दिल्ली के मालवीय नगर के एक B&B में लगी भीषण आग में परिवार को खोने वाले राधे श्याम अग्रवाल (70s) का मंगलवार दोपहर साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में निधन हो गया। उनके परिवार के कुल 8 लोगों की मालवीय नगर के होटल में लगी आग में मौत हो गई थी।
जानकारी के अनुसार, राधे श्याम अग्रवाल लंबे समय से बीमार थे और उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। उनकी हालत पहले से गंभीर बनी हुई थी।
परिवार राधे श्याम के इलाज के लिए दिल्ली आया था। राधेश्याम अग्रवाल पिछले कुछ दिनों से मैक्स अस्पताल के आईसीयू में भर्ती थे। इसी दौरान उनके बेटे विवेक अग्रवाल ने अस्पताल के पास ही हौज रानी स्थित एक बेड एंड ब्रेकफास्ट (Flourish Stays) में कमरा लिया था।
विवेक अग्रवाल अपनी पत्नी तरजनी, मां प्रेमलता और दो बेटियों जीविषा और वरिया के साथ वहीं रह रहे थे। लेकिन 3 जून की सुबह इसी B&B में भीषण आग लग गई जिसमें उनके परिवार के आठ सदस्यों की मौत हो गई। मृतकों में विवेक के मामा अशोक गोयल (किशनगढ़ से), उनकी मौसी कमला और उनके पति जिमरी भी शामिल थे। परिवार पर इस दर्दनाक हादसे और उसके बाद एक और झटके ने गहरा दुख छोड़ दिया है।
फेफ़ड़ों के संक्रमण से जूझ रहे थे विवेक अग्रवाल
जानकारी के मुताबिक, विवेक अग्रवाल के पिता राधेश्याम अग्रवाल पिछले कई दिनों से फेफड़ों के गंभीर संक्रमण से जूझ रहे थे। इसी वजह से परिवार के सदस्य उन्हें देखने दिल्ली आए थे। परिवार की सबसे छोटी सदस्य जीविका भी एक दिन पहले ही बेंगलुरु से दिल्ली पहुंची थी। वह अपने दादा से मिलना और उनका हालचाल जानना चाहती थी लेकिन इस अग्निकांड ने उसे भी नहीं बख्शा।
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दिल्ली के मालवीय नगर मे हुए हादसे ने एक बार फिर दिल्ली के कमजोर प्रशासन, अवैध निर्माण और सुरक्षा नियमों की अनदेखी को उजागर करता है। इस घटना ने एमसीडी, फायर विभाग और पुलिस के काम करने के तरीके पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दिल्ली के आलीशान मॉल और तंग गलियों के बीच बसा मालवीय नगर का हौज रानी इलाका बुधवार की सुबह चीख-पुकार से गूंज उठा। सुबह करीब 8:30 बजे के आसपास जब लोग नींद से जाग ही रहे थे, तब ‘फ्लरिश स्टे बीएंडबी’ नामक पांच मंजिला इमारत से धुएं का ऐसा काला गुबार उठा जिसने पूरी राजधानी की साख को कालिख पोत दी। इस इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर ‘लेमन ग्रीन’ नामक रेस्तरां चल रहा था और ऊपर के फ्लोर पर होटल।
