप सिद्धू के द्वारा दिए गए साक्षात्कार के वीडियो को प्रस्तुत करते हुए कहा कि पंजाबी अभिनेता ने स्वीकार किया है कि उन्होंने ही बैरिकेड्स को तोड़ा है।

Author Translated By रुंजय कुमार नई दिल्ली | Updated: April 12, 2021 6:25 PM
deep siddhu, tractor parade, delhiसोमवार को दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में यह दावा किया कि पंजाबी अभिनेता दीप सिद्धू का मकसद हिंसा पैदा करना और तिरंगे की अवहेलना करना था।(Express Photo: Tashi Tobgyal)

गणतंत्र दिवस के मौके पर हुई हिंसा और लालकिले पर धार्मिक झंडा फहराने के मामले में मुख्य आरोपी दीप सिद्धू को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया था। सोमवार को दीप सिद्धू के मामले पर सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में यह दावा किया कि पंजाबी अभिनेता दीप सिद्धू का मकसद हिंसा पैदा करना और तिरंगे की अवहेलना करना था।

दिल्ली पुलिस के वकील ने कोर्ट के सामने अभिनेता दीप सिद्धू के द्वारा दिए गए साक्षात्कार के वीडियो को प्रस्तुत करते हुए कहा कि पंजाबी अभिनेता ने स्वीकार किया है कि उन्होंने ही बैरिकेड्स को तोड़ा है। साथ ही वकील ने कहा कि दीप सिद्धू की उपस्थिति में ही राष्ट्रीय ध्वज की अवहेलना की गई। दीप सिद्धू को यह पता था कि ट्रैक्टर परेड के दौरान प्रदर्शनकारी दिल्ली पुलिस के द्वारा दिए गए रूट का पालन नहीं करेंगे। इसलिए यह साफ़ है कि दीप सिद्धू की मंशा हिंसा पैदा करना और राष्ट्रीय ध्वज की अवहेलना करना था।

इसके अलावा दिल्ली पुलिस के वकील ने कहा कि 26 जनवरी के एक वीडियो में दीप सिद्धू को जुगराज सिंह उकसाते हुए देखा गया था। जुगराज सिंह पर ही लालकिले में निशान साहिब का झंडा फहराने का आरोप है। साथ ही वकील ने कहा कि दीप सिद्धू की मौजूदगी में ही राष्ट्रीय ध्वज का निरादर किया गया लेकिन इसके बावजूद भी उसने कुछ नहीं कहा। वकील ने यह भी कहा कि 26 जनवरी के वीडियो में दीप सिद्धू को नारा लगाते हुए देखा गया है।

अभियोजन पक्ष की तरफ से लगाए गए आरोपों पर दीप सिद्धू के वकील ने कहा कि पंजाबी अभिनेता सिर्फ लोगों को एकजुट होने के लिए कह रहे थे। वह लोगों से कह रहे थे कि किसान नेता जो भी कहें उनका पालन सभी लोग करें। साथ ही अभिषेक गुप्ता ने कहा कि फेसबुक लाइव के आधार पर दीप सिद्धू के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। जहां तक भीड़ में किसी व्यक्ति के द्वारा तिरंगा फेंके जाने की बात है तो क्या इसमें 1000 लोगों को भी फंसाया जा सकता है।

आगे अभिषेक गुप्ता ने कहा कि दीप सिद्धू ने किसी को भी निशान साहिब फहराने के लिए नहीं उकसाया था। इसलिए झंडा फहराने वाले को पकड़ा जाए। साथ ही अभिषेक गुप्ता ने कहा कि जहां तक नारे लगाने की बात है तो किसी भी धार्मिक नारे के द्वारा कैसे हिंसा को भड़काया जा सकता है। यह तो बस जय श्री राम के नारे लगाने जैसा है।

26 जनवरी की घटना के मामले में मुख्य आरोपी दीप सिद्धू को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार कर लिया था। दिल्ली पुलिस ने दीप सिद्धू समेत चार लोगों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम रखा था। ये सभी लालकिले के अंदर उपद्रव करने, धार्मिक झंडा फहराने और लोगों को उकसाने के आरोपी थे।

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