दिल्लीः मेट्रो स्टेशन पर प्लास्टिक कंपनी के मुलाजिम से मिले 58 लाख, मालिक नहीं दे सका ब्यौरा तो रकम हुई जब्त

सीआईएसएफ ने लाखों रुपए कैश मिलने की सूचना आयकर विभाग के अधिकारियों को दी। मामले की जानकारी मिलते ही आयकर विभाग के अधिकारी मेट्रो स्टेशन पर पहुंच गए। जिसके बाद अधिकारियों ने पहले तो राजू रंजन नाम के उस शख्स से पूछताछ की और उसके बाद प्लास्टिक कंपनी के मालिक अशोक बंसल को फोन किया।

बीते दिनों सीआईएसएफ जवानों ने एक शख्स के बैग से 58 लाख रुपए कैश पकड़ा। बाद में कैश के बारे में सही जानकारी नहीं दिए जाने पर आयकर अधिकारियों ने पैसे को जब्त कर लिया। (फोटो: एएनआई)

दिल्ली मेट्रो में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवानों ने एक कंपनी के मुलाजिम के पास से करीब 58 लाख रुपए कैश पकड़ा। बाद में कंपनी के मालिक द्वारा लाखों रुपए कैश के बारे में सही जानकारी देने पर इनकम टैक्स ने पूरे 58 लाख रुपए को जब्त कर लिया।

समाचार एजेंसी एएनआई द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 23 अक्टूबर को लालकिला मेट्रो स्टेशन पर तैनात केंद्रीय सुरक्षा बल के जवानों ने बैग में 58 लाख रुपए लेकर जा रहे एक शख्स को पकड़ा। शख्स ने जैसे ही रुपए से भरे बैग को बैगेज स्क्रीनिंग मशीन में डाला तो जांच कर रहे जवानों को बैग के अंदर नोटों का बंडल दिखा। जिसके बाद शक के आधार पर सीआईएसएफ के जवानों ने उक्त शख्स को पूछताछ के लिए रोक लिया।

बाद में उस शख्स की पहचान सिरसापुर निवासी राजू रंजन के रूप में हुई। सीआईएसएफ जवानों द्वारा पूछताछ किए जाने पर उसने बताया कि वह व्यवसायिक काम से 58 लाख रुपए कैश को लेकर जा रहा था। साथ ही उसने यह भी बताया कि वह एक प्लास्टिक कंपनी में काम करता है। जिसके बाद उसने अपने साथ काम करने कुछ और व्यक्तियों को मेट्रो स्टेशन पर बुलाया।

इसके बाद सीआईएसएफ ने इसकी सूचना आयकर विभाग के अधिकारियों को दी। मामले की जानकारी मिलते ही आयकर विभाग के अधिकारी मेट्रो स्टेशन पर पहुंच गए। जिसके बाद अधिकारियों ने पहले तो राजू रंजन नाम के उस शख्स से पूछताछ की और उसके बाद प्लास्टिक कंपनी के मालिक अशोक बंसल को फोन किया। आयकर अधिकारियों ने चंडीगढ़ में रहने वाले अशोक बंसल को पूछताछ के लिए दिल्ली बुलाया।

इस दौरान अधिकारियों ने सीआईएसएफ द्वारा जब्त किए गए करीब 58 लाख रुपए को मेट्रो स्टेशन के ही एक लॉकर में रख दिया। बाद में 24 अक्टूबर को प्लास्टिक कंपनी के मालिक अशोक बंसल से पूछताछ की गई। जब्त की गई नकदी के बारे में सही सही जानकारी नहीं देने के कारण और उचित साक्ष्य उपलब्ध नहीं करा पाने के कारण आयकर विभाग ने 25 अक्टूबर को सीआईएसएफ द्वारा पकड़े गए 58 लाख कैश को जब्त कर लिया। आयकर विभाग अब इस मामले में आगे की जांच कर रहा है।     

पढें राष्ट्रीय समाचार (National News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

अपडेट