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CJI रंजन गोगोई के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली सुप्रीम कोर्ट की पूर्व महिला कर्मचारी के खिलाफ केस बंद

गौरतलब है कि 31 साल के नवीन कुमार ने सुप्रीम कोर्ट में नौकरी दिलाने के बहाने महिला पर 50,000 रुपये लेने का आरोप लगाया था।

Author Published on: September 19, 2019 9:50 AM
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई। (indian express)

दिल्ली की अदालत ने सुप्रीम कोर्ट की एक पूर्व कर्मचारी के खिलाफ धोखाधड़ी के एक मामले में आपराधिक कार्यवाही बंद कर दी है। यह पहल दिल्ली पुलिस द्वारा क्लोजर रिपोर्ट दायर करने के बाद अमल में लाई गई है। मामले में शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि वह आगे कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करना चाहते। महिला कर्मचारी ने अप्रैल में भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के खिलाफ “यौन उत्पीड़न और परिणामस्वरूप पीड़ित होने” के आरोप लगाए थे। हालांकि, मई में सुप्रीम कोर्ट की एक इन-हाउस जांच समिति ने CJI को क्लीन चिट दे दी थी, जिसका निष्कर्ष यह निकला कि महिला कर्मचारी के यौन उत्पीड़न के आरोपों में “कोई ठोस सबूत नहीं मिले”।

चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट (सीएमएम) मनीष खुराना ने पिछले हफ्ते दायर दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया और धोखाधड़ी के मामले में हरियाणा के 31 वर्षीय शिकायतकर्ता नवीन कुमार की उपस्थिति की मांग की थी। अदालत के निर्देशों के बाद कुमार 16 सितंबर को जांच अधिकारी इंस्पेक्टर मुकेश अंतिल के साथ CMM के समक्ष उपस्थित हुए। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ द्वारा 16 सितंबर के आदेशों में पाया गया, ” (जज के समक्ष कहा कि) वह इस मामले में पुलिस द्वारा की गई जांच से संतुष्ट हैं।” अदालत ने कहा, “उन्होंने (कुमार) ने यह भी कहा कि वह कोई विरोध याचिका दायर नहीं करना चाहते हैं और इसलिए क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार किया जा सकता है। क्योंकि, वह वर्तमान मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहते हैं। अदालत ने कहा कि इस संबंध में शिकायतकर्ता का बयान दर्ज किया गया है।”

गौरतलब है कि कुमार ने सुप्रीम कोर्ट में नौकरी दिलाने के बहाने महिला पर 50,000 रुपये लेने का आरोप लगाया था। कुमार ने पहले द इंडियन एक्सप्रेस को बताया था, “यह मेरा निजी मामला और निर्णय है। मैं आगे कोई कार्रवाई नहीं करना चाहता और मुझ पर कोई दबाव नहीं है। यह मेरी निजी पसंद है, किसी को भी मेरी चिंता नहीं करनी चाहिए।” जबकि महिला से संपर्क नहीं किया जा सका, उसके पति ने कहा था, “मुझे क्लोजर रिपोर्ट के बारे में पता नहीं है। आखिरी बात जो मुझे पता है कि अदालत ने मेरी पत्नी की जमानत रद्द करने के उनके आवेदन को खारिज कर दिया।”

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