दिल्ली पुलिस ने विपक्षी सांसदों को हिरासत में लिया था, जिसमें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सपा मुखिया अखिलेश यादव और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी भी शामिल थीं। पुलिस ने सभी विपक्षी नेताओं को हिरासत से रिहा कर दिया है। दिल्ली पुलिस राहुल गांधी को छत्रसाल स्टेडियम लेकर गई थी, जहां से उन्हें रिहा किया गया है। अखिलेश यादव को भी पुलिस छत्रसाल स्टेडियम में लेकर गई थी जहां से उन्हें भी रिहा किया गया है।
मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंची थीं सोनिया
बता दें कि कांग्रेस संसदीय दल की चेयरपर्सन सोनिया गांधी मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंची थीं। प्रधानमंत्री आवास के सामने प्रदर्शन कर रहे विपक्षी नेताओं को पुलिस हिरासत में लेकर यहीं पर लाई थी। जैसे ही सोनिया गांधी को इसकी खबर हुई, वह तुरंत मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंच गई थी।
विपक्ष के नेताओं को बोलने नहीं दिया जाता- प्रियंका गांधी
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने हिरासत से रिहा होने के बाद कहा, “अगर विपक्ष के नेता पार्लियामेंट में बोलना चाहते हैं, तो उन्हें बोलने नहीं दिया जाता। अगर हम प्रोटेस्ट करने की परमिशन मांगते हैं, तो वह परमिशन नहीं दी जाती। इसलिए हम ऐसी जगह गए जहां उन्हें हमारी बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी।
प्रियंका गांधी वाड्रा ने आगे कहा, “हमारे देश के बच्चों, हमारे देश के भविष्य की बात सुनने में क्या दिक्कत है? उनकी एक सच्ची मांग है। उनके प्रतिनिधि होने के नाते, उनकी आवाज़ उठाना और उन्हें मज़बूत बनाना हमारी ज़िम्मेदारी है। डेमोक्रेसी में विरोध करना एक बुनियादी अधिकार है। हम जहां भी ज़रूरत होगी, अपनी आवाज़ उठाएँगे। हमारी मांग साफ़ है और शुरू से वही है। हमें टूटे हुए एजुकेशन सिस्टम को ठीक करना है। धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफ़ा देना होगा। पार्लियामेंट में चर्चा होनी चाहिए और स्टूडेंट्स की बात सुनी जानी चाहिए। वंदे मातरम का क्या मतलब है? अपनी मातृभूमि का सम्मान करना। हमारी मातृभूमि डेमोक्रेसी है। ये बच्चे कौन हैं? इन्होंने ही हमें वोट देकर पार्लियामेंट में भेजा है। एजुकेशन सिस्टम में बदलाव के लिए बिल क्यों नहीं लाया जा रहा है? अडानी-अंबानी के 16 लाख करोड़ रुपये के लोन माफ़ कर दिए गए। लेकिन पूरे देश की एजुकेशन पर सिर्फ़ 1.4 लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए।”
सरकार को स्टूडेंट्स की मांगें मान लेनी चाहिए- अखिलेश यादव
रिहा होने के बाद अखिलेश यादव ने कहा, “सरकार को स्टूडेंट्स की मांगें मान लेनी चाहिए। जहां तक सरकार द्वारा स्टूडेंट्स और युवाओं के साथ किए गए अन्याय की बात है, जिस तरह से उन्हें पीटा गया, उनके सिर फोड़ दिए गए और उनकी हड्डियां तोड़ दी गईं। यहां तक कि छात्राओं के कपड़े भी फाड़ दिए गए। क्या लोकतंत्र में सरकार से इस तरह के व्यवहार की उम्मीद की जाती है, वह भी शांतिपूर्ण विरोध के दौरान। हम इस मुद्दे को सदन में उठाएंगे।”
कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने कहा, “राहुल गांधी और हम सभी को हिरासत में लेकर छत्रसाल स्टेडियम लाया गया। मांग वही है- शिक्षा मंत्री का इस्तीफा, साथ ही इस पर पार्लियामेंट में बहस हो।”
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दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए लाठी चार्ज के विरोध में कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और सांसद प्रियंका गांधी कांग्रेस सांसदों के साथ धरने पर बैठे थे। पढ़ें पूरी खबर
