दिल्ली के कालकाजी इलाके में एक नाबालिग के साथ हुई गैंगरेप की घटना के बाद राजधानी के पार्कों का इंटरनल ऑडिट किया गया जिसमें कई खामियां सामने आई हैं। यह ऑडिट दिल्ली के एक DDA पार्क में 17 साल की लड़की के साथ गैंगरेप की घटना के बाद कराया गया। गैंगरेप की यह घटना 21 सितंबर को आस्था कुंज पार्क में हुई थी।
इस ऑडिट ने दिल्ली के पार्कों में सिक्योरिटी की सारी पोल खोल दी है। ऑडिट में सामने आया है कि DDA के अधीन आने वाले पार्कों में सिर्फ 2 फीसदी ही पार्क ऐसे हैं जहां सीसीटीवी कैमरे लगे हैं।
190 पार्क ‘हाई रिस्क’ श्रेणी में
ऑडिट की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली विकास प्राधिकरण के 736 पार्कों में से सिर्फ 16 पार्कों में ही CCTV कैमरे काम करने की स्थिति में पाए गए। यानी करीब दो फीसदी पार्क ही फिलहाल CCTV निगरानी के दायरे में हैं। DDA ने 736 पार्कों में से 190 को तो ‘हाई रिस्क’ श्रेणी में रखा है यानी कि सुरक्षा के लिहाज से यह पार्क बिल्कुल भी सेफ नहीं हैं। ऑडिट की रिपोर्ट के मुताबिक, 258 पार्कों को ‘मीडियम रिस्क’ और 288 पार्कों को ‘लो रिस्क’ कैटेगरी में रखा गया है।
हाई रिस्क वाली श्रेणी का पैमाना
DDA के अधिकारियों के मुताबिक, हाई रिस्क पार्कों की पहचान करते समय कई पहलुओं को ध्यान में रखा गया। इनमें रात के समय पार्क में अनधिकृत प्रवेश करना, स्थानीय स्तर पर उपद्रव, अतिक्रमण, अपराध की घटनाओं वाले आसपास के इलाके, घने जंगल या झाड़ियों वाले क्षेत्र और पार्क में ड्रग्स से संबंधित गतिविधियां होनी शामिल हैं।
हाई रिस्क वाली श्रेणी के पार्क
इस ऑडिट रिपोर्ट में हाई रिस्क श्रेणी में जिन पार्कों को डाला गया है उनमें कालकाजी इलाके का आस्था कुंज पार्क तो सबसे पहले आता है। इसके अलावा हस्तसाल का ग्रीन एरिया, डिस्ट्रिक्ट पार्क हौज खास, मां आनंदमयी मार्ग का ग्रीन एरिया, संजय झील, जहांपनाह सिटी फॉरेस्ट, रिज और जंगल के क्षेत्र तथा यमुना के बाढ़ क्षेत्र के किनारे स्थित कुछ बायोडायवर्सिटी पार्क शामिल हैं।
323 पार्कों में CCTV कैमरे लगाने की तैयारी
ऑडिट की रिपोर्ट के बाद DDA ने 323 ऐसे पार्कों की पहचान की है, जहां नए CCTV कैमरे लगाए जाने की जरूरत है। इसका उद्देश्य संवेदनशील और बड़े पार्कों में निगरानी व्यवस्था को मजबूत करना है। पार्कों में रोशनी की कमी भी एक बड़ी समस्या के रूप में सामने आई है। DDA ने 520 पार्कों में ऐसे ‘डार्क स्पॉट’ की पहचान की है जहां अतिरिक्त या बेहतर लाइटिंग की जरूरत है। इनमें से 231 पार्कों में तत्काल लाइटिंग व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
163 पार्कों में एंट्री गेट से जुड़ी समस्या
इस रिपोर्ट में 163 पार्क ऐसे सामने आए हैं जहां पार्क के एंट्री गेट पर ही कोई न कोई खामी सामने आई है। DDA के मुताबिक, कुछ जगहों पर ऐसे गेट हैं जिन्हें लॉक किया जा सकता है, लेकिन वे नियमित रूप से लॉक नहीं होते। ऐसे गेटों को सुरक्षित और लॉक होने वाली व्यवस्था में बदलने की जरूरत बताई गई है। इसके अलावा 399 पार्कों में बाउंड्री से जुड़ी कमजोरियां पाई गईं। इनमें से 233 पार्कों में गायब ग्रिल या बाउंड्री से संबंधित काम को ठीक किए जाने की जानकारी DDA ने दी है।
यह भी पढ़ें: ‘10 से ज्यादा लोग हैं तो उठा लो…’ जंतर-मंतर पर जुटे प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए दिल्ली पुलिस ने क्या तरीका निकाला?
गांधी जयंती के दिन दिल्ली के जंतर-मंतर पर वोटर लिस्ट के एसआईआर में कथित अनियमितताओं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान सैकड़ों लोगों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया। हालांकि प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली पुलिस पहले से ही अलर्ट थी, दिल्ली में सुरक्षा कड़ा कर दी गई थी। यहां पढ़ें पूरी खबर…
