साउथ दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में पांच मंजिला ‘फ्लोरिश स्टे बी एंड बी’ होटल में बुधवार को भीषण आग लग गई, जिसमें कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि मृतकों में कई विदेशी नागरिक हैं, साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि कई घायल गंभीर हालत में हैं। इस बीच होटल की जांच कर रहे अधिकारियों ने बताया कि बिल्डिंग कि सभी खिड़कियां बंद थीं और पूरी इमारत में केवल एक ही सीढ़ी है।
चीफ फायर ऑफिसर (साउथ जोन) अभिलाष कुमार मलिक ने बताया, “सर्च ऑपरेशन के दौरान मैंने होटल की इमारत का ऊपर से नीचे तक अच्छी तरह निरीक्षण किया। बिल्डिंग में एक बेसमेंट, एक ग्राउंड फ्लोर और पांच ऊपरी मंजिलें हैं। पूरी इमारत में लिफ्ट के साथ केवल एक ही सीढ़ी है। इमारत पूरी तरह से सीलबंद है। सामने का हिस्सा पूरी तरह से ढका हुआ है और बाथरूम की खिड़कियों सहित हर एक खिड़की को कसकर बंद कर दिया गया है। वेंटिलेशन या धुएं के निकलने के लिए एक भी खिड़की खुली नहीं छोड़ी गई है।”
अधिकारी ने आगे बताया, “आग लगने की स्थिति में, इस तरह से बनी संरचनाएं चिमनी की तरह काम करती हैं। जैसे ही आग लगती है, बंद हिस्से धुएं और गर्मी को तुरंत ऊपरी मंजिलों तक धकेल देता है। यह इतनी तेजी से होता है कि अंदर रहने वाले लोग पूरी तरह से अलग-थलग पड़ जाते हैं और उन्हें सुरक्षित बाहर निकलने का समय नहीं मिलता। प्राइम एशिया के साथ बचाव अभियान चलाते समय, हमें तुरंत पता चला कि इमारत में इंटरनल फायर सेफ़्टी सिस्टम का पूरी तरह से अभाव था।” पुलिस सूत्रों के अनुसार, होटल में केवल एक ही प्रवेश-निकास द्वार था। उन्होंने बताया कि अग्निशमन संबंधी अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) की जांच की जा रही है।
मालवीय नगर के रेस्टोरेंट में आग लगने से 21 लोगों की मौत
मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने बताया, “हमें सुबह 8:50 बजे एक रेस्टोरेंट में आग लगने की सूचना मिली। शुरुआत में 7 गाड़ियों और एक सहायक मंडल अधिकारी को भेजा गया। हालांकि, जैसे-जैसे कॉल बढ़ती गईं, हमने वाहनों की संख्या और अधिकारियों की श्रेणी बढ़ा दी। हमारी टीम के पहुंचने पर उन्होंने आग बुझाने और तलाशी अभियान चलाया। हमने वहां से 39 लोगों को सुरक्षित निकाला और उन्हें नीरस अस्पताल में भर्ती कराया।”
कुल पीड़ितों को दो अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। हमने जानकारी जुटाने के लिए विभिन्न अस्पतालों में टीमें भेजी हैं। हमें अभी-अभी मैक्स अस्पताल से जानकारी मिली है। 38 लोग भर्ती हैं जिनमें से 18 की मौत हो चुकी है और 20 घायल हैं। हमारे जो लोग वहां मौजूद थे, उन्होंने बताया कि वहां कुछ विदेशी भी थे और हमारा एक दमकलकर्मी भी घायल हो गया, उसके हाथ में मामूली चोट आई है।”
दिल्ली के होटल में लगी आग पर प्रत्यक्षदर्शी
हादसे के गवाह शेर खान ने बताया, ”सुबह मैं दुकान के लिए जा रहा था तब थोड़ी आग लगी थी लेकिन उसके बाद आग बढ़ती चली गई। आग बढ़ने के बाद कोई रास्ता नहीं था कूदने का, इन लोगों ने यहां गद्दे बिछाए जिसके बाद एक महिला छोटे से बच्चे को लेकर तीसरी मंजिल से कूद गई। लेकिन उसका पैर फ्रैक्चर हो गया। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें
