दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को हुए हादसे के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता एक्शन मोड में हैं। रविवार को ही करीब 3 घंटे घटनास्थल पर बिताने के बाद मुख्यमंत्री ने हालात का काफी करीब से जायजा लिया। इसके बाद सीएम अस्पताल में घायलों से मिलने भी पहुंची थीं। फिर सोमवार को हाई लेवल मीटिंग भी बुलाई और फिर MCD के डिप्टी कमिश्नर समेत कई अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया। इस बीच रेखा गुप्ता सरकार ने दिल्ली में बिना इजाजत पांच मंजिला वाली इमारतों को तुरंत सील करने का आदेश दिया है।

सरकार के इस आदेश के पीछे की वजह यही है कि नगर निगम के अधिकारी दिल्ली में खतरनाक और जर्जर हो चुकी इमारतों की पहचान के लिए सर्वे करने की तैयारी में जुटे हैं। MCD के नॉर्थ वेस्ट जोन ने सोमवार को एक आदेश जारी किया जिसमें अधिकारियों को ऐसी इमारतों के खिलाफ दिल्ली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (DMC) एक्ट के तहत तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।

क्या कहा रेखा गुप्ता ने?

सत्य निकेतन हादसे के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है। सोमवार को सीएम ने X पर एक पोस्ट में कहा, “पूरी दिल्ली में बिना इजाजत पांच मंजिला वाली इमारतों को तुरंत सील करने का आदेश दिया गया है।” रेखा गुप्ता ने आगे कहा, “आस-पास के PG और बिल्डिंग्स की भी अच्छी तरह से जांच की जा रही है। नियम तोड़ने पर सीलिंग समेत सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

नॉर्थ वेस्ट जोन ने जूनियर इंजीनियरों को दिया आदेश

MCD के नॉर्थ वेस्ट जोन के डिप्टी कमिश्नर की ओर से जारी एक आदेश में जूनियर इंजीनियरों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि बिल्डिंग मालिक और बिल्डर एमसीडी के मंजूर प्लान का पालन करें और यूनिफाइड बिल्डिंग बाय-लॉज, 2016 और दिल्ली के मास्टर प्लान के तहत बताई गई सभी सावधानियां बरतें।

नॉर्थ वेस्ट जोन आदेश में कहा गया है कि दिल्ली में हाल के दिनों में कई बिल्डिंग गिरने की घटनाएं हुई हैं और कहा गया है कि खतरनाक बिल्डिंग्स का सर्वे बिल्डिंग डिपार्टमेंट के अधिकार क्षेत्र में आता है।

आदेश में जूनियर इंजीनियरों को बिना इजाजत वाले इलाकों में नए सर्वे करने का निर्देश दिया गया है ताकि उन स्ट्रक्चर्स की पहचान की जा सके जो खराब हो गए हैं या जिनकी स्ट्रक्चरल लाइफ खत्म हो गई है। ऐसी इमारतों की पहचान करके उन पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। ऑर्डर में लिखा है कि इस मामले में जरा सी भी ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

दिल्ली में इमारतों को लेकर क्या है नियम?

दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी (DDA) के 2016 के बिल्डिंग बायलॉज के मुताबिक, 17.5 मीटर की ऊंचाई एक सामान्य इमारत और हाई-राइज बिल्डिंग के बीच महत्वपूर्ण ऊंचाई सीमा मानी जाती है। इस हाईट के भीतर स्टिल्ट पार्किंग के साथ अधिकतम चार मंजिलें बनाई जा सकती हैं। यानी कुल पांच मंजिला ढांचा हो सकता है, जबकि बिना स्टिल्ट वाली इमारत की अधिकतम ऊंचाई 15 मीटर निर्धारित है।

अधिकारियों के मुताबिक, 17.5 मीटर की सीमा पार करते ही निर्माण पर अतिरिक्त और कड़े नियम लागू हो जाते हैं। ऐसे भवनों में फायर इंजन की आवाजाही के लिए पर्याप्त खुली जगह, अधिक सख्त स्ट्रक्चरल मानकों का पालन और दिल्ली फायर सर्विस से जरूरी क्लीयरेंस लेना अनिवार्य हो जाता है।

यह भी पढ़ें: ‘इस सरकार को नाकारा मानता हूं’, CA बनने का सपना लेकर दिल्ली पहुंचा युवराज अब इस दुनिया में नहीं रहा; परिवार का बुरा हाल

दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए बिल्डिंग हादसे का दर्द उन 7 परिवारों से बेहतर कोई नहीं समझ सकता जिन्होंने अपनों को इस हादसे में खो दिया। इस घटना में 7 लोगों की मौत हुई जिसमें 5 स्टूडेंट शामिल हैं। मृतकों में छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के रहने वाले युवराज सोनी का नाम भी है। युवराज मोतीलाल नेहरू कॉलेज में B.Com सेकंड ईयर के स्टूडेंट थे। यहां पढ़ें पूरी खबर…