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कई बार बढ़ा चढ़ा के किए दावे जमीन पर फुस होते नजर आते हैं। चीनी माल के बहिष्कार की मुहिम चलाने वाले कुछ शीर्ष व्यापारी संगठनों के साथ यह बात सटीक बैठती नजर आ रही है। चीन से विवाद के बाद व्यापारियों ने 350 से ज्यादा सामानों की सूची बनाकर उनका बहिष्कार करने और उनकी जगह भारतीय सामान बनाने की बात कही थी। लेकिन राखी को छोड़ बात आगे ही नहीं बढ़ रही है।

नई दिल्ली | July 20, 2020 4:02 AM
चीनी उत्पादों के बहिष्कार के लिए कारोबारियों ने बनाई 3,000 उत्पादों की सूची

श्रेय पर रार
कोरोना काल के संकट का असर हल्का होने के बाद अब श्रेय लेने की होड़ शुरू हो गई है। इन मामलों का श्रेय लेने के लिए आम आदमी पार्टी और भाजपा मैदान में हैं। यही वजह है कि दिल्ली के नेता कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी को लेकर एक-दूसरे को सोशल मीडिया पर ही पटखनी देने में लगे हैं। हाल ही दिल्ली में श्रेय लेने के मामले में सांसद ने ट्वीट कर साफ किया कि आप पार्टी के नेता सब जगह कह रहे हैं कि उन्हें किसी काम का श्रेय नहीं चाहिए, लेकिन पूरा सोशल मीडिया पार्टी के नेताओं ने कोरोना के मामले कम के श्रेय के लिए लगा दिए हैं। इतना ध्यान अगर कोरोना के संक्रमण को रोकने में लगाया होता तो केंद्र सरकार द्वारा कमान संभालने के बाद प्रचार में नहीं कूदना पड़ता।

पुलिस और प्रदर्शन
कोरोना काल में बिजली आंदोलन की शुरुआत भाजपा ने की है। पार्टी की सख्त हिदायत है कि दो गज की दूरी का पालन हो। लेकिन विरोध दर्ज कराने व नेतागिरी चमकाने के चक्कर में प्रदर्शनों में इन नियमों को धड़ल्ले से तोड़ा जा रहा है। पुलिस बंदोबस्त की कड़ी सुरक्षा में यह सब हो रहा है। पुलिस के अधिकारी जनता को कोरोना का खतरा बताकर प्रदर्शन नहीं करने को तो कह रहे हैं, लेकिन उन पर कानूनी कार्यवाही करने से बच रहे हैं। यही वजह है कि राजनीतिक दलों की पहल और पुलिस वालों की बेफिक्री की वजह से पुलिस बंदोबस्त के बीच धरना प्रदर्शन का दौर चल रहा है।

पदों पर नजर
गर्मी व उमस में पसीना बहा रहे भाजपा कार्यकर्ताओं की नजर अब संगठन में मिलने वाले पदों पर है। इन पदों की प्रक्रिया के लिए दौड़ भाग कर रहे नेता आज कल पार्टी के हर छोटे बड़े कार्यक्र म में अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। ऐसा ही नजारा एक पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के कार्यक्रम में नजर आया। जहां आराम से छांव में खड़े कार्यकर्ता सब कुछ छोड़ नेता की गाड़ी के सबसे आगे पहुंच गए और जमकर नारेबाजी करने लगे। तभी वहां नजदीक खड़ा कार्यकर्ता तपाक से बोला पहली पंक्ति में हंगामा कर रहे नेताओं को देखो आज तक संगठन में जगह पाने के लिए खूब जान लगा रहे हैं।

