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दिल्ली एनसीआर की हवा पूर्णबंदी में भी रही दूषित, विज्ञान और पर्यावरण केंद्र ने जारी किए ताजा आंकड़े

विश्लेषण दिल्ली और एनसीआर में वर्तमान में काम कर रहे वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशनों से उपलब्ध वास्तविक समय के आंकड़ों (रियल टाइम डाटा) पर आधारित है।

Edited By Sanjay Dubey नई दिल्ली | Updated: June 6, 2021 7:12 AM
दिल्ली में पूर्णबंदी के बावजूद प्रदूषण में इस साल कोई कामी नहीं आई। (फोटो- इंडियन एक्सप्रेस)

पूर्णबंदी के बावजूद दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण बढ़ा हुआ पाया गया, वहीं निगरानी तंत्र में भी कमी पाई गई। विश्व पर्यावरण दिवस पर विज्ञान और पर्यावरण केंद्र (सीएसई) ने वायु गुणवत्ता विश्लेषण के ताजा आंकड़े जारी किए हैं जो दर्शाता है कि दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में महामारी के दौरान हवा कैसी थी। यह आकलन अवधि सितंबर 2018 से मई 2021 तक है जिसमें दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लगातार तीन सर्दियों के मौसम, पूर्व और महामारी युग और पूर्णबंदी के विभिन्न चरणों को शामिल किया गया है।

रिपोर्ट बताती है कि 2020 में मार्च से मई और अप्रैल-जून, 2021 में पूर्णबंदी के दोनों चरणों के दौरान महीन धूल कणों (पीएम 2.5) के स्तर में काफी गिरावट आई है, जबकि शुरुआती महीनों में आंशिक प्रतिबंधों के बावजूद प्रदूषण स्तर में वृद्धि हुई है। सीएसई की कार्यकारी निदेशक-अनुसंधान और वकालत अनुमिता रॉय चौधरी ने कहा है कि इसके कारण की जांच की आवश्यकता है। आमतौर से वसंत का समय जनवरी से मार्च, जब सर्दियों के बाद प्रदूषण का स्तर कम होना शुरू हो जाता है। सीएसई के अविकल सोमवंशी ने कहा कि इस वर्ष पीएम 2.5 पिछले वर्षों की इसी अवधि की तुलना में उच्चतम मौसमी स्तर पर दर्ज किया है ।

यह विश्लेषण दिल्ली और एनसीआर में वर्तमान में काम कर रहे वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशनों से उपलब्ध वास्तविक समय के आंकड़ों (रियल टाइम डाटा) पर आधारित है। दिल्ली का निगरानी नेटवर्क 2020 के अंत तक 40 स्टेशनों (दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति या डीपीसीसी के 24, आइएमडी के 8, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के 6 और आइआइटीएम के 2) तक बढ़ गया, लेकिन सक्रिय स्टेशनों की संख्या आइएमडी के सभी स्टेशनों के ऑफलाइन हो जाने के कारण घटकर 32 हो गई है।

बुराड़ी क्रॉसिंग पर आइएमडी का स्टेशन 13 दिसंबर, 2020 से बंद (ऑफलाइन) है, जबकि आयानगर, सीआरआरआइ मथुरा रोड, आइआइटी, एयरपोर्ट, लोदी रोड, दिल्ली विश्विद्यालय का उत्तरी परिसर और स्टेशन 10 मार्च, 2021 को बंद हो गए। वास्तव में, उनके दो अन्य स्टेशन (ग्वाल) पहाड़ी, गुरुग्राम और नोएडा सेक्टर 62 भी ऑफलाइन हो गए हैं।

कुल मिलाकर, दिल्ली और एनसीआर के पांच बड़े शहरों में निगरानी नेटवर्क की संख्या 58 स्टेशनों से घटकर 48 स्टेशनों पर आ गई है। डेटा की कम उपलब्धता के साथ यह चिंता का विषय है क्योंकि इससे निगरानी नेटवर्क कमजोर हो जाता है।

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