पेट्रोल-डीजल बचाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी की अपील पर दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने कई फैसले किए हैं। रेखा गुप्ता सरकार ने दिल्ली में सरकारी कर्मचारियों को हफ्ते में दो दिन वर्क फ्रॉम होम की सहूलियत देने का ऐलान किया है। प्राइवेट सेक्टर को भी कम से कम हफ्ते में दो दिनों के लिए वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य करने के लिए कहा जाएगा।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार द्वारा जितनी जरूरत है, उतने ही वाहनों का इस्तेमाल किया जाएगा और जहां भी पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल संभव है, वहां किया जाएगा। इसके अलावा अधिकारियों को मिलने वाले पेट्रोल-डीजल में 20% की कटौती की जाएगी।

‘हर सोमवार मेट्रो मंडे’

उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार अगले छह महीने में कोई भी गाड़ी नहीं खरीदेगी। हर सोमवार को दिल्ली सरकार ‘मेट्रो मंडे’ के रूप में ऑब्जर्व करेंगी और दिल्ली सरकार के मंत्री, अधिकारी मेट्रो के जरिए दफ्तर पहुंचेंगे।

रेखा गुप्ता ने बताया कि ट्रैफिक को देखते हुए दिल्ली सरकार के कर्मचारियों के दफ्तर के समय में भी बदलाव किया जाएगा। दिल्ली सरकार अपनी 50% मीटिंग ऑनलाइन करेगी। रेखा गुप्ता ने दिल्ली की जनता से अपील की कि वे हफ्ते में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ मनाएं और अपना वाहन सड़क पर न उतारें।

रेखा गुप्ता ने और क्या कहा?

दिल्ली सरकार का कोई मंत्री, अधिकारी एक साल तक सरकारी यात्रा पर विदेश नहीं जाएगा।

अगले तीन महीने तक कोई बड़ा कार्यक्रम नहीं किया जाएगा।

ग्रेड वन से लेकर ग्रेड 8 तक के ल‍िए सभी ट्रांसपोर्ट अलाउंस 10 पर्सेंट बढाएंगे, अगर वो सार्वजन‍िक परि‍वहन प्रयोग करते हैं।

दिल्ली के लिए विशेष ट्रेवल प्रोग्राम डिजाइन करवाए जाएंगे।

कॉलेजों से भी अपील- नॉन प्रैक्टिकल क्लास ऑनलाइन मोड पर करें।

कोर्ट से भी निवेदन- ऑनलाइन सुनवाई की अधिकतम कोशिश की जाएं।

व्‍यापार‍ियों से ट्रक के जर‍िए माल ढुलाई की बजाय मालगाड़ी से माल ढुलाई करने की अपील।  

रेखा गुप्ता के काफिले में 60% कटौती

रेखा गुप्‍ता ने अपने काफिले में चलने वाली गाड़‍ियों में 60 फीसद की कटौती की है। अब उनके काफिले में केवल चार गाड़‍ियां शाम‍िल की गई हैं। इनमें दो गाड़‍ियां इलेक्‍ट्र‍िक व्‍हीकल हैं।

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प्रधानमंत्री के आह्वान से इस बात के संकेत भी मिल रहे हैं कि आने वाले समय में रोजमर्रा के इस्तेमाल की जरूरी वस्तुएं महंगी हो सकती हैं। यानी कच्चे तेल से जुड़ी महंगाई, पैकेजिंग सामग्री और ईंधन लागत में बढ़ोतरी के बीच साबुन, डिटर्जेंट, बिस्किट, पैकेट बंद खाद्य पदार्थ और पेय उत्पाद जैसी वस्तुओं की कीमतें बढ़ सकती हैं। पूरा लेख पढ़ने के लिए क्लिक करें