Gaurav Bhatia Defamation Case: दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार (10 सितंबर) को भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता और वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव भाटिया की मानहानि याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को नसीहत दी। कोर्ट ने कहा कि किसी के बारे में बिना पुष्टि किए पोस्ट करना सही नहीं है और दोनों को अपनी ओर से पोस्ट हटाने का सुझाव दिया।
मामले की सुनवाई जस्टिस तुषार राव गेडेला कर रहे थे। भाटिया ने CJP के अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है। मामला 5 सितंबर को X पर दास और रांका की एक पोस्ट से जुड़ा है।
अभिजीत दीपके के खिलाफ कोई आरोप नहीं
गौरव भाटिया का आरोप है कि इस पोस्ट में AI की मदद से तैयार एक फर्जी पोस्ट को उनके नाम से जोड़ दिया गया। इसमें कथित तौर पर भाटिया को स्वातंत्र्य भारद्वाज के लिए ‘दिमागी नक्सली’ और ‘जातिवादी’ जैसे शब्द कहते हुए दिखाया गया था। भारद्वाज पर CJP के एक नाबालिग प्रदर्शनकारी से मारपीट करने का आरोप है। सुनवाई की शुरुआत में कोर्ट ने कहा कि अभिजीत दीपके के खिलाफ याचिका में कोई आरोप नहीं है। दीपके के वकील नकुल गांधी ने उनका नाम मामले से हटाने का अनुरोध किया।
कोर्ट ने सौरव दास और आशुतोष रांका से कहा कि विरोध करने के अलग-अलग तरीके हो सकते हैं। लेकिन बिना पुष्टि के इस तरह किसी पर आरोप लगाना सही नहीं है। कोर्ट ने कहा कि अगर वे खुद पोस्ट हटाने को तैयार हैं तो अपने जवाब दाखिल कर सकते हैं और अदालत फिलहाल पोस्ट हटाने का आदेश जारी नहीं करना चाहती।
सौरव दास ने क्या कहा
सौरव दास की ओर से बताया गया कि संबंधित पोस्ट पहले ही हटा दी गई है। इस पर कोर्ट ने कहा कि एक और पोस्ट भी की गई थी। कोर्ट ने कहा कि सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है। लेकिन कई बार अपनी बात को ज्यादा स्पष्ट और जिम्मेदारी से रखना जरूरी होता है ताकि उसका सही मतलब सामने आए।
अदालत ने गौरव भाटिया से भी कहा कि वह सीधे आरोपियों से बात करके मामले को सुलझाने की कोशिश कर सकते थे और इसके लिए सीधे अदालत का रुख करना ही एकमात्र रास्ता नहीं था।
AI ग्राफिक को लेकर शुरू हुआ विवाद
विवाद तब शुरू हुआ जब CJP प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक AI-जेनरेटेड ग्राफिक शेयर किया। इसमें दावा किया गया था कि गौरव भाटिया ने भारद्वाज को ‘दिमागी नक्सल’ कहा है और उन पर जातिवाद का जहर रखने जैसी टिप्पणी की है।
भाटिया ने इन टिप्पणियों से साफ इनकार करते हुए ग्राफिक को फर्जी बताया और दास को पोस्ट हटाने तथा बिना शर्त माफी मांगने के लिए 24 घंटे का समय दिया।
दास ने बाद में पोस्ट हटा दी और अपने X अकाउंट पर स्पष्ट किया कि ग्राफिक AI से तैयार किया गया था। हालांकि, उन्होंने भाटिया से यह सवाल भी किया कि क्या वह AI से तैयार किए गए बयान से ‘असहमत’ हैं।
