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दिल्ली: 5 साल में कांग्रेस के 12% और बीजेपी का 24% बढ़ा वोट शेयर, पर हौसले बुलंद AAP के, जानें- क्यों?

साल 2019 के लोकसभा चुनाव में दिल्ली की सत्ता पर काबिज आम आदमी पार्टी का प्रदर्शन निराशाजनक रहा और पार्टी 18.1 फीसदी वोट पा सकी।

kejriwalदिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल। (Express photo: Amit Mehra)

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इस साल के शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं। प्रदेश की सत्ता पर काबिज आम आदमी पार्टी (AAP) का दावा है कि एक बार फिर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में सरकार बनेगी। हालांकि पिछले साल संपन्न हुए लोकसभा चुनाव को देखें तो विधानसभा चुनाव के मुकाबले आप मतदाताओं में खासी कमी आई है और इस बीच कांग्रेस और भाजपा का वोट शेयर दहाई के आंकड़े में बढ़ा है।

साल 2015 में जब दिल्ली में विधानसभा चुनाव हुए तब अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व आप ने सबको चौंकाते हुए 54.3 फीसदी वोट शेयर हासिल किए। मत प्रतिशत के मामले में भाजपा दूसरे नंबर पर रही और पार्टी 32.3 फीसदी वोट पाने में कामयाब रही। चुनाव में लंबे समय तक सत्ता में रही कांग्रेस को झटका लगा और पार्टी का वोट शेयर 9.7 फीसदी पर आ गया। विधानसभा सीटों की बात करें तो आम आदमी पार्टी ने रिकॉर्ड 67 सीटें जीतीं और भाजपा महज तीन सीट जीत सकी। चुनाव में कांग्रेस का खाता तक नहीं खुला।

हालांकि साल 2019 के लोकसभा चुनाव में दिल्ली की सत्ता पर काबिज आम आदमी पार्टी का प्रदर्शन निराशाजनक रहा और पार्टी 18.1 फीसदी वोट पा सकी। लोकसभा चुनाव में भाजपा को सबसे ज्यादा फायदा हुआ और पार्टी करीब 24 फीसटी वोट बढ़ोतरी के साथ 56.5 फीसदी मत पाने में कामयाब रही। भाजपा ने इसके साथ ही दिल्ली की सभी सातों सीटें जीत लीं। चुनाव में कांग्रेस के वोट शेयर करीब 12 फीसदी की बढ़ोतरी हुई पार्टी को कुल 22.5 फीसदी वोट मिले।

हालांकि आप का दावा है कि लोकसभा चुनाव के मुकाबले विधानसभा चुनाव में उनका प्रदर्शन शानदार रहने वाला है। पार्टी अपने काम के दम पर एक फिर दिल्ली की सत्ता पर काबिज होगी। अपनी जीत के पक्ष में समर्थन देते हुए पार्टी ने कहा कि उन्होंने साल 2015 के विधानसभा चुनाव के दौरान जो वादे किए, वो पूरे किए।

आप सरकार के मुताबिक नई सरकार बनने के लिए बाद शिक्षा के क्षेत्र में खासा काम किया गया और पिछले पांच सालों में शिक्षा बजट को 6,600 करोड़ रुपए से 15,600 करोड़ रुपए तक बढ़ाया गया। स्वास्थ्य बजट 3,500 करोड़ से बढ़ाकर 7,500 करोड़ रुपए किया गया। चार सौ से ज्यादा मोहल्ला क्लीनिक खोले गए। दिल्लीवासियों को 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली की सुविधा दी गई और चार सौ यूनिट बिजली खपत पर बिजली बिल आधा किया गया।

आप सरकार का दावा है कि दिल्ली में पानी के प्रत्येक कनेक्शन को हर महीना बीस हजार लीटर फ्री देने की सुविधा है। नए क्षेत्रों में पानी की पाइपलाइन बिछाईं गईं। 1.4 लाख से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। महिलाओं के लिए बस यात्रा फ्री की गई। सरकार का दावा है कि करीब सौ तरह की सुविधाएं घर-घर जाकर दी गईं। शहर की 11,000 साइटों पर फ्री वाई-फाई की सुविधा दी गई।

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