दिल्ली: कोरोना के सबसे बड़े केंद्र बने उत्तर व दक्षिणी पश्चिम जिले

दिल्ली के सभी जिलों में अब कोई पाबंदी नहीं है। केवल सील क्षेत्र में ही जरूरी सेवाओं की अनुमति है और बाकि सभी गतिविधियों को रोका गया है।

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बीते दिनों में कोरोना मरीजों का आंकड़ा लगातार गिर रहा था और यह आंकड़ा 100 से नीचे पहुंच गया था। दिल्ली में कोरोना की वजह से अब तक 216 इलाकों को सील किया जा चुका है। हालात सामान्य होने के बाद 58 इलाकों को खोला गया है। इस समय उत्तरी व दक्षिणी पश्चिमी दिल्ली कोरोना संक्रमण का सबसे बड़े (संवेदनशील क्षेत्र) केंद्र है। इन दोनों ही जिलों में 29 ऐसे इलाके हैं जो सील हैं। इसके बाद 11 में से 5 जिले ऐसे हैं, जहां पर सील क्षेत्र की संख्या का आंकड़ा 20 से कम है।

दिल्ली के सभी जिलों में अब कोई पाबंदी नहीं है। केवल सील क्षेत्र में ही जरूरी सेवाओं की अनुमति है और बाकि सभी गतिविधियों को रोका गया है। इसके बाद भी सील क्षेत्र की संख्या तेजी से बढ़ रही है। दिल्ली में कहीं भी तीन या तीन से अधिक मामले सामने आते हैं तो सरकारी एजंसियां उसे सील क्षेत्र घोषित करती हैं। बुधवार तक दिल्ली में सील क्षेत्र की संख्या बढ़कर 158 हो चुकी है।

सरकारी एजंसियां तमाम आंकड़ों के बाद स्थिति नियंत्रण में होने का दावा कर रही हैं, लेकिन हकीकत यह है कि दिल्ली में एकांतवास में रह रहे मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इस संख्या में बीते चार दिन में 2300 से अधिक मरीज बढ़ गए हैं। हल्के लक्षण वाले मरीजों को घर पर ही एकांतवास में रुकने की सलाह दे रही हैं।

तय नियमों राहत के बाद से ही कोरोना संक्रमण का आंकड़ा हर दिन एक नया कीर्तिमान तय कर रहा है। इस दौरान संक्रमण का औसत आंकड़ा एक हजार मरीज से ऊपर ही रहा है। यह केवल एक ही दिन इस आंकड़े से गिरा है। वहीं, दिल्ली में कोरोना संक्रमण से मरने वालों का आंकड़ा भी तेजी से बढ़ गया है। बीते दिनों में यह सबसे बड़ा उछाल माना जा रहा है। अब तक 2,23, 607 संक्रमण की जांच हुई है।

मोटर लाइसेंस दफ्तर में भी कोरोना की दस्तक : राजनिवास- दिल्ली सचिवालय के बाद अब मोटर लाइसेंस आॅफिस में भी कोरोना का संक्रमण पहुंच गया है। संक्रमण के बाद सराय काले खां के लाइसेंस आॅफिस को ही बंद करना पड़ा है। इससे पूर्व परिवहन विभाग के मुख्यालय में भी तीन मामले सामने आए थे। इंस्पेक्टर व अन्य दो की रिपोर्ट का इंतजार है। इसलिए अगले आदेश तक आफिस बंद रहेगा।

पांच सदस्य वाली विशेष टीम करेगी निगरानी : कोरोना मामले तेजी से बढ़ने के बाद दिल्ली सरकार ने एक विशेष पांच सदस्यीय टीम का गठन किया है। यह टीम स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और विस्तार की जरूरत पर रिपोर्ट 6 जून तक देगी। कमेटी के अध्यक्ष आइपी विवि के उप कुलपति डॉ महेश वर्मा होंगे। इस टीम में डॉक्टर सुशील कुमार, डॉ अरूण गुप्ता, आर के गुप्ता व संदीप बुद्धिराजा को भी शामिल किया गया है। दिल्ली सरकार के विशेष स्वास्थ्य सचिव एस एम अली ने आदेश जारी किए हैं।

एक और पुलिसकर्मी की मौत
सफदरजंग अस्पताल में दिल्ली पुलिस के एक कांस्टेबल की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना की जानकारी सफदरजंग एन्क्लेव थाना पुलिस को मंगलवार देर रात दी गई थी। पुलिस ने बताया कि कांस्टेबल राहुल की मौत कोरोना से हुई है। वह उत्तरी पूर्वी दिल्ली के उपायुक्त कार्यालय में कार्यरत थे। उनका कोरोना की जांच के लिए नमूना लिया गया था। हालांकि, उनका टीबी का भी इलाज चल रहा था। उन्हें डॉक्टर ने मेडिकल की छुट्टी पर बीते नवंबर महीने में ही भेज दिया था। हालात बिगड़ने के बाद परिजनों ने उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करवाया था। उनके परिवार में पत्नी, पिता और सात साल का एक बेटा है। वह मूलरूप से अलीगढ़ के रहने वाले थे।

राज्य कैंसर अस्पताल में फिर संक्रमण
राज्य कैंसर अस्पताल में फिर हुई कोरोना की वापसी हुई है। अस्पताल में आज दो नर्स की रिपोर्ट में संक्रमण होने की पुष्टि हुई है। दो दिन पहले भी एक डॉक्टर को कोरना का संक्रमण होने की पुष्टि हुई थी। उधर, एलएनजेपी में पॉजिटिव मरीजों की कुल संख्या आज 884 हो गई है। वही आज पांच मरीजों ने दम तोड़ दिया। सफदरजंग अस्पताल में भी मरीजों के आने व शवों के जाने का सिलसिला बना हुआ है। राज्य कैंसर संस्थान में अप्रैल महीने में डाक्टरों व नर्सों सहित 31 कर्मी संक्रमित हुए थे। उसके बाद इमारत को सील कर संक्रमण रहित करने का काम करना पड़ा।

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