दिल्ली के लोगों को आने वाले महीनों में बिजली के बिल में हल्की बढ़ोतरी का सामना करना पड़ सकता है। दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (DERC) ने बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) को बिजली खरीद की बढ़ी हुई लागत की भरपाई के लिए लगाए जाने वाले फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (FPPAS) में बढ़ोतरी की अनुमति दे दी है। इसका सबसे ज्यादा असर पूर्वी और मध्य दिल्ली के उन उपभोक्ताओं पर पड़ेगा, जिन्हें बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड (BYPL) बिजली आपूर्ति करती है।

FPPAS एक एक्स्ट्रा चार्ज है, जिसके जरिए बिजली कंपनियां बिजली खरीदने की बढ़ी हुई लागत उपभोक्ताओं से वसूलती हैं। डीईआरसी ने अप्रैल 2026 के लिए इस शुल्क की सीमा बढ़ाने की मंजूरी दी है। आयोग का कहना है कि ईंधन की बढ़ती कीमतों और वैश्विक बाजार की अनिश्चितताओं के कारण बिजली खरीदने की लागत में काफी वृद्धि हुई है।

इस फैसले के बाद उपभोक्ताओं के मासिक बिजली बिल में मामूली बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। उदाहरण के तौर पर, BYPL क्षेत्र में 2 किलोवाट के स्वीकृत लोड और 600 यूनिट मासिक खपत वाले एक परिवार का बिजली बिल करीब 170 रुपये बढ़ सकता है। ऐसे उपभोक्ता का बिल लगभग 3,766 रुपये से बढ़कर 3,936 रुपये हो सकता है।

वहीं, बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड (BRPL) क्षेत्र में इसी तरह के उपभोक्ता का बिल करीब 102 रुपये बढ़ सकता है। उसका बिल लगभग 3,850 रुपये से बढ़कर 3,952 रुपये तक पहुंच सकता है। हालांकि, टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (TPDDL) के उपभोक्ताओं को राहत मिली है। उत्तरी दिल्ली के अधिकांश हिस्सों में बिजली आपूर्ति करने वाली इस कंपनी के लिए सरचार्ज में बेहद मामूली बढ़ोतरी की गई है, इसलिए यहां बिजली बिल पर खास असर नहीं पड़ेगा।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि दिल्ली सरकार की बिजली सब्सिडी का लाभ लेने वाले उपभोक्ताओं पर इस फैसले का कोई प्रभाव नहीं होगा। इसकी वजह यह है कि सब्सिडी बिजली बिल की कुल राशि के बजाय उपभोग की गई यूनिटों के आधार पर दी जाती है।

बिजली दरें तय करते समय बिजली खरीद की अनुमानित लागत को आधार बनाया जाता है। लेकिन कोयले की कीमत, परिवहन खर्च, आयातित ईंधन की लागत और बाजार की परिस्थितियों में बदलाव के कारण वास्तविक लागत बढ़ सकती है। ऐसे में FPPAS के जरिए बिजली कंपनियों को अतिरिक्त खर्च की भरपाई करने की अनुमति दी जाती है।

डीईआरसी ने BYPL के लिए सरचार्ज की सीमा 11.71 प्रतिशत से बढ़ाकर 17.43 प्रतिशत कर दी है। BRPL के लिए यह सीमा 14.51 प्रतिशत से बढ़ाकर 17.94 प्रतिशत की गई है। वहीं TPDDL के लिए सरचार्ज 15.99 प्रतिशत से बढ़ाकर 16 प्रतिशत किया गया है। दिलचस्प बात यह है कि BRPL ने अप्रैल 2026 के लिए 31.55 प्रतिशत और BYPL ने 35.26 प्रतिशत सरचार्ज वसूलने की अनुमति मांगी थी। हालांकि डीईआरसी ने इन मांगों को खारिज कर दिया, लेकिन सीमित बढ़ोतरी की मंजूरी दे दी।

आयोग के नए आदेश में एक और व्यवस्था जोड़ी गई है। इसके तहत यदि किसी बिजली कंपनी को तत्काल अतिरिक्त लागत वसूलने की अनुमति नहीं मिलती है, तो वह राशि भविष्य में निर्धारित सीमा के भीतर उपभोक्ताओं से वसूली जा सकेगी। इससे आने वाले समय में बिजली बिलों पर अतिरिक्त असर पड़ सकता है।