भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के ताजा अनुमान के मुताबिक, मौसम फिलहाल पूरी तरह स्थिर नहीं है और दिल्ली-एनसीआर में अगले कुछ दिनों तक इसके बदले-बदले रंग देखने को मिल सकते हैं। मौसम विभाग ने एक फरवरी के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस दिन हल्की बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। अनुमान है कि हवाओं की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ आंधी भी आ सकती है। शनिवार देर रात कई जगहों पर इसी तरह का मौसम देखने को मिला, जहां तेज सतही हवाओं के साथ हल्की बारिश दर्ज की गई।
हालांकि, राहत की बात यह है कि एक फरवरी के बाद मौसम विभाग ने किसी तरह की चेतावनी जारी नहीं की है। पहले यह अनुमान लगाया जा रहा था कि बारिश का सिलसिला अगले सप्ताह तक चल सकता है, लेकिन अब पूर्वानुमान में बदलाव किया गया है। दो फरवरी से छह फरवरी के बीच बारिश या आंधी को लेकर कोई अलर्ट नहीं है। इस दौरान मौसम आमतौर पर शुष्क रहेगा।
इस हफ्ते सुबह के समय कोहरे की परेशानी जरूर बनी रह सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, दो से छह फरवरी तक मध्यम स्तर का कोहरा छाने की संभावना है, खासकर सुबह के वक्त। ऐसे में वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। तापमान की बात करें तो अधिकतम तापमान 18 से 19 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रह सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 8 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। जनवरी के आखिरी दिन ठंड ने थोड़ा ज्यादा असर दिखाया। शनिवार सुबह न्यूनतम तापमान 6.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से कम रहा। वहीं अधिकतम तापमान 21.5 डिग्री सेल्सियस रहा।
मौसम के साथ-साथ राजधानी की हवा भी चिंता बढ़ा रही है। धुंध और धूल की वजह से दिल्ली में वायु गुणवत्ता एक बार फिर बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स 400 के पार दर्ज किया गया, जो सेहत के लिहाज से बेहद खतरनाक माना जाता है।
इस बीच मौसम विभाग ने फरवरी महीने को लेकर भी अहम संकेत दिए हैं। विभाग का कहना है कि इस साल फरवरी सामान्य से ज्यादा गर्म रह सकती है और बारिश भी औसत से कम हो सकती है। इसका सीधा असर रबी की फसलों पर पड़ने की आशंका है। गेहूं, सरसों, चना, मसूर और मटर जैसी फसलें समय से पहले पक सकती हैं, जिससे दाने ठीक से नहीं भर पाएंगे और पैदावार घट सकती है।
गर्म मौसम में कीटों का खतरा भी बढ़ जाता है। एफिड्स और अन्य रस चूसने वाले कीड़े तेजी से फैल सकते हैं। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे फसलों की नियमित निगरानी करें और जरूरत के अनुसार हल्की लेकिन बार-बार सिंचाई करें। पशुपालकों को भी पशुओं के लिए पानी, छाया और हवा की उचित व्यवस्था रखने की सलाह दी गई है। कुल मिलाकर, आने वाला हफ्ता मौसम के लिहाज से थोड़ा सतर्क रहने का है – कहीं तेज हवाएं और हल्की बारिश, कहीं कोहरा और आगे चलकर बढ़ती गर्मी की आहट।
