Delhi Weather Forecast: दिल्ली-एनसीआर में हुई बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से काफी राहत दिलाई। हालांकि, मौसम विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में आर्द्रता बढ़ने के कारण दिल्लीवासियों को उमस का सामना करना पड़ सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, शनिवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान सामान्य से 4.3 डिग्री कम 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

बता दें कि शनिवार को न्यूनतम तापमान सामान्य से 6.6 डिग्री कम 21.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शाम साढ़े पांच बजे सापेक्षिक आर्द्रता 48 फीसदी दर्ज की गई। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, एक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण मौसम का मिजाज बदला हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि जैसे-जैसे इसका प्रभाव कमजोर होगा और दिल्ली से दूर जाएगा, रविवार से इसका असर कम होने लगेगा।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने का अनुमान है। आईएमडी के मुताबिक, रविवार को आंशिक तौर पर बादल छाए रहने का अनुमान है और बिजली कड़कने की भी संभावना जताई गई है। आंशिक तौर पर बादल छाए रहने की स्थिति 19 जून तक बनी रह सकती है।

लू जैसी गंभीर स्थिति की आशंका नहीं

इस दौरान अधिकतम पारा 37 से 40 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 से 28 डिग्री के बीच रिकॉर्ड होने की संभावना है। मौसम विभाग ने बताया कि फिलहाल किसी भी तरह की गंभीर मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही अगले कुछ दिनों में लू जैसी गंभीर स्थिति की आशंका नहीं है लेकिन हाल की बारिश के बाद बढ़ी नमी के कारण लोगों को उमस महसूस हो सकती है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार शाम छह बजे शहर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 111 दर्ज किया गया, जो संतोषजनक श्रेणी के अंतर्गत है।

जलभराव से निपटने को लेकर निर्देश

इधर, आगामी मानसून से पहले राजधानी दिल्ली में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए तैयारियां की जा रही हैं। दिल्ली सरकार जहां राज्य स्तर पर कार्यवाही कर रही है। वहीं, जिला स्तर पर भी इसको पूरी गंभीरता के साथ लेकर काम किया जा रहा है। इसका ताजा उदाहरण दक्षिणी पश्चिमी जिला विकास समिति (डीडीसी) की बैठक में सामने आया है।

डीडीसी के नवनियुक्त अध्यक्ष प्रद्युमन राजपूत ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि बरसात के मौसम में जलभराव और जन समस्याओं में कोताही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिला समिति अध्यक्ष ने अधिकारियों को बैठक में चेतावनी देते हुए कहा कि अब लटकाने भटकाने से काम नहीं चलेगा।

जमीन पर उतरकर करना पड़ेगा काम

अधिकारी कार्यवाही रिपोर्ट (एटीआर) तैयार करते हुए उसकी भाषा का भी विशेष ख्याल रखें। रिपोर्ट में गोलमोल जवाब से काम नहीं चलेगा, बल्कि उनको जमीन पर उतरकर काम करना पड़ेगा। अगर अधिकारी इसमें लापरवाही करते हैं तो उनको स्पष्ट कारण भी बताना होगा। सभी अधिकारियों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि कहीं भी जलभराव वाले स्थान चिन्हित किए गए हैं उनमें पंप आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। सभी नालों से गाद निकालने का काम समय से पूरा किया जाए।

बैठक में उपस्थित जिलाधिकारी मेकला चैतन्य प्रसाद को सड़कों पर होने वाले अतिक्रमण पर सख्त रुख अख्तियार करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने यह कहा कि अतिक्रमण को हटाने के लिए दिल्ली नगर निगम, दिल्ली पुलिस और दिल्ली सरकार के संबंधित विभाग मिलकर काम करेंगे।