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अन्ना की फोटो पर माला से बवाल, भाजपा पर केजरीवाल का वार

आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तरफ से समाचार पत्रों में दिये गये विज्ञापनों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि नाथूराम गौडसे ने आज के दिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की गोली मारकर हत्या कर दी थी और भाजपा ने आज अन्ना हजारे को मार दिया। राजधानी […]

Author January 30, 2015 4:30 PM
अरविंद केजरीवाल ने कहा: भाजपा ने मुझ पर और मेरे बच्चों पर निशाना साधा। (फोटो: समाचार पत्र से)

आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तरफ से समाचार पत्रों में दिये गये विज्ञापनों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि नाथूराम गौडसे ने आज के दिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की गोली मारकर हत्या कर दी थी और भाजपा ने आज अन्ना हजारे को मार दिया।

राजधानी के कई समाचारपत्रों के प्रथम पृष्ठ के आधे पन्ने पर छपे इस विज्ञापन को लेकर पर केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि नाथूराम गौडसे ने 1948 में आज के ही दिन गांधी जी की हत्या कर दी थी। भाजपा ने आज अन्ना जी को मार दिया। क्या भाजपा को इसके लिए माफी नहीं मांगनी चाहिए। केजरीवाल ने कहा है कि वह अन्ना हजारे के बेहतर स्वास्थ्य कीहमेशा कामना करते हैं।


इस विज्ञापन में केजरीवाल को पति और कांग्रेस को पत्नी के रूप में दिखाया गया है। विज्ञापन में एक लड़का और लड़की के सिर पर केजरीवाल ने हाथ रखा हुआ है। विज्ञापन के बीच में फ्रेम में अन्ना हजारे का फोटो लगाया गया है जिस पर माला चढ़ाई हुई है। विज्ञापन के ऊपर की तरफ लिखा है, ‘सत्ता के लिए बच्चों की झूठी कसम तक मैं खाऊंगा और रात दिन ईमानदारी का डंका भी बजाऊंगा।

विज्ञापन में यह भी लिखा है कि धोखे की राजनीति हटाइये। विकास की राजनीति लाइये।’ इसके अनुसार 2013 के चुनाव से पहले यह महाशय बोले ‘बच्चों की कसम खाता हूं ना कांग्रेस से गठबंधन करुंगा ना भाजपा से’…लेकिन पंद्रह दिन के अंदर सत्ता हथियाने के लिए इन्होंने जिस दामाद पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। उसी की सास की पार्टी का हाथ बिना लाग लपेट थाम लिया और सरकार बना ली। इसमें यह भी कहा गया है कि सवाल यह नहीं कि गठबंधन क्यों किया सवाल यह है कि इनके आदर्श सुविधानुसार बदलते रहते हैं।

जिन आदर्शों का मफलर यह ओढ़ते हैं उसके पीछे छुपी सत्ता की भूख को छुपा नहीं पाते। अरे भाई, इतना ईमान तो रखो कि कम से कम बच्चों की झूठी कसम मत खाओ। मतदाताओं को झूठे आदर्रे से मत बरगलाओ। क्या दिल्ली को हम ऐसे फरेबी लोगों के हवाले कर सकते हैं। जो 49 दिन में दिल्ली के नागरिकों की नाक में दम कर सकता है। वो पांच साल में दिल्ली की क्या गत बनाएगा जरा सोचिए फिर चुनिए।

 

 

 

 

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