ताज़ा खबर
 

Delhi Election Results 2020: खता ऐसी कि खाता खुला नहीं, कांग्रेस की अधिकतर सीटों पर जमानत जब्त

Delhi Election/Chunav Results 2020: विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की शिकस्त के बाद दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा ने हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मंगलवार को पद से इस्तीफा दे दिया।

नई दिल्ली | February 12, 2020 1:42 PM
इस विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की अधिकतर सीटों पर जमानत जब्त हो गई है।

Delhi Election Results 2020: दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस इस बार फिर से खाता तक नहीं खोल पाई। यही हाल साल 2015 में हुए विधानसभा चुनाव में रहे थे। कांग्रेस को ऐसी ही करारी हार मिली थी। कांग्रेस को उम्मीद थी कि पांच साल आम आदमी पार्टी के शासनकाल से परेशान दिल्ली की जनता पार्टी पर भरोसा जताएगी। पर इस विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की अधिकतर सीटों पर जमानत जब्त हो गई है। माना जा रहा है कि कांग्रेस की हार की पटकथा उसी दिन लिख दी गई थी, जिस दिन पार्टी आलाकमान ने दिल्ली की बागडोर आधारहीन नेताओं को सौंपी थी।

कांग्रेस आला कमान ने कई महीने की खींचतान के बाद दिल्ली प्रदेश की कमान अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा को सौंपी। बाद में दिल्ली चुनाव अभियान की जिम्मेदारी कीर्ति आजाद झा को सौंपी गई, जिन्होंने भाजपा छोड़ कांग्रेस का हाथ थामा था। वहीं, दिल्ली कांग्रेस के प्रभारी पीसी चाको के कार्यशैली पर भी पार्टी के कई नेताओं ने सवाल खड़े किए थे। पार्टी सूत्रों की माने तो जहां आम आदमी पार्टी और भाजपा चुनाव की तारीखों के एलान पूर्व ही मैदान में कूद गए थे। वहीं, टिकट बंटवारे के बाद भी अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा, कीर्ति आजाद और प्रभारी पीसी चाको ने संयुक्त बैठक कर चुनावी रणनीति पर चर्चा तक नहीं की। यही नहीं, जिस दिन पार्टी ने अपना घोषणापत्र जारी किया था उस दिन चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष कीर्ति आजाद पार्टी कार्यालय में मौजूद नहीं थे।

चोपड़ा ने दिया इस्तीफा

विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की शिकस्त के बाद दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा ने हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मंगलवार को पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मैं अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे रहा हूं। अब आलाकमान को मेरे इस्तीफे पर निर्णय लेना है।
उन्हें पिछले साल अक्तूबर में डीपीसीसी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।

सुभाष चोपड़ा पहले भी 1998 से 2003 तक दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रहे हैं। वह 1998 से 2013 तक लगातार तीन बार कालकाजी विधानसभा सीट से विधायक भी रहे हैं। उन्होंने जून 2003 से दिसंबर 2003 तक दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष की भूमिका निभाई। कांग्रेस का यहां एक बार फिर सूपड़ा साफ हो गया। वह न सिर्फ खाता खोलने में विफल रही, बल्कि 63 सीटों पर तो उसके उम्मीदवारों की जमानत भी जब्त हो गई।

शीला दीक्षित के नेतृत्व में 15 साल तक सत्ता में रही कांग्रेस को पिछली बार की तरह इस बार भी एक भी सीट नहीं मिली। इस बार उसकी इतनी बुरी हालत रही कि कांग्रेस का मत प्रतिशत पांच से नीचे आ गया और 63 सीटों पर उसके उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। बादली, गांधीनगर और कस्तूरबा नगर में उसकी जमानत बची। उसने कुल 66 सीटों पर चुनाव लड़ा था और चार सीटें सहयोगी राजद के लिए छोड़ दी थी। कांग्रेस के प्रवक्ता अनिल भारद्वाज ने कहा कि पार्टी के पदाधिकारी हार की समीक्षा करेंगे। भाजपा और आम आदमी पार्टी पर ध्रुवीकरण का
आरोप लगाया।

Next Stories
1 Delhi Election Results 2020: …तो बंद कर दें प्रदेश कमेटियों की दुकान- कांग्रेस नेता ने AAP को लेकर अपनी ही पार्टी पर साधा निशाना
2 Delhi Election Results 2020: कई भाजपा उम्मीदवारों की हार की हैट्रिक, पूर्व मुख्यमंत्री के भाई भी हारे
3 आप की जीत में बड़ा रोल रहा टैक्सी कारोबारी प्रीति का, मुंबई से दिल्ली आकर किया कैम्प
ये पढ़ा क्या?
X