Delhi Aftercare Scheme: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को ‘युवाओं के लिए आफ्टरकेयर योजना’ की घोषणा करते हुए कहा कि सरकार की जिम्मेदारी अनाथों और बाल देखभाल संस्थानों में बच्चों को आश्रय और संरक्षण प्रदान करने तक ही सीमित नहीं है।

मदर्स डे के मौके पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “मदर्स डे हमें याद दिलाता है कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षा, देखभाल, मार्गदर्शन और जीवन में आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए।” उन्होंने आगे बताया कि इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक बच्चा और युवा वयस्क परित्यक्त या असमर्थित महसूस किए बिना एक सुरक्षित, गरिमापूर्ण और आत्मनिर्भर भविष्य का निर्माण कर सके।

सरकारी योजना की दी जानकारी

सरकार ने चालू वित्त वर्ष में इस योजना के लिए 3.5 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। दिल्ली सरकार के अनुसार, दिल्ली में हर साल लगभग 150 से 200 युवा 18 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद बाल देखभाल संस्थानों को छोड़ देते हैं और उनमें से कई को आगे की शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और स्वतंत्र जीवन शुरू करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

मुख्यमंत्री ने रेखा गुप्ता ने कहा कि इनमें से कई को पारिवारिक सहयोग या सुरक्षित वातावरण नहीं मिल पाता है। उन्होंने आगे कहा कि प्रायोजन और पालक देखभाल कार्यक्रमों के तहत सहायता प्राप्त करने वाले बच्चों और युवाओं को भी वयस्कता में प्रवेश करते समय मार्गदर्शन, शिक्षा, कौशल विकास और पुनर्वास सहायता की आवश्यकता होती है।

कौशल विकास के मिलेंगे अवसर

रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का दृष्टिकोण संस्थागत देखभाल से परे है और बच्चों को जीवन के लिए तैयार करने पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक बच्चे और युवा को एक सुरक्षित, गरिमापूर्ण और आत्मनिर्भर भविष्य बनाने का अवसर मिले। यह योजना किशोर न्याय (देखभाल एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 के तहत लाई की गई है।

इसके अंतर्गत लाभार्थियों को उच्च शिक्षा और कॉलेज की पढ़ाई के लिए सहायता के साथ-साथ कौशल विकास और व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों तक पहुंच प्राप्त होगी। सरकार लाभार्थियों के लिए इंटर्नशिप और रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि इस योजना में मासिक वजीफा, परामर्श, मार्गदर्शन, पुनर्वास और आपातकालीन सहायता शामिल है। लाभार्थियों की पहचान आवश्यकता-आधारित आकलन के माध्यम से की जाएगी और प्रत्येक लाभार्थी के लिए व्यक्तिगत देखभाल योजना तैयार की जाएगी।

विलेज कॉटेज होम में पहुंचीं सीएम

मुख्यमंत्री ने रविवार को लाजपत नगर स्थित विलेज कॉटेज होम का दौरा किया और महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित इस केंद्र में बच्चों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि दिल्ली में वर्तमान में सरकार और गैर सरकारी संगठनों द्वारा संयुक्त रूप से संचालित 88 बाल देखभाल संस्थान हैं, जो 18 वर्ष तक के बच्चों को देखभाल, शिक्षा, पुनर्वास और संरक्षण प्रदान करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर में दो आफ्टरकेयर होम भी हैं जहां 18 वर्ष से अधिक आयु के युवा वयस्कों को स्वतंत्र जीवन की ओर बढ़ने में मदद करने के लिए आवास, भोजन और शैक्षिक सहायता प्रदान की जाती है।

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