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दिल्ली सरकार के पास नहीं होगी फैसले की शक्ति, मनीष सिसोदिया बोले- गुपचुप तरीके से बढ़ाए LG के अधिकार

एक रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय कैबिनेट ने नेशनल कैपिटल टेरिटरी (संशोधन) एक्ट, 2021 को मंजूरी दे दी है, इसके तहत दिल्ली के एलजी की ताकत बढ़ाने का प्रस्ताव है।

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र नई दिल्ली | Updated: February 4, 2021 3:48 PM
Delhi, Manish Sisodia, LGदिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया।

केंद्रीय कैबिनेट ने नेशनल कैपिटल टेरिटरी ऑफ दिल्ली (संशोधन) विधेयक, 2021 में कुछ प्रस्तावित बदलावों को मंजूरी दे दी है। इसके जरिए केंद्र सरकार लेफ्टिनेंट गवर्नर को ज्यादा ताकत देने की योजना बना रही है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में गुरुवार को यह खुलासा हुआ। अब इस पर दिल्ली की चुनी हुई सरकार ने रोष जाहिर किया है। दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि केंद्र सरकार अब दिल्ली के काम रोकने की कोशिश कर रही है।

सिसोदिया ने कहा, “आज कुछ मीडिया रिपोर्ट से पता चला कि केंद्र सरकार ने कल बहुत गोपनीय तरीके से दिल्ली में चुनी हुई सरकार के मुख्यमंत्री और मंत्रियों के अधिकार कम करके उनको उपराज्यपाल को देने का एक कानून पास किया है। सरकार को बनाने के कानून (GNCTD एक्ट) में बदलाव करके केंद्र सरकार अब उपराज्यपाल को इतनी शक्ति देने जा रही है कि वो दिल्ली की चुनी हुई सरकार के काम रोक सकें।”

दिल्ली के डिप्टी सीएम ने भाजपा को घेरते हुए कहा, “दिल्ली की जनता ने तीन चुनावों में कहा है कि हमको भारतीय जनता पार्टी की गवर्नेंस नहीं चाहिए दिल्ली में, अब यह पीछे के दरवाजे से आकर दिल्ली में संविधान के खिलाफ सरकार चलाना चाहते हैं। दिल्ली की चुनी हुई सरकार के पास अब फैसले लेने की शक्ति नहीं होगी।”

सिसोदिया के इन आरोपों पर अब तक केंद्र की तरफ से कोई बयान नहीं आया है। हालांकि, द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्तावित संशोधन में कहा गया है कि दिल्ली की चुनी हुई सरकार को कोई भी विधायी प्रस्ताव उपराज्यपाल को कम से कम 15 दिन पहले भेजना होगा, ताकि उस पर एलजी की राय हासिल की जा सके और बदलाव लागू होने में हो रही देरी को खत्म किया जा सके।

इतना ही नहीं प्रस्तावित संशोधन में कुछ विधेयक शामिल होंगे, जिनके जरिए दिल्ली विधानसभा के दायरे से बाहर आने वाले मुद्दों को सिर्फ एलजी ही राष्ट्रपति के सामने पेश कर पाएंगे। बताया गया है कि यह संशोधन बेहतर शासन और सरकार-एलजी के बीच टकराव रोकने के मकसद से लाए गए हैं। माना जा रहा है कि सरकार इस बजट सत्र में ही नेशनल कैपिटल टेरिटरी (संशोधन) एक्ट, 2021 को संसद में पास करा लेना चाहती है।

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