ताज़ा खबर
 

फिर राम भरोसे बीजेपी? दिल्ली चुनाव से ठीक तीन दिन पहले पीएम मोदी ने फेंका श्रीराम मंदिर ट्रस्ट का ‘ट्रम्प कार्ड’

पीएम के ऐलान के बाद इस पर सियासी रार ठन चुकी है। कांग्रेस ने पीएम के ऐलान की टाइमिंग पर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस के पीएल पुनिया ने कहा कि इसका ऐलान करने में सरकार को तीन महीने क्यों लगे?

दिल्ली विधानसभा चुनाव अभियान के दौरान जनसभा को संबोधित करते नरेंद्र मोदी। (AP Photo)

Delhi Polls 2020: दिल्ली विधान सभा चुनाव के ठीक तीन दिन पहले और चुनाव प्रचार खत्म होने से तीस घंटे पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने नया दांव चला है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक बुधवार (05 फरवरी) को संसद में श्रीराम मंदिर ट्रस्ट बनाने का ऐलान किया। इस ट्रस्ट में 15 सदस्य होंगे। पीएम के ऐलान के साथ ही सांसदों ने लोकसभा में जय श्री राम के नारे लगाए। हालांकि दिल्ली चुनाव से ठीक तीन दिन पहले पीएम मोदी के इस ऐलान पर आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने निशाना साधा है।

ऐलान के मुताबिक इस ट्रस्ट का नाम श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र होगा। पीएम ने कहा, केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में ‘‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र’’ के गठन का प्रस्ताव पारित किया गया, यह ट्रस्ट अयोध्या में भगवान राम मंदिर के निर्माण और उससे संबंधित विषयों पर निर्णय के लिए पूर्ण रूप से स्वतंत्र होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार ने अयोध्या कानून के तहत अधिग्रहीत 67.70 एकड़ भूमि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र को हस्तांतरित करने का भी फैसला किया है। पीएम ने कहा कि मंदिर निर्माण के लिए वृहद योजना तैयारी की गई है। उन्होंने सबका साथ सबका विश्वास की बात दोहराते हुए मुस्लिम पक्ष को भी कोर्ट के आदेश के मुताबिक पांच एकड़ जमीन देने का ऐलान किया है। बतौर पीएम ये ट्रस्ट मंदिर निर्माण से जुड़ा हर फैसला करेगा।

पीएम के ऐलान के बाद इस पर सियासी रार ठन चुकी है। कांग्रेस ने पीएम के ऐलान की टाइमिंग पर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस के पीएल पुनिया ने कहा कि इसका ऐलान करने में सरकार को तीन महीने क्यों लगे? और दिल्ली चुनावों से ठीक पहले ट्रस्ट का ऐलान क्यों किया गया? बता दें कि आठ फरवरी को दिल्ली में सभी 70 सीटों पर विधानसभा चुनाव होने हैं और गुरूवार (06 फरवरी) को चुनाव प्रचार खत्म होने वाले हैं।

2015 के चुनावों में बीजेपी को महज तीन सीटें मिली थीं। इस बार बीजेपी ने दिल्ली फतह करने के लिए मिशन 52 का लक्ष्य रखा है। पीएम मोदी, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, पूर्व अध्यक्ष और गृह मंत्री अमित शाह समेत केंद्रीय मंत्री परिषद के कई मंत्रियों, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और बीजेपी के 200 से ज्यादा सांसद दिल्ली की गलियों में सघन चुनाव प्रचार कर रहे हैं।

तमाम नेता अपनी सभाओं में शाहीनबाग का मुद्दा उठा रहे हैं। अंतिम चरण में पीएम मोदी द्वारा राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट के ऐलान को चुनावों में हिन्दू मतदाताओं के ध्रुवीकरण के लिए बड़ा हथियार मान रहे हैं। एक तरह से कहा जाय तो बीजेपी दिल्ली चुनावों में जीत के लिए फिर से श्रीराम भरोसे हो गई है।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 संसद में पीएम ने किया अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट बनाने का ऐलान, सांसदों ने लगाए जय श्री राम के नारे
2 Delhi Election 2020: आखिरी दौर में 4 मुद्दों को मेनिफेस्टो में शामिल कर चार समुदायों को केजरीवाल ने लुभाया, 5 साल में एक बार भी नहीं की इन पर कभी चर्चा
3 Aaj Ki Baat- 05 Feb | भारत-न्यूजीलैंड के बीच पहला वनडे, ऑटो एक्स्पो व डिफेंस एक्स्पो के आगाज के साथ Coronavirus समेत हर खास खबर Jansatta के साथ
यह पढ़ा क्या?
X