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फिर होगी स्थिति विषम, विधायक करेंगे निगरानी

विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता ने गति, सड़क सुरक्षा और प्रदूषण विशेषज्ञों के हवाले से दावा किया है कि पिछली बार की तरह इस बार भी यह योजना जनता के लिए दुखदायी साबित होगी।

Author नई दिल्ली | April 8, 2016 2:33 AM
(Photo-PTI)

विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता ने गति, सड़क सुरक्षा और प्रदूषण विशेषज्ञों के हवाले से दावा किया है कि पिछली बार की तरह इस बार भी यह योजना जनता के लिए दुखदायी साबित होगी। गुप्ता ने दावा किया कि जब तक पूरी तैयारी और वैकल्पिक व्यवस्था किए यह योजना लागू होगी तो इसके परिणाम मिलने वाले नहीं हैं।

गुप्ता ने दिल्ली सरकार से मांग की है कि सम-विषम योजना के दौरान दिल्ली मेट्रो रेल के किराए आधे किए जाएं और डीटीसी की बसों में यात्रियों को मुफ्त यात्रा करने की सुविधा दी जाए तभी नागरिकों को राहत मिल सकेगी। उन्होंने दावा किया कि अभिभावक सरकार के बेतुके निर्णय से परेशान हैं कि वे अपने बच्चों को तो स्कूल छोड़ देंगे लेकिन लौटते समय यातायात पुलिस उनका चालान कर देगी, क्योंकि दिल्ली सरकार ने कहा है कि जिस वाहन पर वर्दी में बच्चा बैठा होगा सिर्फ उसी का चालान नहीं किया जाएगा।

परिवहन शोध और दुर्घटना रोक कार्यक्रम संस्थान, आइआइटी दिल्ली, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी, गूगल मैप्स डिस्टैंस मैट्रिक्स, वायु प्रदूषण नियंत्रण समिति, स्कूल आॅफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर आदि संस्थाओं ने सम-विषम योजना को विफल बताया है, क्योंकि सरकार ने सस्ती वाहवाही लूटने के लिए बगैर पूरी तैयारी के यह योजना हड़बड़ी में लागू की। उन्होने अगाह किया कि इस वार भी योजना के कारण आम लोगों के लिए स्थिति विषम होगी।

पंद्रह अप्रैल से शुरू होने वाली सम-विषम भाग-2 की निगरानी की कमान इस बार भी विधायकों के हाथ में होगी और विधायक योजना के प्रति जागरूकता के लिए दस अप्रैल को अपने-अपने क्षेत्रों में पर्यावरण यात्रा निकालेंगे। सम-विषम की तैयारी को लेकर गुरुवार को परिवहन मंत्री गोपाल राय ने विधायकों और डीएम, एडीएम और एसडीएस की बैठक ली। बैठक में सम-विषम फार्मूले को बेहतर ढंग से लागू करने पर चर्चा की गई।

परविहन मंत्री गोपाल राय की अध्यक्षता में हुई बैठक में फैसला किया गया कि दस अप्रैल को सभी विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में जागरूकता के लिए पर्यावरण यात्रा निकालेंगे जिसमें आरडब्लूए, व्यापारी संगठन और स्थानीय नागरिकों की भागीदारी होगी। विधायकों से अपने क्षेत्र के बस रूट मांगे गए हैं ताकि उस रूट पर बसों की समूचित व्यवस्था की जा सके। साथ ही बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि सम-विषम के दौरान चौराहों पर सिविल डिफेंस की तैनाती सही तरीके से करें और सुबह और दोपहर उसकी निगरानी भी करें। उन्होंने सिविल डिफेंस कार्यकर्ताओं के लिए छतरी और पानी की समुचित व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया है।

केंद्रीय शहरी विकास मंत्री एम वेंकैया नायडू ने गुरुवार को कहा कि दिल्ली में सम-विषम योजना को लागू करना सालों से हुए असमान शहरी विकास का नतीजा है और सभी संबंधित पक्षों को इससे सबक लेना चाहिए। दिल्ली में सम-विषम योजना का दूसरा चरण 15 अप्रैल से शुरू हो रहा है।

नायडू ने यहां शहरी विकास मंत्रालय की ओर से आयोजित राष्ट्रीय स्वच्छता कार्यशाला में कहा, दिल्ली में वाहनों पर सम-विषम योजना को लागू करना सालों से हुए असमान शहरी विकास का नतीजा है और सभी संबंधित पक्षों को इससे सबक लेने की जरूरत है’। देश के 400 शहरों को इस साल के आखिर तक खुले में शौच से मुक्त बनाने के लिए 18 प्रांतों की ओर से शुरू की गई पहल का स्वागत करते हुए मंत्री ने सवाल किया कि सिर्फ ये ही राज्य इस संदर्भ में आगे क्यों हैं। नायडू ने कहा कि जब विकास की बात आए तो राजनीति के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। ‘सेंटर फॉर साइंस एंड इनवायरमेंट’ की निदेशक सुनीता नारायण ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन एक स्वागत योग्य कदम है क्योंकि यह स्वच्छता के समग्र रुख पर आधारित है।

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