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कैब बलात्कार मामला: ‘उबर’ के अधिकारियों से होगी पूछताछ

कैब चालक द्वारा 27 वर्षीय महिला के साथ कथित बलात्कार के मामले में अंतरराष्ट्रीय टैक्सी बुकिंग सेवा उबर के अधिकारियों से आज लगातार दूसरे दिन पूछताछ की जाएगी। उबर के महाप्रबंधक (विपणन) और भारत में कंपनी के कामकाज के प्रभारी होने का दावा करने वाले गगन भाटिया कल पूछताछ के दौरान पुलिस को कंपनी के […]

Author Updated: December 9, 2014 3:08 PM

कैब चालक द्वारा 27 वर्षीय महिला के साथ कथित बलात्कार के मामले में अंतरराष्ट्रीय टैक्सी बुकिंग सेवा उबर के अधिकारियों से आज लगातार दूसरे दिन पूछताछ की जाएगी। उबर के महाप्रबंधक (विपणन) और भारत में कंपनी के कामकाज के प्रभारी होने का दावा करने वाले गगन भाटिया कल पूछताछ के दौरान पुलिस को कंपनी के संचालन एवं नीतियों से जुड़ी ज्यादा सूचनाएं उपलब्ध नहीं करा सके। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें आज कुछ दस्तावेज पेश करने के लिए कहा है।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘हम जानना चाहते हैं कि जब कंपनी अपने एप्प (एप्लीकेशन) के जरिए किसी ग्राहक और कार चालक को एक दूसरे के संपर्क में लाती है तो इसमें उसकी अपनी क्या भूमिका होती है? इस मामले की तरह ही, अगर चालक कोई अपराध करता है तो कंपनी की क्या जिम्मेदारी बनती है? बिजनेस मॉडल क्या है? यह कैसे काम करता है? इसके प्रवर्तक कौन हैं?’’

जांच से जुड़े सूत्रों ने कहा कि भाटिया पुलिस के सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इसके बाद उन्हें भारत में कंपनी के कामकाज के संदर्भ में दस्तावेज पेश करने के लिए कहा गया।

अधिकारी ने कहा, ‘‘उन्होंने पहले हमें बताया कि कोई कंट्री हेड (देशभर में संचालन का प्रमुख) नहीं है और वह ईएमईए (यूरोप-मध्यपूर्व-एशिया) में संचालन प्रमुख एक व्यक्ति को रिपोर्ट करते हैं। अगर हमें भाटिया से संतोषजनक जवाब नहीं मिलते हैं तो हम पूछताछ के लिए इस ईएमईए से संपर्क कर सकते हैं।’’

उन्होंने कहा कि उन्हें कंपनी की ओर से किए गए गंभीर उल्लंघनों का पता चला है। ये उल्लंघन मोटर वाहन अधिनियम और अन्य नियमों से संबंधित हैं। कल अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (उत्तरी) बृजेंद्र कुमार यादव के नेतृत्व वाले एक दल ने भाटिया से पूछताछ की थी। बाद में शाम को दिल्ली पुलिस आयुक्त बी एस बस्सी ने कहा कि ‘व्यवस्था में कुछ खामियां हैं’ और इस मामले में कंपनी की ‘तय जिम्मेदारी बनती थी।’

उन्होंने कहा कि दिल्ली में काली और पीली टैक्सी और रेडियो टैक्सी चलती हैं। रेडियो टैक्सी वर्ष 2006 में लाई गई थीं। टैक्सी उपलब्ध कराने वाले वर्ष 2006 की रेडियो टैक्सी नीति के अंतर्गत तय की गई कुछ स्थितियों के तहत काम करते हैं।

बस्सी ने कहा, ‘‘इंटरनेट के प्रसार के साथ ही कई वर्चुअल प्लेटफॉर्म आ गए हैं। उबर उन्हीं में से एक है। वे परिवहन अधिकारियों से बिना कोई अनुमति लिए काम कर रहे थे और व्यवस्था में कई खामियां हैं। वे टैक्सी संचालक और ग्राहक को एक वर्चुअल प्लेटफॉर्म के जरिए एकसाथ लाते थे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘उनकी कुछ निश्चित जिम्मेदारियां बनती थीं क्योंकि जब आप दो लोगों को एकसाथ लेकर आते हैं तो आप ग्राहक के लिए एक निश्चित गुणवत्ता सुनिश्चित करते हैं, जो यहां थी ही नहीं।’’

उबर कैब चला रहे चालक शिव कुमार यादव ने गुड़गांव की फाइनेंस कंपनी में काम करने वाली एक महिला के साथ शुक्रवार रात को उस समय कथित बलात्कार किया था, जब वह इस कैब में बैठकर उत्तरी दिल्ली के इंद्रलोक स्थित अपने घर वापस आ रही थी।

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