राखी से आगे क्या
कई बार बढ़ा चढ़ा के किए दावे जमीन पर फुस होते नजर आते हैं। चीनी माल के बहिष्कार की मुहिम चलाने वाले कुछ शीर्ष व्यापारी संगठनों के साथ यह बात सटीक बैठती नजर आ रही है। चीन से विवाद के बाद व्यापारियों ने 350 से ज्यादा सामानों की सूची बनाकर उनका बहिष्कार करने और उनकी जगह भारतीय सामान बनाने की बात कही थी। लेकिन राखी को छोड़ बात आगे ही नहीं बढ़ रही है। कंप्यूटर के क्षेत्र के व्यापारी तो पहले ही दिन से हाथ खड़े कर रहे हैं। चीनी मालों के विकल्प को बनाने की मुहिम के बाकी उत्पाद का क्या हुआ, यह यक्ष प्रश्न खड़ा है। किसी ने ठीक ही कहा- चर्चा हो गई, खबर, तस्वीरें छप गर्इं, अब फिक्र काहे की। आखिर व्यापार भी तो उन्हीं को करना है, हिंदी चाहे चीनी।

कर्मियों की छंटनी
राजधानी दिल्ली में एक ओर मरीजों के लिए बिस्तरों की झड़ी सी लगा दी गई है। दूसरी ओर, स्वास्थ्य कर्मियों की संख्या बढ़ाना तो दूर उनकी छंटनी जारी है। ऐसे में कर्मचारी बड़े पशोपेश में हैं। एक कर्मचारी ने चुटकी लेते हुए कहा कि विस्तर थोड़ी न इलाज करेंगे। इलाज तो डाक्टर, नर्स व कर्मचारी मिलकर करेगें, जिनकी सभी अस्पतालों में भारी कमी है। सरकार उस पर भी तो सोचे।

पुलिस, बदमाश व दूरी
दिल्ली पुलिस के सामने एक बड़ी समस्या पैदा हो गई है। आए दिन पुलिस कार्रवाई में बड़ी संख्या में बदमाशों और नाबालिगों को पकड़ा जा रहा है। पर कोरोना संकट की वजह से सामाजिक दूरी का ख्याल रखने में पुलिसकर्मियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा रहा है। अगर ज्यादा दूरी बनाकर रखी जाए तो पकड़े गए बदमाश के भाग जाने का डर बना रहता है। ऐसा नहीं करने पर कोरोना होने का डर बना रहता है। यही कारण है कि आजकल जहां पुलिसकर्मी बदमाशों को पकड़ने के बाद सबसे पहले बदमाश को मास्क पहने की हिदायत देते हैं या फिर मुंह पर कपड़ा बांधने और गमछा लपटने की सलाह देते हैं। पर वहीं, वारदातों को अंजाम देते वक्त आरोपी मास्क लगा लेते हैं, जिससे पुलिसकर्मियों के लिए परेशानी बढ़ जाती हैं।

झोलाछाप डॉक्टरी
कोरोना काल में जहां सरकारी एवं निजी अस्पतालों के डाक्टरों समेत मरीज तक कोविड के अलावा अन्य बीमारियों का इलाज कराने से कतरा रहे हैं। वहीं, औद्योगिक महानगर के ग्रामीण और बस्ती वाले इलाकों में झोलाछाप डाक्टर लोगों के इलाज के नाम पर ठगी का कारोबार बेखौफ चला रहे हैं। नोएडा के शहरी गांव में दर्जनों झोलाछाप डाक्टरों की दुकानों पर सुबह से शाम तक मरीजों की भीड़ रहती है। चूंकि झोलाछाप डाक्टरों पर कार्रवाई करने वाला स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से कोरोना बीमारी की रोकथाम और मरीजों के इलाज में लगा हुआ है।

लिहाजा, झोलाछाप डाक्टर मनमाना शुल्क वसूलकर लोगों से इलाज के नाम पर ठगी कर रहे हैं। चूंकि कोरोना का संक्रमण नाक या मुंह के जरिए फैलता है। ऐसे में दांतों का इलाज कराना इस दौरान खतरनाक साबित हो सकता है, लेकिन इससे बेपरवाह झोलाछाप दांतों के डाक्टर भी अपनी दुकान पर पीपीई किट पहनकर लोगों का इलाज कर रहे हैं। जिस पीपीई किट को एक बार पहनने के बाद नष्ट करना अनिवार्य है, उस किट का ऐसे झोलाछाप डाक्टर महीनों तक पहन रहे हैं। घर से एक बैग में पीपीई किट लाकर उसे दुकान में पहनकर पूरे दिन बैठते हैं।
-बेदिल

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