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दिल्ली दंगों में पुलिस भी थी शामिल? गृह विभाग ने थमाए 7 वीडियो, क्लिप में भीड़ पर पुलिस बरसाते दिखी पत्थर, कई को ‘कर दिया’ था जख्मी

पुलिस का कहना है कि सौंपे गए तीन वीडियो पर एक्शन लिया गया है और बाकी वीडियो की जांच की जा रही है।

Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र नई दिल्ली | Updated: October 9, 2020 8:46 AM
Delhi riots: दिल्ली दंगों में पहले भी खड़े हो चुके हैं पुलिस की भूमिका पर सवाल। (file)

दिल्ली में फरवरी में सीएए-एनआरसी के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद भड़की हिंसा में 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। कई सामाजिक समूहों और एक्टिविस्ट्स ने आरोप लगाया था कि दंगे के दौरान कुछ घटनाओं में खुद पुलिसवाले भी शामिल हो गए थे। अब बताया गया है कि दिल्ली सरकार के गृह विभाग ने 5 अक्टूबर को ऐसे सात वीडियो क्लिप्स दिल्ली पुलिस को सौंपे, जिनमें दो पुलिसवालों को कथित तौर पर दंगाइयों के साथ पत्थरबाजी करते और भड़काते हुए देखा जा सकता है। इसके अलावा एक तीसरे पुलिसवाले को सड़क पर पड़े पांच घायल लोगों से राष्ट्रगान गाने के लिए कहते भी सुना जा सकता है।

जानकारी के मुताबिक, दिल्ली नॉर्थईस्ट के डिप्टी पुलिस कमिश्नर ने दो दिन बाद ही जवाब में कहा था कि सौंपे गए तीन वीडियो पर एक्शन लिया गया है, जबकि बाकी वीडियो की जांच की जा रही है और घटना के स्थान, सही तारीख और समय की पुष्टि करने के बाद रिपोर्ट भी दायर की जाएगी। जिस वीडियो में पुलिसवाले को घायल पड़े लोगों से राष्ट्रगान गाने के लिए कहते देखा गया, उस पर दिल्ली पुलिस का कहना है कि वीडियो की जांच क्राइम ब्रांच की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) कर रही है।

इसके अलावा एक अन्य वीडियो में कुछ हथियारबंद पुलिसवालों को कथित तौर पर दंगाइयों के साथ पत्थर के टुकड़े फेंकते देखा जा सकता है। इस वीडियो में दंगाइयों और पुलिसवालों के चेहरे बिल्कुल साफ दिख रहे हैं। साथ ही इसमें पुलिस का एक आउटपोस्ट भी दिख रहा है, जिससे घटना की जगह की पुष्टि होती है। दूसरे वीडियो में कुछ पुलिसवालों को दंगाइयों को यह आदेश देते सुना जा सकता है कि वे दूसरी दिशा से जाएं। इसके बाद पुलिसकर्मियों और लोगों को पत्थर फेंकते भी देखा जा सकता है। इसमें भी कुछ पुलिसवालों के चेहरे साफ हैं और पास की दुकानें घटनास्थल की जानकारी देती हैं। हालांकि, इन वीडियो पर भी पुलिस ने जांच करने की बात कही।

एक तीसरा वीडियो उन लोगों का है, जिन्हें राष्ट्रगान गाने के लिए कहा गया था। इसमें एक व्यक्ति फैजान (24) शामिल था, जिसकी अस्पताल में मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने भजनपुरा थाने में पहले ही आईपीसी की धारा 147, 148, 149 और 302 (हत्या) के मामले में केस दर्ज किया है। इसके अलावा जो चार वीडियो गृह विभाग ने सौंपे हैं, उनमें लोगों को खुलेआम धमकी देते और  हिंसा के लिए भड़काते देखा जा सकता है।

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