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नरेंद्र मोदी ने दिया था टास्क, एक को छोड़ किसी मंत्री ने नहीं किया पूरा, पीएम ने मांगी सबकी रिपोर्ट

बुधवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में जब मोदी ने पूछा कितने मंत्रियों ने दलितों के गांव में वक्त गुजारा तो कई मंत्रियों को शर्मिंदा होना पड़ा। मोदी ने मंत्रियों की एक टीम को निर्देश दिया है कि वे बीजेपी सांसदों की गतिविधियों की एक रिपोर्ट उनके पास दाखिल करें।

Author नई दिल्ली | April 27, 2018 11:26 AM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। फोटो- पीटीआई

दलित समुदाय की कथित तौर पर बीजेपी से नाराजगी को दूर करने और 2019 आम चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर पीएम नरेंद्र मोदी ने कुछ वक्त पहले पार्टी नेताओं को एक अहम निर्देश दिया था। मोदी ने कहा था कि वे दलित बहुल इलाकों में जाएं और वहां रात गुजारें। हालांकि, ऐसा लगता नहीं कि बीजेपी नेताओं पर इस बात का कोई असर पड़ा। बुधवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में जब मोदी ने पूछा कितने मंत्रियों ने दलितों के गांव में वक्त गुजारा तो वहां मौजूद कई मंत्रियों को शर्मिंदा होना पड़ा।

सूत्रों के मुताबिक, सिर्फ राधा मोहन सिंह ही ऐसे मंत्री थे, जिन्होंने इस निर्देश का पालन किया। बाकी मंत्रियों ने पीएम को भरोसा दिलाया कि वह ग्राम स्वराज अभियान से पहले दलित गांवों में जाने का काम पूरा कर लेंगे। बता दें कि पीएम मोदी 14 अप्रैल से ग्राम स्वराज अभियान की शुरुआत कर रहे हैं। यह 5 मई तक चलेगा। मोदी ने मंत्रियों की एक टीम को निर्देश दिया है कि वे अभियान के दौरान बीजेपी सांसदों की गतिविधियों की एक रिपोर्ट उनके पास दाखिल करें।

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बता दें कि मोदी की इस कवायद का मकसद कथित तौर पर बीजेपी के प्रति कमजोर पड़ रहे दलित समुदाय के विश्वास को दोबारा से हासिल करना है। हाल ही में एससी-एसटी एक्ट के प्रावधानों में बदलाव को लेकर हुए आंदोलन और पार्टी के अंदर ही कई दलित सांसदों की नाराजगी के बाद बीजेपी आलाकमान बेहद सतर्क हो उठा है। पीएम मोदी और बीजेपी भले ही कांग्रेस पर विभाजनकारी राजनीति करने का आरोप लगा रहे हों, लेकिन असलियत यही है कि वे दलितों के कथित गुस्से को लेकर डैमेज कंट्रोल में जुटे हुए हैं।

कुछ वक्त पहले ही बीजेपी संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पार्टी सांसदों एवं मंत्रियों से दलितों एवं आदिवासियों की अच्छी खासी आबादी वाले गांव में जाने और सरकार की जन कल्याण योजनाओं की जानकारी देने को कहा था। मोदी की योजना है कि बीजेपी के सांसद और बाकी नेता 14 अप्रैल से 5 मई के बीच करीब 21 हजार ऐसे गांवों में रात गुजारेंगे जहां अनुसूचित जाति और जनजाति समुदाय की आबादी 50 प्रतिशत से अधिक है। पार्टी के नेता समुदाय के लोगों को केंद्र की विभिन्न जनकल्याण योजनाओं के बारे में जानकारी देंगे।

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