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दिल्ली मेट्रो दुनिया की दूसरी सबसे महंगी मेट्रो सेवा: AAP का हमला- किराया कम करे केंद्र सरकार

आप नेता ने कहा ‘‘दिल्ली मेट्रो का किराया आम आदमी की पहुंच से बाहर हो गया है। यह बेहद शर्मनाक है कि मेट्रो रेल की सेवा बेहतर होने के बावजूद महज किराये की अधिकता के कारण यात्रियों की संख्या में कमी आ रही है।’’

Author September 5, 2018 8:16 PM
तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक तौर पर। (फाइल)

आम आदमी पार्टी ने दिल्ली मेट्रो के किराये में बढ़ोतरी के कारण यात्रियों की संख्या में कमी आने के मद्देनजर केन्द्र सरकार से मेट्रो के किराये में कमी करने की मांग की है। आप के राष्ट्रीय सचिव पंकज गुप्ता ने बुधवार को संवाददाताओं को पर्यावरण के क्षेत्र में कार्यरत शोध संस्था सीएसई की रिपोर्ट के हवाले से कहा कि दिल्ली मेट्रो विश्व की दूसरी सबसे महँगी मेट्रो रेल सेवा है। गुप्ता ने कहा ‘‘दिल्ली मेट्रो का किराया आम आदमी की पहुंच से बाहर हो गया है। यह बेहद शर्मनाक है कि मेट्रो रेल की सेवा बेहतर होने के बावजूद महज किराये की अधिकता के कारण यात्रियों की संख्या में कमी आ रही है।’’ उन्होंने कहा कि रिपोर्ट से स्पष्ट है कि साल 2016 में मेट्रो के यात्रियों की अनुमानित संख्या लगभग 39 लाख प्रतिदिन थी। परन्तु मेट्रो के किराये में इजाफे के कारण यह आंकड़ा लगभग 27 लाख तक ही पहुँच पाया है।

आप नेता ने कहा कि इसके कारण दिल्ली में यातायात की समस्या बढ़ी हैं, इससे प्रदूषण का संकट भी गहरा रहा है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार को मेट्रो के किराये में कम से कम इतनी कमी करना चाहिये जिससे यात्रियों की संख्या अपेक्षा के अनुरुप पहुंच सके। गुप्ता ने कहा कि आप ने किराये बढ़ोतरी का पुरजोर विरोध करते हुये ऐसा करने से यात्रियों की संख्या में कमी आने के प्रति आगाह किया था। उन्होंने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उस समय कहा था कि मेट्रो लाभार्जन का साधन नहीं है बल्कि जनता को बेहतर सेवा देने वाली परिवहन सेवा होने के कारण इसका किराया आम आदमी की पहुंच से बाहर करना तर्कसंगत नहीं है। उन्होंने कहा कि सीएसई की रिपोर्ट से इस बात की पुष्टि भी हुई है। गुप्ता ने इस बारे में दिल्ली के सातों भाजपा सांसदों से पूछा कि उन्होंने जनता से जुड़े इस मुद्दे को कभी संसद में क्यों नहीं उठाया और क्या अब आवास एवं शहरी मामलों के राज्यमंत्री हरदीप सिंह पुरी सीएसई की रिपोर्ट सामने आने के बाद दिल्ली की जनता से माफी मांगेंगे।

इधर आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दिल्ली मेट्रो के यात्रियों की संख्या में पिछले कुछ सालों में कमी आने की रिपोर्ट को गलत तथ्यों पर आधारित बताते हुये बुधवार को कहा कि मेट्रो के यात्रियों की संख्या बढ़ी है। पुरी ने उल्टे दिल्ली की केजरीवाल सरकार पर निशाना साधते हुये कहा कि अगर ऐसी कोई आशंका है जिसके तहत मेट्रो अपनी क्षमता के मुताबिक यात्रियों को परिवहन सुविधा नहीं दे पा रही है तो इसकी वजह दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल हैं जो मेट्रो के चौथे चरण की मंजूरी नहीं दे रहे हैं। केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) की ई सेवाओं के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुये पुरी ने कहा ‘‘मेट्रो के यात्रियों की संख्या में कमी आने संबंधी एक रिपोर्ट पर आधारित खबरें बुधवार को मैंने देखी, यह रिपोर्ट पूरी तरह से गलत तथ्यों पर आधारित है।

उल्लेखनीय है कि पर्यावरण के क्षेत्र में कार्यरत शोध संस्था सेंटर फॉर साइंस एंड एनवार्नमेंट ‘सीएसई’ की मंगलवार को जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली मेट्रो में इस साल यात्रियों की संख्या उम्मीद से 32 प्रतिशत कम रही। रिपोर्ट में पिछले साल की तुलना में इस साल यात्रियों की संख्या में लगभग 4.2 लाख की कमी के लिये किराया बढ़ोतरी को प्रमुख कारण बताया गया है।

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