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Delhi Election 2020: 70 में 54-60 सीटें जीत सकती है आप, भाजपा को 10-14 सीटें मिलने का अनुमान, टाइम्स नाउ पोल

Delhi Election 2020: चौंकाने वाली बात है कि इसी सर्वे के मुताबिक सामने आया है कि अगर आज दिल्ली की सातों सीटों पर लोकसभा चुनाव हों तो भाजपा सभी सीटें जीत लेगी। पिछले साल हुए लोकसभा चुनाव में भी भाजपा ने क्लीन स्वीप किया था।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल। (इंडियन एक्सप्रेस फोटो)

Delhi Election 2020: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सत्ता पर काबिज आम आदमी पार्टी (AAP) एक बार फिर बहुमत से सरकार में वापसी कर सकती है। टाइम्स नाऊ द्वारा हाल में कराए गए पोल के मुताबिक आप चुनाव में 54 से 60 सीटों जीतने में कामयाब हो सकती है। भाजपा को 10-14 सीटें और कांग्रेस को दो सीटें तक मिलने की संभावना है। हालांकि चौंकाने वाली बात है कि इसी पोल के मुताबिक सामने आया है कि अगर आज दिल्ली की सातों सीटों पर लोकसभा चुनाव हों तो भाजपा सभी सीटें जीत लेगी। पिछले साल हुए लोकसभा चुनाव में भी भाजपा ने दिल्ली में क्लीन स्वीप किया था।

इप्सोस (Ipsos) द्वारा कराए गए सर्वे के मुताबिक दिल्ली विधानसभा चुनाव में आप को 52 फीसदी, भाजपा को 34 फीसदी वोट मिल सकते हैं। ऐसे में देखा जाए तो मत प्रतिशत के हिसाब आप, भाजपा पर 18 फीसदी की बढ़त बनाए हुए नजर आ रही है। साल 2015 में विधानसभा चुनाव की तुलना करें तो इस चुनाव में आप के वोट शेयर में मामूली बदलाव हो सकता है, यानी पार्टी को करीब 2.5 फीसदी वोटों का नुकसान उठाना पड़ सकता है। चुनाव में भाजपा को 1.7 फीसदी वोट शेयर का लाभ हो सकता है।

सर्वे के मुताबिक चुनाव में आप को (54-60 सीट, 52 फीसदी वोट), भाजपा को (10-14 सीट, 34 फीसदी वोट), कांग्रेस (0-2 सीट, 4 फीसदी वोट) मिल सकते हैं। इसी तरह सर्वे के मुताबिक अगर आज लोकसभा चुनाव होते हैं तो भाजपा को 46 फीसदी और आप को 38 फीसदी वोट मिल सकते हैं। हाालंकि इतने छोटे अंतर से बढ़ोतरी हासिल करने के बाद भी भाजपा दिल्ली में क्लीन स्वीप कर सकती है। सर्वे के मुताबिक नरेंद्र मोदी पीएम पोस्ट के लिए अभी भी दिल्लीवासियों के सबसे प्रिय नेता बने हुए हैं। पोल में 75 फीसदी लोगों ने नरेंद्र मोदी को और 8 फीसदी लोगों ने राहुल गांधी को पीएम पद के लिए अपना पसंदीदा नेता माना है।

टाइम्स नाऊ के पोल में नागरिकता संशोधन कानून पर भी लोगों की राय ली गई। इसमें 71 फीसदी लोगों का माना है कि मोदी सरकार ने सही निर्णय लिया है। इसके अलावा 52 फीसदी लोगों ने शाहीन बाग की मुख्य सड़क को जाम किए जाने को गलत बताया है। हालांकि 25 फीसदी लोगों ने प्रदर्शनकारियों के साथ होने की बात कही। वहीं 24 फीसदी लोगों ने कोई स्पष्ट राय नहीं दी।

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