कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सोमवार (20 जुलाई) को ‘संसद चलो’ मार्च की घोषणा की थी। ऐसे में हजारों युवा दिल्ली पहुंचे और संसद की ओर कूच कर रहे थे। बीच में ही प्रदर्शन हिंसक हो गया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई जगहों पर झड़प हुई। इस प्रदर्शन में प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी दोनों घायल हुए हैं। दिल्ली पुलिस ने सोमवार रात बयान जारी कर बताया कि इसमें कितना नुकसान हुआ है।
पुलिस ने क्या कहा?
पुलिस ने बयान में कहा, “आज नई दिल्ली इलाके में CJP के विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने बेकाबू, गुस्सैल और हिंसक व्यवहार दिखाया। पुलिस की बार-बार चेतावनी और कानूनी निर्देशों के बावजूद, वे हटने को तैयार नहीं हुए और जानबूझकर लागू रोक का उल्लंघन किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कर्मियों पर पत्थरों और दूसरी चीज़ों से हमला किया, पुलिस बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की, पुलिस और दूसरी सरकारी गाड़ियों में तोड़फोड़ की, पब्लिक प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाया, और बड़े पैमाने पर हिंसा की, जिससे पब्लिक ऑर्डर, सुरक्षा व्यवस्था और अपनी कानूनी ड्यूटी कर रहे पुलिस कर्मियों की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो गया।”
पुलिस ने आगे कहा, “इसके चलते 118 से ज़्यादा पुलिस कर्मी घायल हो गए, जिनमें स्पेशल कमिश्नर ऑफ़ पुलिस, जॉइंट कमिश्नर ऑफ़ पुलिस, एडिशनल कमिश्नर ऑफ़ पुलिस, डिप्टी कमिश्नर ऑफ़ पुलिस, एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ़ पुलिस और असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ़ पुलिस जैसे रैंक के सीनियर अधिकारी, और कई महिला पुलिस कर्मी शामिल हैं। झड़प के दौरान, लगभग 60 प्रदर्शनकारियों के भी घायल होने की खबर है। बाकी घायल पुलिस कर्मियों का मेडिको-लीगल एग्जामिनेशन (MLC) चल रहा है।”
दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी दिल्ली पुलिस
पुलिस ने कहा कि हिंसक भीड़ ने सार्वजनिक संपत्ति को भी बहुत नुकसान पहुंचाया। उन्होंने अनुसार, “इस घटना के दौरान करीब 15 से 20 सरकारी गाड़ियों के साथ-साथ दूसरी सरकारी प्रॉपर्टी में भी तोड़फोड़ की गई। करीब 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है। सही कानूनी कार्रवाई शुरू की जा रही है, और भारतीय न्याय संहिता और दूसरे लागू कानूनों के तहत दंगा करने, सरकारी कर्मचारियों पर हमला करने, पब्लिक प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाने और विरोध के दौरान किए गए दूसरे अपराधों के लिए FIR दर्ज की जा रही है। दिल्ली पुलिस पब्लिक ऑर्डर बनाए रखने और सभी नागरिकों की सुरक्षा पक्का करने के लिए पूरी तरह तैयार है। गैर-कानूनी और हिंसक कामों में शामिल पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
घायल पुलिस अधिकारी ने क्या कहा?
पुलिस और CJP प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प में घायल हुए एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “हम जनपथ पर क्लैरिजेस होटल के सामने ड्यूटी पर थे। वहां बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जमा हो गए थे। अचानक दोनों तरफ से पत्थर बरसने लगे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने सुनने से मना कर दिया। कांस्टेबल से लेकर IPS अधिकारियों तक कई लोग घायल हो गए। खासकर एक लड़की को गंभीर चोटें आईं। कुछ लोगों के सिर पर चोट लगी, जबकि मेरे हाथ पर लगी। एक ASI गिर गया और उस पर और हमला किया गया। सब-इंस्पेक्टर अजय कुमार ने उसे बचाने की कोशिश की और इस दौरान उसे काफी चोटें आईं। हालांकि, यह साफ नहीं है कि उन्हें पत्थर कहां से मिले। यह पहले से प्लान किया गया काम था या नहीं, यह अभी साफ नहीं है।”
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कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन जारी है। इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी का प्रतिनिधिमंडल सोमवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मिला। सीजेपी की ओर से उसके प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका ने जेपी नड्डा से मुलाकात की और अपनी मांगों की सूची सौंपी। पढ़ें पूरी खबर
