दिल्ली में मंगलवार को स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया शुरू हुई। इसके साथ ही बूथ-लेवल अधिकारी (BLOs) जनगणना फॉर्म बांटने के लिए अलग-अलग इलाकों में पहुंचे। चुनाव आयोग के वोटर वेरिफिकेशन अभियान के तहत, 13 हजार से ज्यादा BLOs ने दिल्ली के 70 विधानसभा क्षेत्रों में घर-घर जाकर यह काम शुरू किया। यह अभियान 29 जुलाई तक चलेगा।

BLOs का कहना है कि आने वाले दिनों में यह काम और मुश्किल हो सकता है क्योंकि निवासियों को ढूंढना और हर घर तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण होगा। फॉर्म बांटने का काम कर रहे BLO महेंद्र कुमार ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत के दौरान कि फील्ड में होने वाला काम अब अपने आखिरी चरण में पहुंच गया है जिसमें अधिकारी घरों में जाकर जनगणना फॉर्म (Enumeration Forms) सौंप रहे हैं। उन्होंने कहा, “SIR का आखिरी चरण आज शुरू हो गया है। हमें घर-घर जाकर बांटने के लिए जनगणना फॉर्म दिए गए हैं।” उन्होंने बताया कि दिल्ली में SIR के पहले चरण के दौरान उन्होंने अपने पोलिंग बूथ के तहत आने वाले इलाके का मैप तैयार किया था।

BLO बोले- सही पते ढूंढना चुनौती

बाबरपुर विधानसभा क्षेत्र के सुभाष मोहल्ला में तैनात एक और BLO ने पीटीआई को बताया कि यह काम सुबह करीब 10 बजे शुरू हुआ और इसमें काफी मेहनत लगती है। उन्होंने कहा, “हमने आज सुबह करीब 10 बजे फॉर्म बांटना शुरू किया और यह काम काफी थका देने वाला रहा है। इस इलाके में मिली-जुली आबादी है और ज्यादातर पक्के मकान हैं लेकिन सही पते ढूंढना अक्सर चुनौती होती है। कई मामलों में लोग घर पर नहीं होते या बार-बार दरवाजा खटखटाने पर भी कोई जवाब नहीं देते इसलिए हमें बाद में वापस आना पड़ता है।”

BLO ने कहा कि यह इस काम का पहला ही दिन है इसलिए आने वाले दिनों में काम और मुश्किल हो सकता है क्योंकि हम कोशिश कर रहे हैं कि हर घर तक पहुंचा जाए। लोगों ने बताया कि BLO उन्हें फॉर्म समझने और जरूरी जानकारी भरने में मदद कर रहे थे। एक निवासी ने कहा, “BLO ने हमें फ़ॉर्म के बारे में समझाया और उसे भरने में हमारी मदद की। हमें एक कॉन्टैक्ट नंबर भी दिया गया है ताकि अगर हमें और मदद की जरूरत हो तो हम अधिकारी से संपर्क कर सकें।”

वेरिफिकेशन के लिए 13 हजार से अधिक बीएलओ तैनात

अधिकारियों ने बताया कि बीएलओ को निर्देश दिया गया है कि वे सुबह और शाम के समय जब लोग घर पर मौजूद हों, घर-घर जाकर वेरिफिकेशन करें। इसके लिए शनिवार और रविवार को भी अभियान चलाया जाएगा। घर-घर सर्वे के दौरान अगर कोई घर बंद मिलता है तो संबंधित बीएलओ वहां कम से कम तीन बार जाएगा। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय के अधिकारियों के अनुसार, एक महीने तक चलने वाले घर-घर मतदाता सत्यापन अभियान के लिए 13,000 से अधिक बीएलओ तैनात किए गए हैं।

बीएलओ प्रत्येक मतदाता को जनगणना फॉर्म की दो कॉपी देंगे

दिल्ली में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल भी अपने बूथ स्तरीय एजेंटों (BLA) के माध्यम से इस घर-घर सर्वे में भाग ले रहे हैं ताकि लोगों को फॉर्म भरने और जमा कराने में सहायता मिल सके। दिल्ली में 7 लोकसभा क्षेत्रों और 70 विधानसभा क्षेत्रों के अंतर्गत 13,033 मतदान केंद्र हैं। एसआईआर के दौरान बीएलओ प्रत्येक मतदाता को जनगणना फॉर्म की दो कॉपी देंगे जिन्हें 2002 में हुए पिछले एसआईआर के आधार पर अपनी जानकारी भरनी होगी। इनमें से एक कॉपी मतदाता के पास रहेगी जबकि दूसरी बीएलओ को वापस करनी होगी।

गणना फॉर्म के साथ कोई दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं है। हर मतदाता को यह फॉर्म भरना होगा ताकि 7 अक्टूबर 2026 को जारी होने वाली अंतिम मतदाता सूची में उनके नाम शामिल हो सकें। सीईओ कार्यालय के मुताबिक जो लोग जनगणना फॉर्म नहीं भरेंगे, उनके नाम 5 अगस्त को जारी होने वाली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटा दिए जाएंगे।

दिल्ली में कुल 1.45 करोड़ मतदाता हैं जिनमें 77.11 लाख पुरुष और 67.98 लाख महिला मतदाता शामिल हैं। थर्ड जेंडर के मतदाताओं की संख्या 1,024 है जबकि दिव्यांग मतदाताओं की संख्या 76,155 है। अगर कोई मतदाता 2002 के बाद दिल्ली में आकर बस गया है तो उसे अपने मूल राज्य में हुई पिछली एसआईआर की जानकारी भी फॉर्म में भरनी होगी, जहां वह पहले मतदाता के रूप में रजिस्टर्ड था। सभी राज्यों की मतदाता सूचियां निर्वाचन आयोग के पोर्टल पर उपलब्ध हैं। मतदाता अपने जनगणना फॉर्म का विवरण ऑनलाइन भी जमा कर सकते हैं।

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